ऑनलाइन खरीदारी को आसान बनाने अमेरिकी यूज़र्स के लिए शुरू हुआ गूगल का यूनिवर्सल कार्ट सर्च और जेमिनी ऐप पर अलग-अलग रिटेलर्स से चुने गए सामान को एक ही जगह सुरक्षित रखने वाला नया टूल अब अमेरिका में पेश कर दिया गया है। इंटरनेट पर अलग-अलग ई-कॉमर्स वेबसाइट्स से सामान तलाशने और खरीदने की प्रक्रिया को सरल बनाने के मकसद से नया शॉपिंग फीचर पेश किया गया है। टेक दिग्गज कंपनी ने गुरुवार को आधिकारिक रूप से घोषणा की कि उसका बहुप्रतीक्षित यूनिवर्सल कार्ट टूल अब संयुक्त राज्य अमेरिका में सभी यूज़र्स के लिए उपलब्ध है। इस फीचर की पहली झलक मई के महीने में आयोजित गूगल आई/ओ सम्मेलन के दौरान दिखाई गई थी, जहां इसे डिजिटल खरीदारी के अनुभव को पूरी तरह बदलने वाले फीचर के रूप में प्रदर्शित किया गया था। कई वेबसाइट्स का सामान अब एक ही प्लेटफॉर्म पर आमतौर पर जब ग्राहक इंटरनेट पर खरीदारी करते हैं, तो उन्हें अलग-अलग दुकानों और वेबसाइट्स पर जाकर अपने पसंदीदा उत्पाद खोजने पड़ते हैं। कई बार किसी एक जगह सामान पसंद आने के बाद दूसरी साइट पर जाने से पुरानी खोज खो जाती है। यूनिवर्सल कार्ट इसी उलझन को खत्म करता है। यूज़र्स जब गूगल सर्च या फिर जेमिनी ऐप पर कोई प्रोडक्ट पसंद करते हैं, तो वे उसे तुरंत इस कार्ट में सुरक्षित कर सकते हैं। इसके बाद जब भी ग्राहक दोबारा लौटेंगे, उनका कार्ट और खरीदारी की प्रक्रिया ठीक उसी जगह मौजूद मिलेगी, जिससे उन्हें बार-बार खोज शुरू नहीं करनी पड़ेगी। यह टूल कई अलग-अलग रिटेलर्स के उत्पादों को एक साझा केंद्र में समेट लेता है। कीमत में गिरावट और स्टॉक की तुरंत सूचना यह टूल सिर्फ सामान सहेजने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्राहकों को बेहतर सौदे दिलाने में भी मदद करता है। यदि किसी सहेजे गए उत्पाद के दाम गिरते हैं या फिर आउट ऑफ स्टॉक हो चुका सामान वापस उपलब्ध होता है, तो यह फीचर तुरंत यूज़र को अलर्ट भेजता है। इसके अलावा, चेकआउट प्रक्रिया के दौरान यह खरीदार के क्रेडिट कार्ड फायदों, रिवॉर्ड्स और संबंधित प्रोमो कोड्स का भी विश्लेषण करता है, ताकि अंतिम भुगतान करते समय सबसे किफायती विकल्प चुना जा सके। यूनिवर्सल कॉमर्स प्रोटोकॉल और एआई का विस्तार इस खरीदारी सेवा का चेकआउट सिस्टम पूरी तरह यूनिवर्सल कॉमर्स प्रोटोकॉल (यूसीपी) से जुड़ा है। कंपनी द्वारा इसी साल पेश किया गया यह ओपन स्टैंडर्ड सिस्टम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एजेंट्स और ऑनलाइन स्टोर्स के बीच निर्बाध तालमेल सुनिश्चित करता है, ताकि ब्राउज़िंग से लेकर अंतिम भुगतान तक का सफर बिना किसी रुकावट के पूरा हो सके। सर्च के एआई मोड में बातचीत के जरिए सामान तलाशने और पास की दुकानों में उपलब्धता जांचने वाले लेट गूगल कॉल फीचर के बाद यह कंपनी की एक और बड़ी पहल है। इस क्षेत्र में केवल वही आगे नहीं है, बल्कि अमेज़न और ओपनएआई जैसे बड़े प्रतिद्वंद्वी भी अपने चैटबॉट्स को बातचीत से आगे बढ़ाकर पूर्ण वाणिज्यिक प्लेटफॉर्म बनाने के लिए कई अत्याधुनिक ऑटोमेटेड शॉपिंग सिस्टम पर काम कर रहे हैं। इसका आप पर असर यह नई सेवा ऑनलाइन खरीदारों के लिए कई वेबसाइट्स पर बिखरे सामान को एक ही जगह सहेजने और सस्ते दामों में खरीदने का जरिया बनेगी। • ब्राउज़िंग में सुविधा: यूज़र्स को