अरुणाचल प्रदेश में गहन पुनरीक्षण के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी, कुल 6.96 लाख नाम शामिल अरुणाचल प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार को अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है, जिसमें 1.91 लाख नाम घटने के बाद कुल मतदाताओं की संख्या 6,96,026 रह गई है। अरुणाचल प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की औपचारिक प्रक्रिया संपन्न होने के साथ ही राज्य की अंतिम मतदाता सूची मंगलवार को सार्वजनिक कर दी गई है। इस व्यापक शुद्धिकरण अभियान के नतीजे के तौर पर कुल पंजीकृत मतदाताओं की संख्या में 1,91,479 की बड़ी कमी दर्ज की गई है। नई अंतिम सूची के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में अब कुल मतदाताओं की संख्या 6,96,026 तय हुई है। महिला मतदाताओं की संख्या अधिक, लिंगानुपात में बढ़त जारी की गई अंतिम नामावली के सामाजिक और जनसांख्यिकीय विश्लेषण से पता चलता है कि सूची में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों के मुकाबले अधिक है। इस नई सूची में कुल 3,43,709 पुरुष मतदाता शामिल हैं, जबकि महिला मतदाताओं का आंकड़ा 3,52,315 तक पहुंच गया है। इसके अतिरिक्त, नामावली में दो तृतीय लिंग मतदाता भी विधिवत रूप से पंजीकृत किए गए हैं। इस जनसांख्यिकी के चलते राज्य में मतदाता लिंगानुपात प्रति 1,000 पुरुषों पर 1,025 महिलाओं के मजबूत स्तर पर पहुंच गया है। इसके साथ ही, चुनावी अधिकारियों ने जानकारी दी है कि अंतिम सूची में स्थान पाने वाले कुल मतदाताओं में से 43.61 प्रतिशत नागरिकों के पास भौतिक या डिजिटल वोटर पहचान पत्र उपलब्ध है। प्रारूप सूची से लेकर अंतिम सूची तक का घटनाक्रम मतदाता सूची के इस पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत 5 जून को की गई थी, जिसके कारण एसआईआर से पहले लागू पुरानी सूची की तुलना में बड़ा बदलाव सामने आया है। संशोधन प्रक्रिया शुरू होने से पहले राज्य में कुल 8,87,505 पंजीकृत मतदाता थे। इसके बाद 21 जुलाई को प्रकाशित किए गए मसौदे में यह संख्या घटकर 7,18,046 रह गई थी। प्रारंभिक प्रारूप के चरण में चुनाव अधिकारियों ने 6,32,871 मतदाताओं की मैपिंग स्वयं या उनके परिजनों के साथ पूरी कर ली थी, जबकि 85,175 मतदाता बिना मैपिंग के रह गए थे। सत्यापन, नोटिस और दावों की विस्तृत जांच मैपिंग से छूटे हुए लोगों के साथ-साथ जिन मतदाताओं के रिकॉर्ड में तार्किक विसंगतियां पाई गई थीं, उन्हें गहन सत्यापन प्रक्रिया के दायरे में लाया गया। इस जांच अभियान के तहत नोटिस चरण के दौरान संबंधित अधिकारियों द्वारा कुल 2,18,588 नोटिस जारी किए गए। इसके बाद मतदान केंद्र स्तर के अधिकारियों यानी बीएलओ द्वारा दिए गए शपथ पत्रों तथा मतदाताओं द्वारा पेश किए गए दस्तावेजों की सूक्ष्मता से जांच की गई और विधिवत सुनवाई आयोजित की गई। इसके अलावा, 21 जुलाई से 20 अगस्त तक चले दावे और आपत्ति दर्ज करने के दौर में अधिकारियों को कुल 18,598 फॉर्म प्राप्त हुए थे। इन आवेदनों के निस्तारण के बाद प्रारूप सूची में 8,803 नए नाम जोड़े गए और 1,924 नाम हटाए गए। इस पूरी कवायद के बाद भी पुरानी स्थिति के मुकाबले सूची में शुद्ध रूप से 1.91 लाख मतदाताओं की कमी दर्ज की गई है। अपील की समय सीमा और सर्विस मतदाताओं का ब्योरा अंतिम सूची जारी होने के बाद असंतुष्ट मतदाताओं के लिए विधिक उपाय भी उपलब्ध कराए गए हैं। यदि कोई मतदाता अंतिम सूची में नाम न होने या किसी अन्य फैसले से असंतुष्ट है, तो वह सूची प्रकाशन के 15 दिनों के भीतर जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष अपनी अपील प्रस्तुत कर सकता है। जिला मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ आगे की अपील 30 दिनों के