# सियांग बांध परियोजना पर अरुणाचल प्रदेश के मंत्री ओजिंग तासिंग ने प्रभावित लोगों के प्रतिनिधियों से की चर्चा

> अरुणाचल प्रदेश के मंत्री ओजिंग तासिंग ने ईस्ट सियांग डाउनस्ट्रीम डैम अफेक्टेड पीपल्स फोरम के प्रतिनिधियों के साथ 11,200 मेगावाट की सियांग अपर बहुउद्देशीय परियोजना को लेकर बैठक की। इस दौरान स्थानीय निवासियों की चिंताओं, पारदर्शी चर्चा और प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट पर विस्तार से बातचीत हुई।

**Type:** article · **Category:** अरुणाचल प्रदेश · **Published:** 2026-10-27 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/arunachal-pradesh/arunachal-minister-ojing-tasing-meets-downstream-forum-over-proposed-11200-mw-siang-project-52285 · **Language:** Hindi
**Tags:** सियांग परियोजना, अरुणाचल प्रदेश, ओजिंग तासिंग, जलविद्युत परियोजना, ईस्ट सियांग, बाँध विरोध

अरुणाचल प्रदेश के मंत्री ओजिंग तासिंग ने मंगलवार को ईस्ट सियांग डाउनस्ट्रीम डैम अफेक्टेड पीपल्स फोरम (ESDDAPF) के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस चर्चा का मुख्य केंद्र प्रस्तावित 11,200 मेगावाट की सियांग अपर मल्टीपर्पस प्रोजेक्ट (SUMP) से जुड़ी आशंकाएं थीं। मंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि परियोजना के आकलन के दौरान पूरी पारदर्शिता बरती जानी चाहिए और जनता की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि हर पक्ष की बात को करीने से समझा जा सके।

 

## प्रतिनिधिमंडल ने रखी अपनी बात
 इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व फोरम के अध्यक्ष ओनी तमुक और महासचिव जोबोमचांग मेंगु ने किया। बैठक के दौरान उन्होंने ईस्ट सियांग जिले के 72 गांवों में रहने वाले डाउनस्ट्रीम समुदायों की चिंताओं को प्रमुखता से उठाया, जिन पर इस विशाल परियोजना का सीधा असर पड़ सकता है। मंत्री ओजिंग तासिंग ने स्पष्ट किया कि यह बैठक परियोजना की प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट (PFR) पर चर्चा करने, स्थानीय लोगों के मन में उठ रहे संशयों को दूर करने और नीचे की तरफ रहने वाले निवासियों पर इसके संभावित प्रभावों को बेहतर ढंग से समझने का एक बहुत ही उपयोगी माध्यम बनी है।

 

## पारदर्शिता और भरोसे पर जोर
 बैठक के बाद जारी अपने आधिकारिक बयान में मंत्री ने इस संवाद को बेहद रचनात्मक बताया, जिसने समुदाय के प्रतिनिधियों को अपनी चिंताओं और आकांक्षाओं को खुलकर सामने रखने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महत्व की इस तरह की किसी भी बड़ी परियोजना को लोगों के भरोसे, आत्मविश्वास और सामूहिक समझ के साथ ही आगे बढ़ाया जाना चाहिए। ओजिंग तासिंग ने यह भी रेखांकित किया कि जनता का विश्वास हासिल करने के लिए खुली बातचीत, पारदर्शिता और आपसी भरोसा सबसे बुनियादी जरूरतें हैं।

 

## स्थानीय हितों को प्राथमिकता
 मंत्री ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि किसी भी निर्णय लेने की प्रक्रिया और विचार-विमर्श के दौरान स्थानीय समुदायों की चिंताओं, उनके अधिकारों और वैध हितों को सबसे केंद्र में रखा जाना चाहिए। यह सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है कि देश की विकास प्राथमिकताएं और आम जनता का कल्याण एक साथ मिलकर आगे बढ़ें। प्रस्तावित सियांग अपर मल्टीपर्पस प्रोजेक्ट के तहत सियांग नदी पर एक विशाल जलविद्युत और जल-भंडारण परियोजना बनाने की योजना है, जिसकी अनुमानित क्षमता करीब 11,200 मेगावाट होगी।

 

## ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक महत्व
 इस विशाल परियोजना का परीक्षण इस बात को ध्यान में रखकर किया जा रहा है कि यह भारत की ऊर्जा और जल सुरक्षा को किस प्रकार मजबूत कर सकती है, बाढ़ के पानी को नियंत्रित करने में कैसे मदद कर सकती है और क्षेत्रीय विकास को कितना बढ़ावा दे सकती है। इसके अलावा, ब्रह्मपुत्र बेसिन में संभावित ऊपरी हस्तक्षेप से जुड़ी चिंताओं के कारण इस परियोजना के रणनीतिक महत्व को भी काफी अहम माना जा रहा है। पासीघाट हिंसा के संबंध में गिरफ्तारियां भी इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि का एक अहम हिस्सा रही हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर संवेदनशीलता और बढ़ गई है।

 

