# विनोद खोसला ने एआई सहायक वाजो पर लगाया दांव, सुरक्षा और निजता को बताया सबसे बड़ा हथियार

> मेटा और ओपनएआई की होड़ के बीच निवेशक विनोद खोसला ने शिवानी पोद्दार के एआई एजेंट वाजो का समर्थन किया है, जिसका मुख्य आधार यूजर डेटा की सुरक्षा और विश्वसनीयता है।

**Type:** article · **Category:** ऐप्स · **Published:** 2026-10-06 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/apps/vinod-khosla-ne-ai-sahayaka-wajo-para-lagaya-danva-suraksha-aura-nijata-ko-bataya-sabase-bara-hathiyara-44182 · **Language:** Hindi
**Tags:** वाजो, विनोद खोसला, शिवानी पोद्दार, एआई एजेंट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा प्राइवेसी, डीपमाइंड

पर्सनल एआई एजेंट की दुनिया में हाल के दिनों में प्रतिस्पर्धा काफी तेज हो गई है। बाजार में कई नए विकल्प सामने आ रहे हैं, जहां मेटा का म्यूज, ओपनएआई का डॉट और इंस्टिंक्ट जैसी प्रणालियां अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी हैं। इसी माहौल के बीच दिग्गज निवेशक विनोद खोसला ने पूर्व गूगल और डीपमाइंड इंजीनियर शिवानी पोद्दार के नए स्टार्टअप वाजो पर अपना भरोसा जताया है। खोसला का मानना है कि रोजमर्रा के काम संभालने वाले डिजिटल सहायकों की इस नई रेस में सबसे निर्णायक पहलू तकनीकी रफ्तार नहीं, बल्कि यूजर का भरोसा साबित होने वाला है।

## विश्वसनीयता और डेटा सुरक्षा का बुनियादी ढांचा
खोसला के अनुसार जब कोई स्वायत्त एजेंट किसी व्यक्ति की ओर से फैसले लेने या काम निपटाने लगता है, तो वहां सुरक्षा और गोपनीयता सबसे पहली प्राथमिकता बन जाती है। उनका तर्क है कि बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे मेटा के उत्पाद विज्ञापन आधारित कमाई पर निर्भर करते हैं, जिससे उनके साथ व्यक्तिगत डेटा साझा करने को लेकर लोगों में संकोच रहता है। जब कोई कंपनी विज्ञापन बेचकर मुनाफा कमाती है, तो उपभोक्ता की निजी जानकारियां ही उत्पाद बन जाती हैं। इसी वजह से वाजो को शुरुआत से ही सुरक्षा और गोपनीयता को केंद्र में रखकर डिजाइन किया गया है, ताकि उपयोगकर्ताओं को अपने निजी रिकॉर्ड सौंपते समय किसी तरह का डर न सताए।

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## मैसेजिंग ऐप पर सक्रिय होता है 'फो' एजेंट
कार्यप्रणाली के स्तर पर वाजो का एजेंट, जिसका नाम 'फो' रखा गया है, कई मायनों में मौजूदा लोकप्रिय प्रणालियों की तरह ही सेवाएं देता है। यह आईमैसेज और वॉट्सऐप जैसे परिचित मैसेजिंग ऐप के जरिए काम करता है। इसके अलावा इसका एक समर्पित वेब इंटरफेस भी तैयार किया गया है, जहां अलग-अलग जिम्मेदारियों को कार्ड के रूप में व्यवस्थित किया गया है। इन कामों को शेड्यूलिंग, उपहार भेजने और रोजमर्रा के प्रशासनिक कार्यों जैसी श्रेणियों में बांटा गया है। जरूरत पड़ने पर यह उपयोगकर्ताओं की तरफ से फोन कॉल करके टिकट अपग्रेड की जानकारी जुटाने, बुकिंग करने या सेवाओं को रद्द करने का काम भी संभाल सकता है।

## फोन कॉल और इंसानी मदद का विकल्प
एआई एजेंटों द्वारा फोन कॉल करने की सुविधा को लेकर तकनीक जगत में कई नए प्रयोग हो रहे हैं। एयरलाइन कंपनियों से बात करके जानकारी हासिल करने जैसे पेशेवर कामों में यह काफी सटीक साबित होता है, लेकिन जब बात व्यक्तिगत कॉल्स की आती है तो स्पष्ट पहचान और संवाद की सहजता को लेकर चुनौतियां सामने आती हैं। प्रतिस्पर्धी उत्पाद भी धीरे-धीरे कॉल करने की क्षमता जोड़ रहे हैं, जिससे यह बहस तेज हो रही है कि किसी इंसान से बात करते समय स्वचालित एजेंट को अपनी पहचान किस तरह उजागर करनी चाहिए। इस व्यवस्था की एक अनूठी खूबी यह भी है कि जब कोई काम पूरी तरह ऑटोमेशन से हल नहीं हो पाता, तो यह उस कार्य को पूरा करने के लिए किसी मानव सहायक की सेवाएं भी ले सकता है।

