# सर्च और जेमिनी में थर्ड-पार्टी ऐप्स जोड़ने के लिए गूगल लाया कनेक्टेड ऐप्स प्लेटफॉर्म, डेवलपर्स के लिए बीटा शुरू

> गूगल ने अपने कनेक्टेड ऐप्स प्लेटफॉर्म की शुरुआत की है, जिससे बाहरी डेवलपर्स और कंपनियां अपने ऐप्स को गूगल सर्च और जेमिनी एआई के साथ सीधे जोड़ सकेंगी।

**Type:** article · **Category:** ऐप्स · **Published:** 2026-10-29 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/apps/search-aura-gemini-men-tharda-parti-aipsa-jorane-ke-lie-google-laya-connected-apps-pletaphorma-devalaparsa-ke-lie-bita-shuru-52847 · **Language:** Hindi
**Tags:** गूगल, जेमिनी, गूगल सर्च, कनेक्टेड ऐप्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सॉफ्टवेयर डेवलपर्स, टेक न्यूज

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स के बढ़ते दायरे के बीच गूगल ने बाहरी कंपनियों और सॉफ्टवेयर डेवलपर्स को अपने इकोसिस्टम से जोड़ने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने कनेक्टेड ऐप्स प्लेटफॉर्म पेश किया है, जिसके जरिए कारोबारी संस्थान अपने ऐप्लिकेशन्स को गूगल सर्च और जेमिनी के एआई अनुभवों के साथ एकीकृत कर सकेंगे। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यह है कि लोग अलग-अलग ऐप्स को अलग से खोलने के बजाय सीधे सर्च बार या एआई चैट इंटरफेस के भीतर से ही काम निपटा सकें।

## थर्ड-पार्टी सेवाओं से सीधे काम करने की सुविधा
गूगल ने इस साल की शुरुआत में ही सर्च और जेमिनी के भीतर कनेक्टेड ऐप्स का विचार पेश किया था। इसके माध्यम से यूजर्स लोकप्रिय बाहरी सेवाओं को सुरक्षित तरीके से अपने अकाउंट से लिंक कर पाते हैं और वहीं से सीधे निर्देश देकर टास्क पूरे करवा सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, कोई यूजर किसी फ्लायर को तैयार करने के लिए सीधे कैनवा से जुड़ सकता है या नया प्लेलिस्ट तैयार करने के लिए यूट्यूब म्यूजिक का इस्तेमाल कर सकता है।

कंज्यूमर एआई स्पेस में इस तरह के प्रयोग अन्य सेवाओं जैसे चैटजीपीटी और मेटा के म्यूज में भी देखे गए हैं। इस पूरी व्यवस्था के पीछे मूल आधार यह है कि आने वाले समय में इंटरनेट उपभोक्ताओं की आदतें बदल सकती हैं। लोग हर छोटे-बड़े काम के लिए फोन पर अलग से ऐप लॉन्च करने के बजाय अपने पसंदीदा एआई प्रोवाइडर के भीतर रहकर ही उन सेवाओं का इस्तेमाल करना ज्यादा पसंद कर सकते हैं। हालांकि, उपभोक्ताओं का ध्यान लगातार बनाए रखने के लिए प्लेटफॉर्म पर ढेरों उपयोगी ऐप्स का मौजूद होना जरूरी है।

## डेवलपर्स के लिए कनेक्ट करने की प्रक्रिया
इसी जरूरत को पूरा करने के लिए गूगल ने अब अपने दरवाजे हर उस बिजनेस और डेवलपर के लिए खोल दिए हैं जो सर्च या जेमिनी के जरिए यूजर्स तक पहुंचना चाहते हैं। नया प्लेटफॉर्म डेवलपर्स को अपने कनेक्टेड ऐप्स सबमिट करने और उनके परफॉर्मेंस की निगरानी करने की इजाजत देता है। वर्तमान में यह प्लेटफॉर्म प्रिव्यू अमेरिका में डेवलपर्स के लिए बीटा वर्जन के रूप में उपलब्ध कराया गया है, जो वेटलिस्ट में शामिल होकर इसका इस्तेमाल शुरू कर सकते हैं।

