ईटानगर से शुरू हुई AAPSU की सीमा यात्रा, दूरदराज के सीमावर्ती गांवों में सुरक्षा और विकास मजबूत करने की मांग ऑल अरुणाचल प्रदेश स्टूडेंट्स यूनियन ने अपर सुबनसिरी जिले के टाक्सिंग गांव तक 'टाक्सिंग चलो, भारत बचाओ' यात्रा शुरू की है, जो 15 अगस्त को तिरंगा फहराने के साथ समाप्त होगी। ऑल अरुणाचल प्रदेश स्टूडेंट्स यूनियन ने सीमा सुरक्षा की चुनौतियों और क्षेत्र के बुनियादी विकास पर ध्यान आकर्षित करने के लिए अपर सुबनसिरी जिले के सुदूर सीमावर्ती गांव टाक्सिंग की ओर एक विशेष यात्रा शुरू की है। "टाक्सिंग चलो, भारत बचाओ" अभियान के तहत आयोजित यह मार्च 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर टाक्सिंग में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ संपन्न होगा। यात्रा का शुभारंभ और नेतृत्व ईटानगर स्थित नेफा क्लब भवन में संगठन के मुख्यालय से इस प्रतिनिधिमंडल को आधिकारिक तौर पर रवाना किया गया। छात्र संगठन द्वारा जारी बयान के अनुसार, AAPSU के अध्यक्ष मेजे टाकू ने प्रतिनिधिमंडल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिसका नेतृत्व महासचिव मातो बुई कर रहे हैं। राष्ट्रीय संप्रभुता और सुरक्षा पर कड़ा रुख यात्रा के शुभारंभ पर बोलते हुए मेजे टाकू ने स्पष्ट किया कि अरुणाचल प्रदेश के लोग और युवा देश की क्षेत्रीय अखंडता से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग था, है और हमेशा रहेगा। टाकू ने कहा कि राज्य की जनता भारतीय सशस्त्र बलों और सीमावर्ती गांवों के निवासियों के साथ मजबूती से खड़ी है। इसके साथ ही उन्होंने सीमांत इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने की मांग की। इन्फ्रास्ट्रक्चर और सीमावर्ती समुदायों की आवश्यकताएं सुदूर सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की समस्याओं को रेखांकित करते हुए टाकू ने कहा कि उनकी चिंताओं पर केंद्र सरकार और अरुणाचल प्रदेश सरकार दोनों को तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा मजबूत करना, सड़क संपर्क बेहतर बनाना और बुनियादी ढांचा विकसित करना राष्ट्रीय प्राथमिकता होनी चाहिए। टाकू ने कहा कि सीमाएं केवल मानचित्र पर खींची गई रेखाएं नहीं हैं, बल्कि यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी हैं, और सीमांत गांवों के नागरिक देश की सीमाओं की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जमीनी आकलन और व्यापक जनसंपर्क अभियान टाक्सिंग की यात्रा के दौरान AAPSU प्रतिनिधिमंडल गांव के प्रधानों, युवा समूहों और स्थानीय सामाजिक संगठनों के साथ विस्तृत बैठकें करेगा। इन वार्ताओं के जरिए सीमावर्ती निवासियों की समस्याओं, बुनियादी सुविधाओं की कमी और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दर्ज किया जाएगा। यात्रा पूरी होने के बाद छात्र संगठन एक विस्तृत ग्राउंड असेसमेंट रिपोर्ट तैयार करेगा, जिसे केंद्र सरकार और अरुणाचल प्रदेश सरकार को सौंपा जाएगा। इस रिपोर्ट के माध्यम से सीमांत गांवों में तेजी से विकास परियोजनाएं चलाने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की जाएगी। AAPSU ने अपनी सभी क्षेत्रीय इकाइयों, छात्र निकायों और विशेष रूप से अपर सुबनसिरी के निवासियों से इस पहल का समर्थन करने की अपील की है। इसका आप पर असर भारत में: सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा और सड़क संपर्क मजबूत होने से देश की आंतरिक और सीमा पार सुरक्षा प्रणाली को बल मिलेगा। अरुणाचल प्रदेश में: सुदूर अपर सुबनसिरी और टाक्सिंग के गांवों में बुनियादी सुविधाओं और विकास परियोजनाओं में तेजी आने से स्थानीय निवासियों के जीवन स्तर में सुधार होगा। सवाल-जवाब 1. AAPSU की 'टाक्सिंग चलो, भारत बचाओ' यात्रा कहां से शुरू हुई? यह यात्रा ईटानगर स्थित नेफा क्लब भवन में AAPSU मुख्यालय से शुरू हुई। 2. यह मार्च किस स्थान पर और कब समाप्त होगा? यह मार्च अपर सुबनसिरी जिले के सुदूर सीमावर्ती गांव टाक्सिंग में 15 अगस्त को राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ समाप्त होगा। 3. इस यात्रा का नेतृत्व कौन कर रहा है? इस प्रतिनिधिमंडल को AAPSU अध्यक्ष मेजे टाकू ने हरी झंडी दिखाई और इसका नेतृत्व महासचिव मातो बुई कर रहे हैं। 4. इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या है? इसका मुख्य उद्देश्य सीमांत गांवों में सुरक्षा पुख्ता करना, बुनियादी ढांचे में सुधार लाना और स्थानीय निवासियों की समस्याओं का आकलन करना है। 5. यात्रा के बाद AAPSU क्या कदम उठाएगा? AAPSU जमीनी समस्याओं पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगा और उसे केंद्र सरकार तथा अरुणाचल प्रदेश सरकार को सौंपेगा। https://trendkia.com/arunachal-pradesh/itanagar-se-shuru-hui-aapsu-ki-sima-yatra-duradaraja-ke-simavarti-ganvon-men-suraksha-aura-vikasa-majabuta-karane-ki-manga-16314 TrendKia — Har trend, sabse pehle.