मेटा ने फेसबुक पर लॉन्च किया योर एल्गोरिद्म टूल, सामान्य भाषा लिखकर तय कर सकेंगे अपनी फीड मेटा ने फेसबुक यूजर्स को अपनी फीड और रील्स पर नियंत्रण देने के लिए नया एआई टूल पेश किया है, जिसकी मदद से लोग अपनी पसंद लिखकर सिफारिशों को सीधे बदल सकते हैं। सोशल मीडिया पर दिखने वाली सामग्री को मनमुताबिक ढालने के लिए मेटा ने एक नया कदम उठाया है। फेसबुक पर अब उपयोगकर्ताओं को एक विशेष कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई संचालित सुविधा दी जा रही है, जिसका नाम 'योर एल्गोरिद्म' रखा गया है। मंगलवार को सामने आई इस व्यवस्था के तहत लोग अपनी सामान्य बोलचाल की भाषा में यह स्पष्ट कर सकते हैं कि वे अपनी फीड और रील्स में किस तरह की सामग्री अधिक देखना चाहते हैं और किन विषयों से दूरी बनाना पसंद करेंगे। पूरी तरह स्वचालित सिफारिशों पर निर्भर रहने के बजाय अब हर व्यक्ति सीधे तौर पर इस प्रणाली को अपने निर्देश दे सकता है। फीड और रील्स में तत्काल दिखेगा बदलाव इस नई व्यवस्था का प्राथमिक उद्देश्य उपयोगकर्ताओं को उनकी रुचि के अनुसार अधिक प्रासंगिक सामग्री उपलब्ध कराना है। रैंकिंग और सिफारिशें तैयार करने वाले एल्गोरिद्म के साथ उपयोगकर्ता सीधे संवाद स्थापित कर सकते हैं। मेटा के अनुसार, जब कोई व्यक्ति अपनी पसंद या नापसंद में बदलाव दर्ज करेगा, तो उसका प्रभाव सिफारिशों पर तुरंत और वास्तविक समय में नजर आने लगेगा। इससे मंच पर अनावश्यक या अरुचिकर पोस्ट्स की संख्या में तेजी से कमी आएगी। थ्री-डॉट मेन्यू और फीडबैक में हुए सुधार व्यक्तिगत पोस्ट के स्तर पर प्राथमिकताओं को प्रबंधित करना अब काफी आसान बना दिया गया है। कंपनी ने फेसबुक के पारंपरिक थ्री-डॉट मेन्यू को नया रूप दिया है। किसी भी पोस्ट के इस मेन्यू को खोलते ही सीधे 'योर एल्गोरिद्म' तक पहुंचा जा सकता है। इसके अलावा वहीं पर 'इंटरेस्टेड' और 'नॉट इंटरेस्टेड' के विकल्प भी दिए गए हैं, ताकि यूजर यह बता सकें कि कोई पोस्ट उनकी पसंद से मेल खाती है या नहीं। इतना ही नहीं, प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ताओं से कुछ अनुवर्ती सवाल भी पूछ सकता है ताकि यह गहराई से समझा जा सके कि उन्हें कोई सामग्री क्यों पसंद आई या क्यों नहीं। इस विस्तृत प्रतिक्रिया के जरिए लोग अपनी जरूरतों को विस्तार से समझा सकेंगे, जिससे फेसबुक अपनी सिफारिश प्रणाली को अधिक सटीक बना सकेगा। पारंपरिक सोशल मीडिया सिफारिशों से अलग रुख 'योर एल्गोरिद्म' की शुरुआत सोशल मीडिया मंचों पर उपयोगकर्ताओं को अधिक अधिकार देने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। कई वर्षों से सोशल मीडिया का अनुभव तय करने वाली पारंपरिक सिफारिश प्रणालियों से यह एक बड़ा बदलाव है। यह व्यवस्था अब काफी हद तक आधुनिक स्ट्रीमिंग सेवाओं जैसी बनती जा रही है, जहां दर्शक अपनी पसंद और प्राथमिकताओं के आधार पर सूची तैयार करते हैं। यह नया कदम मेटा द्वारा अपने अन्य मंचों पर पहले से चलाए जा रहे व्यक्तिगत प्रयासों की अगली कड़ी है। इससे पहले इंस्टाग्राम पर इस सुविधा को लाया गया था। इंस्टाग्राम ने दिसंबर 2025 में रील्स के लिए इसे शुरू करने के बाद जून में फीड और एक्सप्लोर तक विस्तार दिया था। इसी तरह थ्रेड्स पर भी 'डियर एल्गो' नाम से एक मिलता-जुलता एआई फीचर पेश किया जा चुका है, जो उपयोगकर्ताओं को अपनी पसंद के आधार पर