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  "type": "article",
  "title": "अरुणाचल प्रदेश ओडीएफ प्लस लक्ष्य पाने के लिए ग्रामीण स्वच्छता अभियान को दे रहा धार",
  "summary": "अरुणाचल प्रदेश सरकार ओडीएफ प्लस का दर्जा हासिल करने के लिए स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन पर जोर दे रही है। राज्य के मंत्री ओजिंग तासिंग ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री सी आर पाटिल से मुलाकात कर स्वच्छ भारत मिशन की प्रगति पर चर्चा की।",
  "content": "ईटानगर: अरुणाचल प्रदेश में ओडीएफ प्लस का दर्जा हासिल करने की दिशा में प्रयास तेज कर दिए गए हैं। राज्य सरकार इस अभियान के तहत टिकाऊ स्वच्छता व्यवस्था, ठोस एवं तरल कचरे के प्रभावी प्रबंधन और सार्वजनिक स्थलों पर साफ-सफाई बनाए रखने पर विशेष जोर दे रही है।\n\nकेंद्रीय मंत्री से हुई अहम मुलाकात\n\nअरुणाचल प्रदेश के पंचायती राज और ग्रामीण विकास मंत्री ओजिंग तासिंग ने इस संबंध में उठाए जा रहे कदमों की जानकारी केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल के साथ साझा की। दोनों नेताओं के बीच यह बैठक शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित की गई थी, जिसमें केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के कार्यान्वयन और अब तक हुई प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।\n\n \n\nसोशल मीडिया पर दी जानकारी\n\nअपनी इस उच्च स्तरीय बैठक के बारे में जानकारी देते हुए मंत्री ओजिंग तासिंग ने X पर लिखा कि उन्होंने नई दिल्ली स्थित आवास पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल से मुलाकात की। इस दौरान उनके साथ पेयजल और स्वच्छता विभाग (डीडब्ल्यूएस) एवं स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की संयुक्त सचिव ऐश्वर्या सिंह और संयुक्त सचिव अशोक मीना भी मौजूद रहे। बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे स्वच्छता कार्यों पर सकारात्मक चर्चा हुई।\n\nपुराने मील के पत्थरों से आगे का सफर\n\nगौरलतब है कि अरुणाचल प्रदेश ने दिसंबर 2017 में ही खुले में शौच से मुक्त यानी ओडीएफ का मुकाम हासिल कर लिया था। इसके बाद से ही राज्य सरकार स्वच्छता मिशन के अगले चरण पर लगातार काम कर रही है। इस चरण में स्वच्छता के परिणामों को दीर्घकालिक रूप से बनाए रखने, ग्रामीण कचरा प्रबंधन को मजबूत करने और गांवों को अधिक स्वच्छ व स्वस्थ बनाने पर पूरा ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।\n\nप्रशासनिक समन्वय और केंद्र का सहयोग\n\nमंत्री ओजिंग तासिंग ने कहा कि राज्य सरकार प्रशासनिक तालमेल और सामूहिक प्रयासों के जरिए ग्रामीण स्वच्छता के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वहीं दूसरी ओर, बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री सी आर पाटिल ने अरुणाचल प्रदेश को ओडीएफ प्लस का दर्जा दिलाने और वहां एक टिकाऊ ग्रामीण परिवेश विकसित करने के इन सभी प्रयासों में केंद्र सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग और समर्थन का भरोसा दिलाया है।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: देश भर के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े केंद्रीय अभियानों की प्रगति से स्थानीय स्वास्थ्य और पर्यावरण में सुधार की दिशा में तेजी आती है।\n\nअरुणाचल प्रदेश में: राज्य के गांवों में ओडीएफ प्लस का दर्जा मिलने से ग्रामीण इलाकों में स्वच्छता का स्तर ऊंचा उठेगा और बेहतर कचरा प्रबंधन से लोगों का दैनिक जीवन स्वस्थ बनेगा।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. अरुणाचल प्रदेश में ग्रामीण स्वच्छता अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?\nराज्य का मुख्य उद्देश्य ओडीएफ प्लस का दर्जा हासिल करना, टिकाऊ स्वच्छता बनाए रखना और ठोस व तरल कचरे का प्रभावी प्रबंधन करना है।\n\n2. ओजिंग तासिंग ने नई दिल्ली में किस केंद्रीय मंत्री से मुलाकात की?\nओजिंग तासिंग ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल से नई दिल्ली में मुलाकात की।\n\n3. अरुणाचल प्रदेश ने खुले में शौच से मुक्त (ODF) का milestone कब हासिल किया था?\nअरुणाचल प्रदेश ने दिसंबर 2017 में ओडीएफ का मील का पत्थर हासिल किया था।\n\n4. इस बैठक में स्वच्छ भारत मिशन के किस घटक की प्रगति की समीक्षा की गई?\nबैठक में केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के कार्यान्वयन और प्रगति की समीक्षा की गई।",
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  "category": "अरुणाचल प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-08-22",
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