# म्यूजिक स्ट्रीमिंग में इंसानी कलाकारों को प्राथमिकता, डीज़र ला रहा है एआई गानों को पूरी तरह हटाने वाला टॉगल

> म्यूजिक स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म डीज़र इस साल के अंत तक एक नया सर्च टॉगल पेश करेगा, जिससे यूज़र्स अपने सर्च और फीड से एआई-जनरेटेड गानों को पूरी तरह हटा सकेंगे।

**Type:** article · **Category:** ऐप्स · **Published:** 2026-10-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/apps/myujika-striminga-men-insani-kalakaron-ko-prathamikata-deezer-la-raha-hai-ai-ganon-ko-puri-taraha-hatane-vala-naya-phichara-49323 · **Language:** Hindi
**Tags:** डीज़र, एआई म्यूजिक, म्यूजिक स्ट्रीमिंग, टेक्नोलॉजी, सर्च फिल्टर, स्पॉटिफ़ाई

म्यूजिक स्ट्रीमिंग की दुनिया में लगातार बढ़ रहे सिंथेटिक और ऑटोमेटेड ट्रैक्स के बीच डीज़र ने श्रोताओं को वास्तविक इंसानी आवाज़ों तक पहुँचने का सीधा विकल्प देने की तैयारी कर ली है। कंपनी अपने प्लेटफॉर्म पर एक नया टॉगल बटन जोड़ने पर काम कर रही है, जिसकी मदद से यूज़र्स अपनी खोज और प्राथमिकताओं से एआई-निर्मित संगीत को पूरी तरह बाहर कर सकेंगे। इस नए फीचर को इस साल के समाप्त होने से पहले सभी यूज़र्स के लिए रोल आउट किए जाने की योजना है।

## सर्च परिणामों से गायब हो जाएंगे सिंथेटिक ट्रैक्स
इस नए टॉगल फीचर को सक्रिय करते ही यूज़र्स को सर्च परिणामों में कोई भी एआई-जनरेटेड गाना, एल्बम या उससे जुड़े वर्चुअल आर्टिस्ट दिखाई नहीं देंगे। प्लेटफॉर्म के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एलेक्सिस लैंटर्नियर के अनुसार, श्रोताओं की तरफ से ऐसे संगीत को अलग करने की भारी मांग देखने को मिल रही थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि डीज़र अब हर किसी को अपने स्ट्रीमिंग अनुभव से इस कंटेंट को पूरी तरह हटाने और केवल इंसानी रचनाकारों पर ध्यान केंद्रित करने का विकल्प दे रहा है।

## दैनिक अपलोड में एआई संगीत की 50 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी
डीज़र द्वारा उठाए गए इस कदम के पीछे प्लेटफॉर्म पर एआई ट्रैक्स की अप्रत्याशित बाढ़ एक मुख्य वजह बनी है। कंपनी द्वारा साझा किए गए पिछले साल के एक सर्वेक्षण के अनुसार, लगभग 45 प्रतिशत यूज़र्स अपने फीड से एआई संगीत को साफ करने का साधन चाहते थे।

कंपनी ने पिछले वर्ष एआई-डिटेक्शन टूल लागू किया था और तभी से वह सिस्टम पर अपलोड होने वाले गानों पर लगातार नजर रख रही है। शुरुआत में जब एआई डिटेक्शन सिस्टम तैनात किया गया था, तब दैनिक अपलोड में एआई ट्रैक्स की हिस्सेदारी लगभग 10 प्रतिशत थी। हालांकि, जुलाई के आंकड़ों के मुताबिक यह आंकड़ा बढ़कर प्रतिदिन के कुल अपलोड का 50 प्रतिशत से अधिक हो चुका है, जिसका मतलब है कि हर दिन औसतन 90,000 एआई ट्रैक्स प्लेटफॉर्म पर अपलोड किए जा रहे हैं।

## स्ट्रीमिंग इंडस्ट्री का बदलता रुख
सिंथेटिक गानों की इस बाढ़ से निपटने के लिए विभिन्न स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म अलग-अलग नीतियां अपना रहे हैं। उदाहरण के लिए, बैंडकैंप ने अपने मंच पर एआई संगीत को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। दूसरी ओर, टाइडल ने ऐसे ट्रैक्स अपलोड करने वालों का मोनेटाइजेशन बंद करने का रास्ता चुना है। स्पॉटिफ़ाई ने इस मामले में अपेक्षाकृत हल्का रुख अपनाया है, जहाँ वह केवल एआई प्रोफाइल्स को प्रमुखता से लेबल करता है और उन्हें सामान्य रिकमेंडेशन से बाहर रखता है। वहीं एप्पल म्यूजिक भी इस साल के अंत तक एआई ट्रैक्स पर लेबल लगाने की दिशा में काम कर रहा है। इन आधिकारिक व्यवस्थाओं के अलावा कई श्रोता अब ऐसे ट्रैक्स की पहचान के लिए स्वतंत्र ट्रैकिंग टूल्स का सहारा भी ले रहे हैं।