मंच संचालित करने की अनुमति देता है। इसका आप पर असर फेसबुक पर आने वाली पोस्ट और रील्स पर उपयोगकर्ताओं को अपनी पसंद और नापसंद तय करने का सीधा अधिकार मिल जाएगा। • फीड नियंत्रण: उपयोगकर्ता अपनी भाषा में लिखकर यह बता सकते हैं कि वे कौन से विषय देखना चाहते हैं। इससे अनचाहे और भ्रामक वीडियो या पोस्ट्स को स्क्रीन से हटाना बहुत आसान हो जाएगा। • समय की बचत: सीधे निर्देश देने की सुविधा से एल्गोरिद्म को यूजर की रुचि समझने में हफ्तों का समय नहीं लगेगा। बदलाव रियल टाइम में लागू होने से समय की बचत होगी और काम की जानकारी पहले दिखेगी। • थ्री-डॉट मेन्यू: हर पोस्ट पर उपलब्ध मेन्यू से तुरंत अपनी पसंद दर्ज की जा सकेगी। इससे उपयोगकर्ता को लंबी सेटिंग्स में जाए बिना केवल दो क्लिक में अपनी सामग्री को व्यवस्थित करने का मौका मिलेगा। • मल्टी-प्लेटफॉर्म अनुभव: यदि आप इंस्टाग्राम या थ्रेड्स का भी इस्तेमाल करते हैं, तो यह सुविधा आपको एक जैसा नियंत्रण देगी। सभी सोशल मीडिया मंचों पर अपनी रुचि के अनुकूल सामग्री देखना अब काफी सरल हो जाएगा। ऐसा क्यों हुआ पारंपरिक सोशल मीडिया एल्गोरिद्म पूरी तरह से यूजर के क्लिक और स्क्रीन पर बिताए गए समय के अनुमानों पर निर्भर रहते थे, जिससे अक्सर अप्रासंगिक और परेशान करने वाली सामग्री सामने आती थी। उपयोगकर्ताओं की मांग और एआई के प्रसार ने प्लेटफॉर्म्स को प्रत्यक्ष नियंत्रण देने पर मजबूर किया है। • सीधे नियंत्रण की मांग: लंबे समय से उपयोगकर्ता केवल अनुमान आधारित एल्गोरिद्म के बजाय स्पष्ट नियंत्रण की मांग कर रहे थे। निष्क्रिय व्यूइंग डेटा के बजाय उपयोगकर्ताओं की स्पष्ट आवाज को शामिल करना ज्यादा सटीक साबित होता है। • एआई और प्राकृतिक भाषा की क्षमता: आधुनिक भाषा मॉडल अब उपयोगकर्ताओं द्वारा साधारण शब्दों में लिखे गए निर्देशों को सटीक रूप से समझने में सक्षम हो चुके हैं। इस तकनीकी प्रगति ने साधारण चैट जैसी भाषा में प्राथमिकताएं दर्ज करने का रास्ता आसान किया। • इंस्टाग्राम और थ्रेड्स की पूर्व सफलता: मेटा ने सबसे पहले दिसंबर 2025 में इंस्टाग्राम रील्स पर और बाद में थ्रेड्स पर इस मॉडल का परीक्षण किया था। वहां मिले सकारात्मक नतीजों के बाद ही इसे फेसबुक के बड़े यूजर बेस के लिए जारी किया गया। सवाल-जवाब 1. फेसबुक का 'योर एल्गोरिद्म' फीचर क्या काम करता है? यह नया एआई टूल यूजर्स को साधारण भाषा में अपनी पसंद लिखकर फीड और रील्स में दिखने वाली सामग्री को नियंत्रित करने की सुविधा देता है। 2. क्या वरीयता बदलने के बाद सिफारिशें तुरंत बदलेंगी? हां, मेटा के अनुसार यूजर द्वारा दर्ज किए गए बदलाव वास्तविक समय में उनकी सामग्री सिफारिशों में दिखाई देंगे। 3. इस फीचर को फेसबुक पर कहां से एक्सेस किया जा सकता है? यूजर किसी भी पोस्ट के थ्री-डॉट मेन्यू को खोलकर सीधे 'योर एल्गोरिद्म' या इंटरेस्टेड और नॉट इंटरेस्टेड विकल्पों तक पहुंच सकते हैं। 4. क्या मेटा ने इससे पहले किसी अन्य ऐप पर यह सुविधा शुरू की थी? हां, मेटा ने सबसे पहले दिसंबर 2025 में इंस्टाग्राम रील्स पर यह टूल पेश किया था और थ्रेड्स पर भी 'डियर एल्गो' नाम से ऐसा फीचर उपलब्ध है। https://trendkia.com/apps/meta-ne-facebook-para-loncha-kiya-your-algorithm-tula-samanya-bhasha-likhakara-taya-kara-sakenge-apani-phida-47421 TrendKia — Har trend, sabse pehle.