अरुणाचल प्रदेश के विकास और बुनियादी ढांचे पर राज्यपाल और नीति आयोग की महत्वपूर्ण बैठक अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल के टी परनाइक और नीति आयोग की सदस्य जोरम अनिया ने ईटानगर के लोक भवन में मुलाकात कर राज्य में परिवहन, डिजिटल नेटवर्क और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास पर चर्चा की। नीति आयोग की सदस्य जोरम अनिया ने शुक्रवार को ईटानगर स्थित लोक भवन में अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल के टी परनाइक से मुलाकात की। इस उच्चस्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, संपर्क व्यवस्था को बेहतर बनाना और सतत विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ना था। दोनों पक्षों के बीच हुई इस चर्चा में राज्य की प्राथमिकताओं को केंद्र में रखते हुए कई अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी पर विशेष जोर आधिकारिक बयान के अनुसार, इस बैठक में सड़क और परिवहन नेटवर्क को सुधारने, डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और बिजली के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। राज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण करते समय राज्य की प्राकृतिक पर्यावरण और सांस्कृतिक पहचान की पूरी रक्षा की जानी चाहिए। विशिष्ट भूगोल और रणनीतिक महत्व के अनुकूल विकास मुलाकात के दौरान राज्यपाल के टी परनाइक ने एक ऐसे विकास मॉडल की आवश्यकता पर बल दिया जो अरुणाचल प्रदेश के अनूठे भूगोल, समृद्ध आदिवासी विरासत और एक सीमावर्ती राज्य के तौर पर इसके रणनीतिक महत्व को भली-भांति प्रतिबिंबित करे। उन्होंने कहा कि नीति आयोग डेटा-आधारित नीतिगत इनपुट, दीर्घकालिक योजना और मंत्रियों के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से 'विकसित अरुणाचल' और 'विकसित भारत@2047' के लक्ष्यों को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग और प्राकृतिक क्षमताएं राज्यपाल ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में राज्य सरकार और लोक भवन द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों का जिक्र किया और राष्ट्रीय मंच पर राज्य की क्षमता को प्रदर्शित करने के लिए नीति आयोग से समर्थन मांगा। उन्होंने जलविद्युत, बागवानी, जैविक खेती, बांस, औषधीय पौधों और हरित अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों का विशेष रूप से उल्लेख किया जहां राज्य को प्राकृतिक लाभ प्राप्त है। साथ ही, उन्होंने पारिस्थितिक और सांस्कृतिक विरासत के साथ तालमेल बिठाते हुए नवाचार, कौशल विकास, महिला-नेतृत्व वाले विकास और युवा सशक्तिकरण पर अधिक जोर देने का आह्वान किया। इसका आप पर असर यह बैठक अरुणाचल प्रदेश में बुनियादी ढांचे और आर्थिक विकास की गति को तेज करने के लिए महत्वपूर्ण है। • भारत में: सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क और डिजिटल नेटवर्क मजबूत होने से राष्ट्रीय सुरक्षा और रसद क्षमताओं में सुधार होगा। • अरुणाचल प्रदेश में: स्थानीय निवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, उन्नत शिक्षा और रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। • व्यापार और पर्यटन: राज्य में जलविद्युत और जैविक खेती जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ने से आजीविका के साधन विकसित होंगे। • नीतिगत समन्वय: केंद्र और राज्य के बीच बेहतर तालमेल से दीर्घकालिक विकास योजनाओं का समय पर क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा। ऐसा क्यों हुआ यह बैठक राज्य की भौगोलिक चुनौतियों और रणनीतिक जरूरतों को ध्यान में रखकर विकास योजनाओं को गति देने के लिए बुलाई गई थी। • रणनीतिक स्थिति: अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे होने के कारण अरुणाचल प्रदेश में आधुनिक बुनियादी ढांचे का विकास राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से आवश्यक है। • भौगोलिक विविधता: पहाड़ी और दुर्गम इलाके होने के कारण राज्य को परिवहन और डिजिटल कनेक्टिविटी में विशेष सहायता की आवश्यकता है। • नीतिगत लक्ष्य: 'विकसित अरुणाचल' और 'विकसित भारत@2047' के विजन को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए केंद्र और राज्य का सहयोग जरूरी है। सवाल-जवाब 1. नीति आयोग की सदस्य जोरम अनिया ने किससे मुलाकात की? उन्होंने ईटानगर के लोक भवन में अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल के टी परनाइक से मुलाकात की। 2. इस बैठक का मुख्य एजेंडा क्या था? बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी और सतत विकास को मजबूत करना था। 3. बैठक में किन क्षेत्रों के विकास पर जोर दिया गया? सड़क परिवहन, डिजिटल कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास पर जोर दिया गया। 4. राज्यपाल ने नीति आयोग से किस प्रकार के सहयोग की अपेक्षा जताई? राज्यपाल ने डेटा-आधारित नीतिगत इनपुट, दीर्घकालिक योजना और संसाधनों के जुटाव में सहायता की मांग की। 5. अरुणाचल प्रदेश के पास किन प्राकृतिक क्षेत्रों में लाभ है? राज्य के पास जलविद्युत, बागवानी, जैविक खेती, बांस, औषधीय पौधों और हरित अर्थव्यवस्था में प्राकृतिक लाभ है। https://trendkia.com/arunachal-pradesh/governor-and-niti-aayog-member-map-out-development-goals-for-arunachal-pradesh-33312 TrendKia — Har trend, sabse pehle.