## इसका आप पर असर
स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर एआई संगीत को अलग करने की सुविधा मिलने से श्रोताओं और स्वतंत्र कलाकारों दोनों को अपने कंटेंट पर बेहतर नियंत्रण मिलेगा।

- **श्रोताओं के लिए:** यूज़र्स केवल एक स्विच दबाकर अपनी सर्च लिस्ट से सिंथेटिक आवाजों और गानों को पूरी तरह गायब कर सकेंगे। इससे वास्तविक कलाकारों द्वारा बनाए गए मूल संगीत को खोजना पहले से ज्यादा आसान और प्रामाणिक हो जाएगा।
- **पारंपरिक कलाकारों के लिए:** इंसानी संगीतकारों के गानों को अब प्रतिदिन अपलोड होने वाले हजारों कंप्यूटर-जनरेटेड ट्रैक्स से सीधी टक्कर नहीं झेलनी पड़ेगी। जिन श्रोताओं ने यह फिल्टर ऑन किया होगा, उनके सामने असली कलाकारों का काम ज्यादा साफ तौर पर उभरेगा।
- **मंच चयन के लिए:** जो संगीत प्रेमी केवल इंसानी कला को प्राथमिकता देते हैं, वे अब इस तरह के कड़े फिल्टर वाले प्लेटफॉर्म्स की ओर रुख कर सकते हैं। अन्य प्रमुख म्यूजिक ऐप्स पर भी भविष्य में इसी तरह के कड़े नियम लागू करने का दबाव बढ़ेगा।
- **सर्च सटीकता के लिए:** जब आप किसी खास विधा या मूड का संगीत खोजेंगे, तो नतीजे केवल प्रामाणिक गानों के ही आएंगे। इससे प्लेलिस्ट में अनचाहे और बिना पहचान वाले रोबोटिक ट्रैक्स आने की संभावना खत्म हो जाएगी।

## ऐसा क्यों हुआ
यह नया फिल्टर प्लेटफॉर्म पर एआई ट्रैक्स की लगातार बढ़ती बाढ़ और असली संगीत सुनने वाले ग्राहकों की कड़ी नाराजगी के कारण विकसित किया जा रहा है।

- **अपलोड में अचानक उछाल:** प्लेटफॉर्म के आंतरिक विश्लेषण में सामने आया कि हर दिन 90,000 से ज्यादा एआई ट्रैक्स आ रहे हैं, जो कुल दैनिक अपलोड का 50 फीसदी से अधिक है। पहले यह आंकड़ा सिर्फ 10 फीसदी था, जिससे लाइब्रेरी में स्पैम का खतरा बढ़ गया था।
- **श्रोताओं की सीधी मांग:** एक आधिकारिक उपभोक्ता सर्वेक्षण में लगभग 45 प्रतिशत श्रोताओं ने मांग की थी कि उन्हें एआई गानों को पूरी तरह हटाने की सुविधा मिलनी चाहिए। लोग बिना उनकी जानकारी के एआई कंटेंट परोसे जाने से असंतुष्ट थे।
- **इंसानी कला का संरक्षण:** संगीत उद्योग में कॉपीराइट, रॉयल्टी और इंसानी कलाकारों के अधिकारों को लेकर लगातार बहस छिड़ी हुई है। प्लेटफॉर्म अपने वास्तविक कलाकारों का भरोसा बनाए रखने के लिए यह सख्त कदम उठाने पर मजबूर हुआ है।

## सवाल-जवाब

### 1. डीज़र का नया एआई फिल्टर क्या काम करेगा?
यह नया टॉगल फीचर सर्च परिणामों से एआई-जनरेटेड गानों, पूरे एल्बमों और वर्चुअल कलाकारों को पूरी तरह छिपा देगा।

### 2. यह एंटी-एआई टॉगल फीचर यूज़र्स को कब तक मिलेगा?
कंपनी के अनुसार इस फिल्टर फीचर को इसी साल के अंत से पहले प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध करा दिया जाएगा।

### 3. डीज़र पर प्रतिदिन कितने एआई गाने अपलोड हो रहे हैं?
जुलाई के आंकड़ों के अनुसार, प्लेटफॉर्म पर रोज अपलोड होने वाले गानों में से 50% से ज्यादा यानी औसतन 90,000 ट्रैक्स एआई-जनरेटेड हैं।

### 4. क्या अन्य म्यूजिक प्लेटफॉर्म भी एआई गानों पर रोक लगा रहे हैं?
हाँ, बैंडकैंप ने एआई संगीत पर पूरी तरह बैन लगाया है, टाइडल ने कमाई बंद की है और स्पॉटिफ़ाई व एप्पल म्यूजिक लेबलिंग पर काम कर रहे हैं।

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