## सामाजिक और पर्यावरणीय चिंताएं
 बावजूद इसके, इस महत्वाकांक्षी परियोजना ने स्थानीय आबादी के एक वर्ग के बीच इसके संभावित सामाजिक और पर्यावरणीय परिणामों को लेकर गहरी आशंकाएं पैदा कर दी हैं, खासकर उन समुदायों में जो नदी के बहाव की दिशा में नीचे की तरफ रहते हैं। वर्तमान में चल रही प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट (PFR) की प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य निर्माण कार्य पर अंतिम मुहर लगने से पहले परियोजना की तकनीकी और व्यावहारिक संभावनाओं का बारीकी से आकलन करना है।

 

## सोशल मीडिया पर साझा किए गए विचार
 सोशल मीडिया पर अपने एक संदेश में ओजिंग तासिंग ने लिखा कि राष्ट्रीय महत्व की ऐसी परियोजना को केवल विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से ही आगे नहीं बढ़ना चाहिए, बल्कि इसमें जनता का भरोसा और सामूहिक समझ भी उतनी ही जरूरी है। उन्होंने इस बात पर दृढ़ विश्वास जताया कि सार्वजनिक विश्वास कायम करने के लिए संवाद और पारदर्शिता बेहद अनिवार्य हैं। उन्होंने दोहराया कि हमारे समुदायों के हितों और अधिकारों को हर चरण में सर्वोपरि रखा जाना चाहिए।

## इसका आप पर असर
यह बैठक अरुणाचल प्रदेश में प्रस्तावित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को लेकर स्थानीय स्तर पर चल रहे संवाद और उसके व्यावहारिक प्रभावों को समझने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

- **भारत में:** यह राष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा सुरक्षा, जल प्रबंधन और रणनीतिक जलविद्युत पहलों के क्रियान्वयन के तौर-तरीकों को प्रभावित करती है। इससे देश के अन्य बड़े बांध प्रोजेक्ट्स के लिए भी सार्वजनिक परामर्श के मानक तय होते हैं।

- **अरुणाचल प्रदेश में:** ईस्ट सियांग जिले के 72 गांवों के निवासियों को अपनी भूमि, आजीविका और पर्यावरणीय सुरक्षा को लेकर सीधे तौर पर संवाद करने का अवसर मिलता है। इससे स्थानीय समुदायों को प्रशासन के समक्ष अपनी बात मजबूती से रखने का अधिकार और स्पष्टता मिलती है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह बैठक प्रस्तावित मेगा प्रोजेक्ट को लेकर स्थानीय स्तर पर बढ़ते विरोध और चिंताओं के मद्देनजर बुलाई गई थी, ताकि प्रशासन और जनता के बीच की खाई को पाटा जा सके।

- **स्थानीय विरोध और चिंताएं:** सियांग नदी पर प्रस्तावित 11,200 मेगावाट की परियोजना के संभावित सामाजिक और पर्यावरणीय प्रभावों के कारण स्थानीय निवासियों और डाउनस्ट्रीम समुदायों में भारी आशंकाएं पैदा हो गई हैं।

- **पासीघाट की हिंसा:** हाल ही में पासीघाट क्षेत्र में बांध निर्माण के विरोध में हुई हिंसा और गिरफ्तारियों के बाद सरकार के लिए यह आवश्यक हो गया था कि वह जनता के साथ सीधा संवाद स्थापित करे।

- **प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट का आकलन:** परियोजना के तकनीकी पहलुओं और व्यवहार्यता का मूल्यांकन करने के लिए चल रही PFR प्रक्रिया के तहत प्रभावित पक्षों को विश्वास में लेना अनिवार्य माना गया है।

- **रणनीतिक और ऊर्जा आवश्यकताएं:** भारत की बढ़ती ऊर्जा सुरक्षा, जल प्रबंधन और ब्रह्मपुत्र बेसिन के ऊपरी हिस्से में होने वाले संभावित हस्तक्षेपों का मुकाबला करने के लिए इस परियोजना को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

## सवाल-जवाब

### 1. ओजिंग तासिंग कौन हैं?
ओजिंग तासिंग अरुणाचल प्रदेश के मंत्री हैं जिन्होंने हाल ही में सियांग परियोजना को लेकर प्रतिनिधिमंडल से चर्चा की है।

### 2. सियांग अपर मल्टीपर्पस प्रोजेक्ट की क्षमता कितनी है?
इस प्रस्तावित जलविद्युत और जल-भंडारण परियोजना की क्षमता लगभग 11,200 मेगावाट है।

### 3. बैठक में प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किसने किया?
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व फोरम के अध्यक्ष ओनी तमुक और महासचिव जोबोमचांग मेंगु ने किया।

### 4. यह परियोजना किस जिले को प्रभावित कर सकती है?
यह परियोजना ईस्ट सियांग जिले के 72 गांवों में रहने वाले डाउनस्ट्रीम समुदायों को प्रभावित कर सकती है।

### 5. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या था?
बैठक का उद्देश्य प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट पर चर्चा करना, स्थानीय आशंकाओं को दूर करना और पारदर्शिता बढ़ाना था।

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