# अरुणाचल प्रदेश की रेजिना मिहू को इंटीग्रेटेड माउंटेन इनिशिएटिव का उपाध्यक्ष चुना गया

> अरुणाचल प्रदेश के रेजिना मिहू को इंटीग्रेटेड माउंटेन इनिशिएटिव (IMI) का नया उपाध्यक्ष चुना गया है। इस राष्ट्रीय मंच पर यह उपलब्धि हासिल करने वाले वह अपने राज्य के पहले व्यक्ति बन गए हैं।

**Type:** article · **Category:** अरुणाचल प्रदेश · **Published:** 2026-08-30 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/arunachal-pradesh/arunachal-pradesh-ke-rezina-mihu-ko-integrated-mountain-initiative-ka-upadhyaksha-chuna-gaya-24700 · **Language:** Hindi
**Tags:** इंटीग्रेटेड माउंटेन इनिशिएटिव, रेजिना मिहू, अरुणाचल प्रदेश, हिमालयी विकास, एसटीएस लेपचा, पर्यावरण संरक्षण

अरुणाचल प्रदेश की रेजिना मिहू को इंटीग्रेटेड माउंटेन इनिशिएटिव यानी IMI का उपाध्यक्ष चुना गया है। इसके साथ ही वह इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय मंच पर यह महत्वपूर्ण पद पाने वाले अपने राज्य के पहले प्रतिनिधि बन गए हैं, जो देश के हिमालयी और पहाड़ी इलाकों के स्थायी विकास की दिशा में काम करता है।

 

## चुनाव परिणाम और नई कार्यकारिणी का गठन

इस संस्था की गवर्निंग काउंसिल इलेक्शन 2026 के नतीजों की घोषणा शनिवार को रिटर्निंग ऑफिसर डॉ. सत्यदीप एस छेत्री ने की। चुनाव परिणामों के अनुसार, उत्तराखंड के एसटीए लेपचा को संगठन का नया अध्यक्ष चुना गया है, जबकि दार्जिलिंग के रोशन राय को सचिव पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

 

## अन्य पदाधिकारियों के नाम

नया शासी निकाय कई अन्य राज्यों के दिग्गजों को भी शामिल करता है। उत्तराखंड की बनिता शाह को संयुक्त सचिव सह कोषाध्यक्ष और सिक्किम की प्रियदर्शिनी श्रेष्ठ को संयुक्त सचिव बनाया गया है। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश के राजन कोटरु और एमपी सूद, नागालैंड के अंबा जामीर, उत्तराखंड के जीएस रावत, लद्दाख के जिग्मेट ताकपा और मिजोरम के प्रोफेसर जॉन जोथानजामा को काउंसिलर के रूप में चुना गया है।

 

## पदभार ग्रहण और सामाजिक महत्व

इन सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के कार्यभार संभालने की औपचारिक प्रक्रिया आने वाले समय में एक तय तारीख पर आयोजित की जाएगी। रेजिना मिहू का यह चयन राष्ट्रीय स्तर पर पूर्वोत्तर के इस राज्य की मजबूत उपस्थिति को दर्शाता है, जो पर्वतीय समुदायों की विकास से जुड़ी जरूरतों, पारिस्थितिकी संतुलन और सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों पर मुखरता से काम करता है।

 

## संगठन का कार्यक्षेत्र और पिछला सफर

यह नागरिक समाज नेटवर्क देश के पूरे हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय है और सामुदायिक सशक्तिकरण, जल सुरक्षा, नीतिगत पैरवी और टिकाऊ विकास जैसे अहम मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करता है। रेजिना मिहू इससे पहले भी कई सामाजिक और युवा केंद्रित अभियानों से जुड़े रहे हैं, और उन्होंने ईटानगर में स्टूडेंट्स डेवलपमेंट फोरम अरुणाचल यानी SDFA के सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं। उनका यह सफर छात्र नेतृत्व से आगे बढ़कर पर्वतीय बस्तियों की बेहतरी के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय मंच तक पहुंच गया है, जिसे उनकी निरंतर मेहनत की मान्यता के रूप में देखा जा रहा है।

## इसका आप पर असर
यह चुनाव पर्वतीय राज्यों के विकास के लिए राष्ट्रीय स्तर पर नीति निर्धारण और स्थानीय मुद्दों को उठाने में एक बड़ी भूमिका निभाता है।

- **भारत में:** हिमालयी राज्यों के निवासियों को जल सुरक्षा, स्थायी विकास और आजीविका से जुड़े मामलों में राष्ट्रीय मंच पर मजबूत आवाज मिलेगी।

- **अरुणाचल प्रदेश में:** राज्य के युवाओं और स्थानीय नेताओं को देश के शीर्ष पर्वतीय विकास मंचों पर सीधे प्रतिनिधित्व का ऐतिहासिक अवसर मिला है।

- **नीतिगत प्रभाव:** पर्वतीय पारिस्थितिकी और सामाजिक-अर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सकेगा।

- **सामुदायिक भागीदारी:** जमीनी स्तर के नागरिक संगठनों को राष्ट्रीय स्तर की नीतियों को प्रभावित करने और ग्रामीण सशक्तिकरण बढ़ाने में मदद मिलेगी।

## सवाल-जवाब

### 1. इंटीग्रेटेड माउंटेन इनिशिएटिव का नया उपाध्यक्ष किसे चुना गया है?
अरुणाचल प्रदेश के रेजिना मिहू को इंटीग्रेटेड माउंटेन इनिशिएटिव का उपाध्यक्ष चुना गया है।

### 2. IMI गवर्निंग काउंसिल इलेक्शन 2026 के परिणाम किसने घोषित किए?
इन परिणामों की घोषणा रिटर्निंग ऑफिसर डॉ. सत्यदीप एस छेत्री ने शनिवार को की।

### 3. IMI का नया अध्यक्ष किसे चुना गया है?
उत्तराखंड के एसटीए लेपचा को संगठन का नया अध्यक्ष चुना गया है।

### 4. दार्जिलिंग से चुने गए प्रतिनिधि को कौन सा पद मिला है?
दार्जिलिंग के रोशन राय को IMI का सचिव चुना गया है।

### 5. रेजिना मिहू इससे पहले किस संगठन से जुड़े रहे हैं?
वह ईटानगर में स्टूडेंट्स डेवलपमेंट फोरम अरुणाचल के सचिव के रूप में कार्य कर चुके हैं।

## प्रेरणा और सबक
रेजिना मिहू की यह उपलब्धि दिखाती है कि कैसे जमीनी स्तर पर किया गया निरंतर सामाजिक कार्य और छात्र नेतृत्व आपको राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला सकता है।

- **जमीनी जुड़ाव:** स्थानीय समुदाय और छात्र संगठनों के साथ लगातार काम करके आप बड़े सामाजिक बदलाव की नींव रख सकते हैं।

- **दायरा बढ़ाना:** क्षेत्रीय स्तर पर नेतृत्व करने के बाद अपने अनुभव को राष्ट्रीय और पर्यावरणीय मुद्दों तक विस्तारित करना संभव है।

- **समर्पण का फल:** पर्वतीय समुदायों के अधिकारों और स्थायी विकास के लिए समर्पित प्रयास अंततः पहचान और बड़े नेतृत्व के अवसरों में बदलते हैं।

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