तकनीकी प्रक्रिया के तहत डेवलपर्स को मॉडल कॉन्टेक्स्ट प्रोटोकॉल यानी एमसीपी सर्वर या ऐपफंक्शंस एपीआई का उपयोग करने वाले एंड्रॉयड एमसीपी के साथ इंटीग्रेशन करना होगा। इसके बाद वे गूगल कनेक्टेड कंसोल के माध्यम से अपने ऐप को रजिस्टर, टेस्ट और सबमिट कर सकते हैं। यह पूरा सिस्टम डेवलपर के ऐप को गूगल की बैकएंड सेवाओं से जोड़ देता है ताकि वह सर्च दिग्गज के एआई फीचर्स के साथ काम कर सके। डेवलपर्स के पास यह चुनने का भी विकल्प रहेगा कि वे अपने ऐप को केवल सर्च, केवल जेमिनी ऐप या फिर दोनों में उपलब्ध कराना चाहते हैं।

## ब्रांड सुरक्षा और एनालिटिक्स टूल्स
जब कोई ऐप प्लेटफॉर्म पर लाइव हो जाता है, तो डेवलपर्स को उसके संचालन पर नजर रखने के लिए कई टूल्स मिलते हैं। वे ट्रैफिक वॉल्यूम, लेटेंसी और एरर रेट जैसे तकनीकी आंकड़ों को ट्रैक कर सकते हैं। साथ ही, कंपनियों को अपनी ब्रांड पहचान पर पूरा नियंत्रण रखने की सुविधा दी गई है, जिसमें वेरिफाइड लोगो और ऑथेंटिकेटेड अकाउंट्स का प्रबंधन शामिल है। जिस तरह सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन यानी एसईओ ने वेबसाइटों को वेब सर्च रैंकिंग में ऊपर आने में मदद की थी, ठीक उसी तरह एआई एजेंट्स के इस नए दौर में अपनी सेवाओं को ज्यादा विजिबल बनाने की दिशा में यह एक शुरुआती और अहम कदम साबित हो सकता है।

## वर्तमान पार्टनरशिप्स और आने वाले विस्तार
गूगल के पास वर्तमान में जेमिनी में 50 से अधिक कनेक्टेड ऐप्स पहले से उपलब्ध हैं। इनमें एडोब, एक्सपीरियंस, लोकलाइजा, पेलोटॉन जैसे पार्टनर्स के साथ-साथ गूगल की अपनी आंतरिक सेवाएं जैसे वर्कप्लेस, फोटोज, यूट्यूब म्यूजिक और गूगल होम शामिल हैं। अब आने वाले कुछ हफ्तों में ये सभी इंटीग्रेशन गूगल सर्च पर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। मौजूदा समय में सर्च में सीमित ऐप्स मौजूद हैं, जिनमें इंस्टाकार्ट, कैनवा, यूट्यूब म्यूजिक और याहू फैंटेसी फुटबॉल जैसी सेवाएं शामिल हैं।

गूगल ने यह भी साझा किया है कि मेडिटेशन ऐप काम इस पहल में एक नया पार्टनर बन गया है, और इसका ऐप जल्द ही जेमिनी और सर्च दोनों पर लाइव होगा। हालांकि, अमेरिकी डेवलपर्स के लिए पब्लिक प्रिव्यू वेटलिस्ट जारी करने के बाद कंपनी ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह प्लेटफॉर्म अन्य देशों और आम डेवलपर्स के लिए कब तक व्यापक रूप से उपलब्ध कराया जाएगा।

## इसका आप पर असर
यूजर्स अब अलग-अलग ऐप खोले बिना सीधे गूगल सर्च और जेमिनी से थर्ड-पार्टी सेवाओं के जरिए अपने रोजमर्रा के काम निपटा सकेंगे।

- **आम यूजर्स के लिए:** कई अलग-अलग ऐप्स डाउनलोड करने और उन्हें बार-बार खोलने की जरूरत कम होगी। आप एक ही एआई चैट या सर्च बॉक्स में लिखकर सीधे डिजाइन बनाने, प्लेलिस्ट सेट करने या मेडिटेशन शुरू करने जैसे काम पूरे कर पाएंगे।
- **सॉफ्टवेयर डेवलपर्स के लिए:** व्यवसायों को अपनी सेवाओं को सीधे गूगल के विशाल एआई ट्रैफिक के सामने पेश करने का नया रास्ता मिलेगा। फिलहाल अमेरिकी डेवलपर्स वेटलिस्ट में शामिल होकर अपने ऐप्स को कनेक्टेड कंसोल पर टेस्ट और रजिस्टर कर सकते हैं।
- **डेटा और अकाउंट सुरक्षा:** थर्ड-पार्टी सेवाओं को सीधे जोड़ने के लिए ऑथेंटिकेशन और वेरिफाइड अकाउंट्स जरूरी होंगे। यूजर्स तय कर सकेंगे कि वे कौन सी सर्विस लिंक करना चाहते हैं और किन टास्क के लिए परमिशन दे रहे हैं।
- **भारत में उपलब्धता:** वर्तमान में डेवलपर प्रिव्यू केवल अमेरिका में वेटलिस्ट के जरिए दिया जा रहा है। भारतीय डेवलपर्स और सामान्य यूजर्स को इसके व्यापक ग्लोबल रोलआउट का इंतजार करना होगा।

