# अरुणाचल प्रदेश में 2019 से अब तक 5,836 अभ्यर्थियों को मिली सरकारी नौकरी, मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने साझा किए आंकड़े

> अरुणाचल प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड ने 2019 से सितंबर 2026 के बीच 38 भर्ती परीक्षाओं के जरिए 5,836 युवाओं की सरकारी पदों पर सिफारिश की है। मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने पारदर्शी व्यवस्था का हवाला देते हुए यह जानकारी दी।

**Type:** article · **Category:** अरुणाचल प्रदेश · **Published:** 2026-10-16 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/arunachal-pradesh/arunachal-pradesh-men-2019-se-aba-taka-5-836-abhyarthiyon-ko-mili-sarakari-naukari-mukhyamntri-pema-khandu-ne-sajha-kie-ankare-48219 · **Language:** Hindi
**Tags:** अरुणाचल प्रदेश, पेमा खांडू, सरकारी नौकरी, एपी एसएसबी, भर्ती परीक्षा, ग्रुप सी भर्ती

अरुणाचल प्रदेश में पिछले सात वर्षों के दौरान राज्य सरकार की सेवाओं में युवाओं की भागीदारी को पारदर्शी बनाने की दिशा में अहम प्रगति दर्ज की गई है। अरुणाचल प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड (APSSB) की स्थापना के बाद से अब तक 38 अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं का सफल आयोजन किया जा चुका है, जिनके माध्यम से कुल 5,836 सफल अभ्यर्थियों को सरकारी नियुक्तियों के लिए अनुशंसित किया गया है। मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने शुक्रवार को एक वीडियो संदेश और सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से इन आधिकारिक आंकड़ों को सार्वजनिक किया।

## मेरिट और पारदर्शिता पर केंद्रित भर्ती प्रक्रिया
अरुणाचल प्रदेश में ग्रुप सी और ग्रुप डी पदों की भर्ती प्रणाली को निष्पक्ष, व्यवस्थित और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से साल 2018 में अरुणाचल प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड की नींव रखी गई थी। इस पहल का मुख्य मकसद यह सुनिश्चित करना था कि राज्य के शिक्षित और योग्य युवाओं को रोजगार के समान अवसर मिलें और सरकारी दफ्तरों में नियुक्तियां पूरी तरह से योग्यता के आधार पर की जाएं। मुख्यमंत्री पेमा खांडू के अनुसार, सरकारी नौकरियों की यह प्रक्रिया केवल रिक्त पदों को भरने या परीक्षा आयोजित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हजारों युवाओं और उनके परिवारों के सपनों और भविष्य से गहराई से जुड़ी है।

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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी अपने बयान में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2019 से लेकर सितंबर 2026 तक बोर्ड ने लगातार 38 परीक्षाएं संचालित की हैं। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष, पारदर्शी और मेरिट आधारित व्यवस्था पर जोर देते हुए यह बोर्ड भर्ती तंत्र को निरंतर मजबूत कर रहा है ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का सही मंच मिल सके।

## विवादों से सीख और भर्ती प्रणाली का कायाकल्प
राज्य के प्रशासनिक इतिहास का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने साल 2020 में सामने आए नौकरियों के बदले पैसे के विवाद को भी याद किया। उन्होंने इस दौर को राज्य के बेरोजगार युवाओं और प्रशासन दोनों के लिए एक बेहद चुनौतीपूर्ण समय बताया। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के बाद सरकार ने अपनी व्यवस्थाओं में व्यापक सुधार किए और एक ऐसी भर्ती प्रणाली तैयार की जो अधिक मजबूत, खुली और पूरी तरह से जवाबदेह हो सके। इस अनुभव ने सुधार की गति को तेज करने का काम किया।

इसके बाद बोर्ड ने अपने परीक्षा तंत्र का विस्तार करते हुए कई स्तरों पर व्यापक प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन शुरू किया। इनमें संयुक्त सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा (CLDCE), कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल एग्जामिनेशन (CGLE), नॉन-मिनिस्टेरियल टेक्निकल एग्जामिनेशन, कंबाइंड हायर सेकेंडरी लेवल (CHSL) और सेकेंडरी लेवल परीक्षाएं प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन विस्तृत श्रेणियों के माध्यम से विभिन्न विभागों में तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों संवर्गों में भर्तियां सुनिश्चित की गईं।

## प्रक्रियात्मक विश्वसनीयता के लिए आईएसओ प्रमाणन
भर्ती व्यवस्था में मानकों का कड़ाई से पालन करने और चयन प्रक्रिया में उच्च स्तर की निष्पक्षता बनाए रखने के प्रयासों के तहत बोर्ड ने अपनी प्रणाली के लिए आईएसओ प्रमाणन भी प्राप्त किया है। यह प्रमाणन इस बात का प्रमाण है कि परीक्षाओं के आयोजन से लेकर अंतिम परिणाम और सिफारिश तक के हर चरण में निर्धारित अंतरराष्ट्रीय मानकों और पारदर्शी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार हर अभ्यर्थी को समान अवसर प्रदान करने और सार्वजनिक विश्वास पर आधारित भर्ती व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