## वर्चुअल कार्ड और वित्तीय सुरक्षा का पेटेंट
ऑनलाइन लेन-देन के दौरान वित्तीय गोपनीयता बनाए रखने के लिए वाजो ने एक खास वर्चुअल क्रेडिट कार्ड प्रणाली विकसित की है और इसके लिए पेटेंट आवेदन भी दाखिल किया है। यह सुविधा उपयोगकर्ता की असली बैंक या कार्ड जानकारियां वेबसाइटों के साथ साझा किए बिना भुगतान पूरा करने में सक्षम है। इसके साथ ही एजेंट का अपना अलग ईमेल पता भी होता है, जिसके जरिए यह अन्य लोगों और कारोबारी प्रतिष्ठानों से पत्राचार कर सकता है। यदि कोई वेबसाइट या डिजिटल सेवा एआई बॉट्स के प्रवेश पर रोक लगाती है, तो यह यूजर को तुरंत अलर्ट करता है या सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के लिए एक साझा समूह बना देता है। इसके अलावा यह अमेजन जैसी सेवाओं पर भी नियमों के अनुकूल खरीदारी समाधान पेश करता है, जैसा कि इस आधिकारिक पोस्ट में साझा किया गया है।

## वैश्विक विस्तार और जाने-माने तकनीकी दिग्गजों का निवेश
इस उभरते स्टार्टअप को जेफ डीन और गोकुल राजाराम जैसे सिलिकॉन वैली के शीर्ष तकनीकी निवेशकों से भी समर्थन मिला है, हालांकि जुटाई गई पूंजी का सटीक आंकड़ा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। कंपनी ने अपने कुल यूजर आधार की निश्चित संख्या तो उजागर नहीं की है, लेकिन यह जानकारी दी है कि इसका उपयोग फिलहाल 107 देशों में किया जा रहा है। सितंबर के आखिर में सार्वजनिक तौर पर पेश किए जाने के बाद से इसका दायरा दस गुना बढ़ चुका है।

## संस्थापक शिवानी पोद्दार का अनुभव और विजन
वाजो की स्थापना से पहले शिवानी पोद्दार ने मेटा, गूगल और डीपमाइंड में अहम इंजीनियरिंग जिम्मेदारियां निभाई थीं। वे फेसबुक के शुरुआती डिजिटल असिस्टेंट को तैयार करने वाली टीम का भी हिस्सा रह चुकी हैं। जेमिनी मॉडल के विकास और उसकी सुरक्षा व्यवस्था पर काम करने के दौरान उन्हें यह अहसास हुआ कि केवल जटिल तकनीकी आधार होना ही काफी नहीं होता, बल्कि एक उपयोगी उत्पाद बनाने के लिए उपभोक्ता की वास्तविक जरूरतों को समझना जरूरी है। उनका मानना है कि गूगल जैसी कंपनियां तकनीक में बहुत आगे होने के बावजूद कई बार व्यावहारिक उत्पाद के स्तर पर पीछे रह जाती हैं।

## शुरुआती स्तर से भरोसा कायम करने की रणनीति
पोद्दार का कहना है कि एआई सिस्टम के लिए सीखी गई व्यक्तिगत जानकारियों को बाद में भुलाना या मिटाना तकनीकी रूप से बेहद पेचीदा काम है। अगर किसी सिस्टम को पहले ही दिन यूजर का निजी डेटा मिल जाता है, तो वह हमेशा उसके पास दर्ज रह सकता है। इसी वजह से गोपनीयता और सुरक्षा को पहले दिन से ही सिस्टम के बुनियादी ढांचे और उत्पाद विकल्पों का हिस्सा बनाना जरूरी होता है। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए कंपनी 'ट्रस्टेड कॉन्टैक्ट' सूची पर काम कर रही है ताकि केवल अधिकृत लोग ही कॉल प्राप्त कर सकें। यदि कोई व्यक्ति एजेंट को दोबारा कॉल न करने का निर्देश देता है, तो प्रणाली उस विकल्प को तुरंत दर्ज कर लेती है। आने वाले समय में कंपनी इस बात पर भी काम कर रही है कि व्यक्तिगत गोपनीयता को आंच पहुंचाए बिना यह एजेंट कई लोगों के बीच सामाजिक और पारिवारिक स्तर पर किस तरह तालमेल बिठा सकता है।