## ऐसा क्यों हुआ
यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि उपभोक्ता इंटरनेट पर एआई के जरिए काम करने के नए तौर-तरीकों को अपना सकें और कंपनियों को एआई सर्च में अपनी उपस्थिति बनाए रखने का साधन मिले।

- **एआई एजेंट क्रांति का उभार:** ओपनएआई और मेटा जैसी प्रमुख तकनीकी कंपनियां अपने चैटबॉट्स को बाहरी सेवाओं से जोड़ रही हैं। गूगल को अपने सर्च और जेमिनी प्लेटफॉर्म को केवल सूचना देने वाले टूल से बदलकर काम निपटाने वाले एजेंट में तब्दील करना था।
- **डेवलपर इकोसिस्टम का विस्तार:** किसी भी प्लेटफॉर्म की सफलता उसमें मौजूद ऐप्स की संख्या पर निर्भर करती है। आंतरिक स्तर पर 50 ऐप्स जोड़ने के बाद गूगल के लिए जरूरी था कि वह बाहरी डेवलपर्स के लिए दरवाजे खोले ताकि विभिन्न क्षेत्रों के टूल्स अपने आप जुड़ सकें।
- **एसईओ मॉडल का बदलाव:** पारंपरिक सर्च इंजन रैंकिंग की तरह अब एआई एजेंट्स के युग में भी कंपनियों को विजिबिलिटी की दरकार है। कनेक्टेड ऐप्स प्लेटफॉर्म कंपनियों को एआई इंटरफेस के भीतर आधिकारिक और वेरिफाइड मौजूदगी दर्ज कराने का माध्यम देता है।

## सवाल-जवाब

### 1. गूगल कनेक्टेड ऐप्स प्लेटफॉर्म क्या है?
यह एक ऐसा सिस्टम है जिसकी मदद से बाहरी डेवलपर्स और कंपनियां अपने ऐप्स को गूगल सर्च और जेमिनी एआई फीचर्स के साथ सीधे जोड़ सकती हैं।

### 2. कनेक्टेड ऐप्स से आम यूजर्स को क्या फायदा होगा?
यूजर्स अलग से कोई ऐप खोले बिना सर्च या जेमिनी में केवल निर्देश देकर कैनवा पर डिजाइन बनाने या यूट्यूब म्यूजिक पर प्लेलिस्ट तैयार करने जैसे काम कर सकेंगे।

### 3. जेमिनी में वर्तमान में कितने कनेक्टेड ऐप्स मौजूद हैं?
जेमिनी में फिलहाल एडोब, एक्सपीरियंस, लोकलाइजा और गूगल की अपनी सेवाओं सहित 50 से अधिक कनेक्टेड ऐप्स उपलब्ध हैं।

### 4. डेवलपर्स अपने ऐप को गूगल से कैसे जोड़ सकते हैं?
डेवलपर्स को मॉडल कॉन्टेक्स्ट प्रोटोकॉल (MCP) सर्वर या एंड्रॉयड MCP के जरिए इंटीग्रेट करना होगा और फिर गूगल कनेक्टेड कंसोल पर टेस्ट और सबमिट करना होगा।

### 5. क्या यह प्लेटफॉर्म अभी सभी डेवलपर्स के लिए उपलब्ध है?
नहीं, वर्तमान में यह केवल अमेरिका में वेटलिस्ट में शामिल डेवलपर्स के लिए पब्लिक प्रिव्यू और बीटा टेस्टिंग के रूप में उपलब्ध है।

### 6. हाल ही में कौन सा नया प्रमुख ऐप इस प्रोग्राम से जुड़ा है?
मेडिटेशन ऐप काम (Calm) इस पहल का नया पार्टनर बना है और यह जल्द ही जेमिनी और सर्च दोनों पर उपलब्ध होगा।

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