## इसका आप पर असर
सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे युवाओं और उनके परिवारों के लिए इस भर्ती व्यवस्था के प्रत्यक्ष प्रभाव हैं।

- **अरुणाचल प्रदेश में:** राज्य में ग्रुप सी और डी पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया अब पूरी तरह नियमित और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था से संचालित हो रही है। स्थानीय युवाओं को बिना किसी पक्षपात या प्रभाव के अपनी शैक्षणिक योग्यता और तैयारी के बल पर सरकारी सेवा में स्थान प्राप्त करने का वास्तविक अवसर मिलता है।
- **परीक्षा प्रणाली पर प्रभाव:** भर्ती परीक्षाओं को अलग-अलग स्तरों (ग्रेजुएट, हायर सेकेंडरी और टेक्निकल) में बांटकर मानक कैलेंडर के तहत लिया जा रहा है। इससे परीक्षार्थियों को अपनी योग्यता के अनुरूप तय समयसीमा में परीक्षाओं की सटीक योजना बनाने में मदद मिलती है।
- **प्रशासनिक विश्वसनीयता:** चयन बोर्ड की आईएसओ प्रमाणन प्रणाली से परिणामों और मूल्यांकनों में मानवीय गड़बड़ियों की संभावना न्यूनतम हो गई है। अभ्यर्थी अब बिना किसी असमंजस या विवाद के डर के अपनी शिकायतों और प्रक्रियाओं की निष्पक्षता पर भरोसा कर सकते हैं।
- **पारदर्शिता की गारंटी:** वर्ष 2020 के विवाद के बाद लागू कड़े सुरक्षा नियमों ने अनियमितताओं के रास्ते पूरी तरह बंद कर दिए हैं। योग्य और मेहनती उम्मीदवारों के लिए यह सुनिश्चित होता है कि हर पद केवल मेरिट के आधार पर ही भरा जाएगा।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घोषणा राज्य में सरकारी भर्ती प्रक्रिया को संगठित और पारदर्शी बनाने के सात साल के प्रयासों के संदर्भ में की गई है।

- **बोर्ड की स्थापना का उद्देश्य:** पूर्व में नियुक्तियों को लेकर उठने वाली चिंताओं को समाप्त करने और ग्रुप सी व डी पदों की चयन प्रक्रिया को एक निष्पक्ष एजेंसी के अधीन लाने के लिए राज्य सरकार ने 2018 में इस बोर्ड का गठन किया था। इसका सीधा मकसद हर नागरिक को निष्पक्ष अवसर देना था।
- **2020 का भर्ती विवाद:** वर्ष 2020 में सामने आए नौकरियों के बदले पैसे के मामले ने पूरी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। इस प्रकरण के चलते सरकार पर पूरी परीक्षा व्यवस्था को नए सिरे से पारदर्शी और फुलप्रूफ बनाने का तीव्र दबाव बना।
- **प्रणालीगत पुनर्गठन:** विवाद के बाद बोर्ड ने अपनी पूरी संरचना बदली, कई स्तरों की साझा परीक्षाएं शुरू कीं और चयन तंत्र का मानकीकरण किया। इसी पुनर्गठन के परिणामस्वरूप परीक्षाओं का निर्बाध आयोजन संभव हुआ और 5,836 उम्मीदवारों का चयन पूरा किया जा सका।

## सवाल-जवाब

### 1. अरुणाचल प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड ने 2019 से अब तक कितने अभ्यर्थियों की सिफारिश की है?
बोर्ड ने 2019 से सितंबर 2026 के बीच 38 परीक्षाओं के जरिए कुल 5,836 अभ्यर्थियों को सरकारी नियुक्तियों के लिए अनुशंसित किया है।

### 2. अरुणाचल प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड (APSSB) की स्थापना कब और क्यों की गई थी?
इस बोर्ड की स्थापना वर्ष 2018 में ग्रुप सी और डी पदों पर पारदर्शी, निष्पक्ष और मेरिट आधारित भर्ती सुनिश्चित करने के लिए की गई थी।

### 3. बोर्ड द्वारा कौन-कौन सी मुख्य परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं?
बोर्ड कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल, कंबाइंड हायर सेकेंडरी व सेकेंडरी लेवल, नॉन-मिनिस्टेरियल टेक्निकल और विभागीय सीमित प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित करता है।

### 4. भर्ती प्रक्रिया में गुणवत्ता बनाए रखने के लिए बोर्ड ने क्या कदम उठाया है?
बोर्ड ने अपने भर्ती तंत्र और चयन प्रक्रियाओं के मानकीकरण के लिए आईएसओ प्रमाणन हासिल किया है।

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