## इसका आप पर असर
व्यक्तिगत एआई सहायकों के बढ़ते उपयोग के बीच यह बदलाव उपभोक्ताओं की गोपनीयता और डिजिटल कार्यों के प्रबंधन को पूरी तरह सुरक्षित बनाने की दिशा में काम करता है।

- **डिजिटल सुरक्षा:** वित्तीय लेन-देन के दौरान आपकी असली बैंकिंग जानकारी ई-कॉमर्स वेबसाइटों पर उजागर नहीं होगी। इससे ऑनलाइन फ्रॉड और डेटा लीक का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।
- **कामकाज में आसानी:** फ्लाइट अपग्रेड और बुकिंग जैसे समय लेने वाले काम अब सीधे वॉट्सऐप या आईमैसेज से फोन कॉल के जरिए निपटाए जा सकते हैं। उपयोगकर्ताओं को खुद कस्टमर केयर में घंटों इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
- **डेटा प्राइवेसी पर नियंत्रण:** विज्ञापन आधारित कंपनियों को निजी डेटा दिए बिना आप स्वायत्त एआई सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे। यह सुनिश्चित करता है कि आपकी व्यक्तिगत जानकारी का इस्तेमाल व्यावसायिक विज्ञापनों के लिए न हो।
- **अवांछित कॉल्स से बचाव:** यदि कोई एआई एजेंट किसी व्यक्ति को कॉल करता है, तो कॉल प्राप्तकर्ता दोबारा कॉल न करने का विकल्प चुन सकता है। इससे अनचाहे स्पैम और असहज कॉल से आम लोगों को राहत मिलेगी।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटनाक्रम व्यक्तिगत एआई सहायकों के तेजी से बढ़ते बाजार और उनमें डेटा सुरक्षा से जुड़ी गंभीर चिंताओं के कारण सामने आया है। बड़ी टेक कंपनियों के विज्ञापन मॉडल और तकनीकी सीमाओं ने नए स्वतंत्र विकल्पों की मांग पैदा की है।

- **प्रतिस्पर्धा में तेजी:** हाल के हफ्तों में मेटा, ओपनएआई और अन्य स्टार्टअप्स ने अपने स्वायत्त एजेंट बाजार में उतारे हैं। इससे हर कंपनी के लिए खुद को अलग और सुरक्षित साबित करने की होड़ शुरू हो गई है।
- **डेटा और विज्ञापन मॉडल का टकराव:** मेटा जैसी बड़ी कंपनियां विज्ञापनों पर निर्भर हैं, जिससे उनके एआई एजेंटों को लेकर निजता से जुड़े सवाल खड़े हो रहे थे। निवेशकों का मानना है कि उपभोक्ता अपना निजी डेटा उन कंपनियों को नहीं देना चाहते जो विज्ञापनों का कारोबार करती हैं।
- **अनलर्निंग की तकनीकी चुनौती:** मौजूदा एआई मॉडल एक बार ग्रहण की गई जानकारी को आसानी से भुला नहीं पाते हैं। इस कारण से डेवलपर्स को पहले दिन से ही डेटा सुरक्षा को सॉफ्टवेयर की मूल बनावट में शामिल करना पड़ रहा है।

## सवाल-जवाब

### 1. वाजो क्या है और इसे किसने बनाया है?
वाजो एक पर्सनल एआई एजेंट प्लेटफॉर्म है, जिसे पूर्व गूगल और डीपमाइंड इंजीनियर शिवानी पोद्दार ने शुरू किया है।

### 2. विनोद खोसला ने वाजो का समर्थन क्यों किया है?
खोसला का मानना है कि वाजो को सुरक्षा और निजता को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिससे यह विज्ञापन आधारित कंपनियों के मुकाबले अधिक भरोसेमंद है।

### 3. वाजो का 'फो' एजेंट किन मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर काम करता है?
यह मुख्य रूप से आईमैसेज और वॉट्सऐप के जरिए काम करता है और इसका एक वेब इंटरफेस भी मौजूद है।

### 4. भुगतान सुरक्षा के लिए वाजो कौन सी खास तकनीक इस्तेमाल करता है?
वाजो एक वर्चुअल क्रेडिट कार्ड प्रणाली का उपयोग करता है, जिसके लिए पेटेंट आवेदन किया गया है ताकि यूजर की असली जानकारी वेबसाइटों से छिपी रहे।

### 5. वाजो का उपयोग कितने देशों में हो रहा है?
कंपनी के अनुसार इसका उपयोग 107 देशों में किया जा रहा है और लॉन्च के बाद से इसका विस्तार 10 गुना हो चुका है।

### 6. खोसला के अलावा वाजो में किन प्रमुख लोगों ने निवेश किया है?
इस स्टार्टअप को सिलिकॉन वैली के प्रमुख तकनीकी विशेषज्ञ जेफ डीन और गोकुल राजाराम का भी निवेश मिला है।

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