अलग-अलग मर्चेंट साइट्स पर अलग-अलग कार्ट बनाने या टैब खुला रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सर्च और जेमिनी पर मिला कोई भी सामान एक ही जगह सुरक्षित रहेगा। • बचत के अवसर: यह टूल पसंदीदा सामान पर दाम गिरते ही तुरंत नोटिफिकेशन भेजता है। इसके चलते खरीदार सही समय पर डिस्काउंट का लाभ उठा सकते हैं। • भुगतान पर अतिरिक्त लाभ: यह फीचर चेकआउट के समय उपलब्ध प्रोमो कोड और क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड्स को खुद जांचता है। खरीदारों को सबसे ज्यादा फायदा देने वाले पेमेंट विकल्प का सुझाव मिलता है। • वैश्विक उपलब्धता: वर्तमान में यह टूल केवल अमेरिकी उपभोक्ताओं के लिए लाइव किया गया है। भारत समेत अन्य वैश्विक बाजारों के यूज़र्स को इसके अंतरराष्ट्रीय रोलआउट का इंतजार करना होगा। ऐसा क्यों हुआ ऑनलाइन खरीदारी में बढ़ते भटकाव को खत्म करने और चैटबॉट्स को वास्तविक व्यावसायिक लेन-देन का जरिया बनाने के उद्देश्य से यह टूल उतारा गया है। • ई-कॉमर्स का बिखराव: ग्राहक इंटरनेट पर खोजते समय कई स्टोर्स पर उत्पाद देखते हैं और अक्सर उन्हें भूल जाते हैं। एक साझा कार्ट इस समस्या को खत्म कर ग्राहकों की रुचि बनाए रखने में मदद करता है। • एआई एजेंट्स का बढ़ता प्रभाव: टेक कंपनियां अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल्स को सिर्फ सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं रखना चाहतीं। वे चैटबॉट्स को खरीदारी और बुकिंग जैसे व्यावहारिक काम सौंपने की दिशा में काम कर रही हैं। • तकनीकी मानक की तैयारी: कंपनी ने इसी साल यूनिवर्सल कॉमर्स प्रोटोकॉल पेश किया था ताकि रिटेलर्स और एआई आसानी से जुड़ सकें। उसी प्रोटोकॉल को व्यावहारिक धरातल पर उतारने के लिए यह नया कार्ट तैयार किया गया है। • बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा: अमेज़न और ओपनएआई जैसी प्रमुख तकनीकी प्रतिद्वंद्वी कंपनियां भी एआई आधारित शॉपिंग टूल्स ला रही हैं। सर्च बाजार में अपना दबदबा कायम रखने के लिए यह कदम उठाना जरूरी हो गया था। सवाल-जवाब 1. गूगल यूनिवर्सल कार्ट क्या है? यह एक नया शॉपिंग टूल है जो यूज़र्स को सर्च और जेमिनी ऐप के जरिए विभिन्न रिटेलर्स से चुने गए उत्पादों को एक ही जगह सहेजने और ट्रैक करने की सुविधा देता है। 2. यह टूल किन प्लेटफॉर्म्स पर काम करता है? यह मुख्य रूप से गूगल सर्च और जेमिनी ऐप के जरिए उत्पादों को ढूंढने और उन्हें कार्ट में जोड़ने की सुविधा प्रदान करता है। 3. क्या यह टूल सामान के दाम कम होने पर सूचित करता है? हां, कार्ट में जोड़े गए किसी उत्पाद की कीमत कम होने पर या आउट ऑफ स्टॉक आइटम के वापस आने पर यह यूज़र को अलर्ट भेजता है। 4. यह नया फीचर अभी किन देशों में उपलब्ध है? यह टूल फिलहाल केवल संयुक्त राज्य अमेरिका में रहने वाले यूज़र्स के लिए शुरू किया गया है। 5. चेकआउट की प्रक्रिया किस तकनीक पर आधारित है? चेकआउट की प्रक्रिया कंपनी के ओपन स्टैंडर्ड यूनिवर्सल कॉमर्स प्रोटोकॉल पर आधारित है, जो एआई एजेंट्स और ऑनलाइन स्टोर्स को आपस में जोड़ता है। https://trendkia.com/apps/nalaina-kharidari-ko-asana-banane-ameriki-yuzarsa-ke-lie-shuru-hua-google-ka-universal-cart-47977 TrendKia — Har trend, sabse pehle.