भीतर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष की जा सकती है। इसी के साथ राज्य में मंगलवार को सर्विस मतदाताओं की अंतिम नामावली भी अलग से प्रकाशित की गई, जिसके अनुसार अरुणाचल प्रदेश में कुल 5,552 सर्विस मतदाता पंजीकृत पाए गए हैं। इसका आप पर असर राज्य की संशोधित मतदाता सूची जारी होने से स्थानीय नागरिकों के लिए अपने नाम की पुष्टि करना और आवश्यक होने पर समय रहते अपील करना अनिवार्य हो गया है। • अरुणाचल प्रदेश में: यदि आपका नाम अंतिम सूची से छूट गया है, तो आप जिला मजिस्ट्रेट के पास 15 दिनों के अंदर अपनी अपील पेश कर सकते हैं। समय सीमा चूकने पर आप आगामी चुनावों में मतदान करने के कानूनी अधिकार से वंचित रह सकते हैं। • पहचान पत्र धारकों के लिए: सूची में केवल 43.61 प्रतिशत मतदाताओं के पास ही भौतिक या डिजिटल वोटर कार्ड मौजूद है। शेष मतदाताओं को मतदान के दिन पहचान संबंधी दिक्कतों से बचने के लिए चुनाव कार्यालय से जल्द कार्ड हासिल करने की प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए। • सर्विस मतदाताओं के लिए: राज्य में कुल 5,552 सर्विस मतदाता दर्ज किए गए हैं। संबंधित रक्षा एवं केंद्रीय कर्मचारियों को अपनी आधिकारिक प्रविष्टियों का सत्यापन समय रहते पूरा कर लेना चाहिए। • महिलाओं के प्रतिनिधित्व के स्तर पर: प्रति 1,000 पुरुषों पर 1,025 महिला मतदाताओं का अनुपात दर्ज हुआ है। यह स्थिति आगामी चुनावों में महिला मतदाताओं की निर्णयकारी भूमिका को काफी मजबूत बनाती है। ऐसा क्यों हुआ अरुणाचल प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण पुरानी विसंगतियों, अनमैप्ड नामों और डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। • गहन पुनरीक्षण की शुरुआत: चुनाव तंत्र ने नामावली को पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने के लिए 5 जून को यह विशेष प्रक्रिया शुरू की थी। इसके तहत पूर्व के 8.87 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड की क्रमवार पड़ताल की गई। • पहचान और वंशावली सत्यापन: प्रारूप चरण में 85,175 मतदाता अपने या अपने परिजनों के रिकॉर्ड से लिंक नहीं हो पाए थे। ऐसे गैर-सत्यापित रिकॉर्ड और तार्किक विसंगतियों की वजह से 2.18 लाख से अधिक औपचारिक नोटिस जारी किए गए। • अधिकारियों द्वारा भौतिक पड़ताल: बूथ स्तर के अधिकारियों ने जमीनी स्तर पर दस्तावेजों और शपथ पत्रों की समीक्षा की। इसके बाद दावे और आपत्तियों के निस्तारण में अमान्य प्रविष्टियों को हटाकर सूची को अंतिम रूप दिया गया। सवाल-जवाब 1. अरुणाचल प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची में कुल कितने मतदाता हैं? अंतिम सूची में कुल 6,96,026 मतदाता दर्ज हैं, जिनमें 3,43,709 पुरुष, 3,52,315 महिलाएं और दो तृतीय लिंग मतदाता शामिल हैं। 2. विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद कुल कितने मतदाताओं की कमी आई है? एसआईआर प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुरानी सूची के मुकाबले मतदाताओं की संख्या में 1,91,479 की शुद्ध कमी आई है। 3. राज्य की मतदाता सूची में महिला-पुरुष लिंगानुपात कितना है? नई सूची के अनुसार राज्य का मतदाता लिंगानुपात प्रति 1,000 पुरुषों पर 1,025 महिलाओं का है। 4. यदि किसी मतदाता का नाम अंतिम सूची में नहीं है तो वह अपील कहां कर सकता है? असंतुष्ट मतदाता सूची प्रकाशन के 15 दिनों के भीतर जिला मजिस्ट्रेट के पास और उसके 30 दिनों के भीतर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपील कर सकते हैं। 5. अरुणाचल प्रदेश में कितने सर्विस मतदाता पंजीकृत हैं? जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार राज्य में कुल 5,552 सर्विस मतदाता पंजीकृत हैं। 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