नेपाल की विनाशकारी बाढ़ के बाद लापता नागरिकों की तलाश में जुटा अरुणाचल प्रदेश नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद अरुणाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के लापता निवासियों की तलाश तेज कर दी है। एनडीएमए के निर्देश पर सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों को लापता तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की जानकारी जुटाने का काम सौंपा गया है। नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद अरुणाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के लापता नागरिकों का पता लगाने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया है। राज्य प्रशासन ने सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों से नेपाल गए उन लोगों की जानकारी जुटाएं, जिनका इस प्राकृतिक आपदा के बाद से अपने परिजनों से संपर्क टूट चुका है। एनडीएमए के निर्देश पर जिलों में शुरू हुई जानकारी जुटाने की प्रक्रिया यह कदम राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) की ओर से जारी एक तत्काल अनुरोध के बाद उठाया गया है। प्राधिकरण ने राज्य सरकार से उन नागरिकों का ब्योरा मांगा था, जो नेपाल यात्रा के दौरान इस आपदा की चपेट में आ गए हैं और परिजनों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार, सभी डिप्टी कमिश्नर लापता निवासियों के नाम, पते और प्राथमिक संपर्क ब्योरे एकत्र कर रहे हैं। इस संकलित डेटा को संबंधित राहत एवं बचाव एजेंसियों के साथ साझा किया जाएगा, ताकि प्रभावित परिवारों तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सके और खोज अभियान को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके। हिमालय क्षेत्र में बर्फ और मलबे के खिसकने से आई भीषण बाढ़ नेपाल और तिब्बत सीमा के पास स्थित हिमालयी क्षेत्र में बर्फ, विशाल चट्टानों और भारी मलबे के अचानक ढहने से बुधवार को यह भीषण बाढ़ आई। मलबे और पानी के तेज बहाव ने नदी घाटियों में भारी तबाही मचाई है। बाढ़ ने कई गांवों को जलमग्न कर दिया, रिहाइशी मकानों को बहा दिया तथा सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। तीर्थयात्रियों और पर्यटकों समेत सैकड़ों लोग लापता इस प्राकृतिक आपदा में हताहत होने वाले लोगों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस त्रासदी में 469 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जबकि लगभग 1,500 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में नेपाल के पहाड़ी रास्तों पर गए विदेशी पर्यटक और ट्रेकर्स शामिल हैं। इसके अलावा तिब्बत स्थित पवित्र माउंट कैलाश की यात्रा पर निकले बड़ी संख्या में हिंदू श्रद्धालु भी इस बाढ़ के बाद से लापता हैं। इसका आप पर असर नेपाल में आई भीषण आपदा का सीधा असर वहां यात्रा कर रहे भारतीय पर्यटकों और श्रद्धालुओं के परिवारों पर पड़ा है। प्रशासन द्वारा शुरू की गई इस मुहिम से प्रभावित लोगों की ट्रैकिंग और राहत कार्यों में तेजी आएगी। • भारत में: नेपाल और तिब्बत सीमा पर यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के परिजन अपने स्थानीय जिला प्रशासन से संपर्क करके लापता सदस्यों की जानकारी दर्ज करा सकते हैं। इससे राष्ट्रीय स्तर पर राहत एजेंसियों को समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी। • अरुणाचल प्रदेश में: राज्य के जिन निवासियों का नेपाल बाढ़ के बाद से अपने परिजनों से संपर्क नहीं हो पाया है, उनके परिवार तुरंत अपने जिले के डिप्टी कमिश्नर कार्यालय को ब्योरा सौंप सकते हैं। सरकार इस डेटा के जरिए केंद्रीय एजेंसियों की मदद से खोज अभियान चलाएगी। • यात्रा सुरक्षा: सीमावर्ती और पर्वतीय क्षेत्रों में जाने वाले यात्रियों को मौसम की चेतावनी और स्थानीय आपदा प्रबंधन निर्देशों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी जाती है। • आपातकालीन सहायता: पीड़ित परिवार राहत ब्योरा साझा करके एनडीएमए और राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के माध्यम से तुरंत प्रशासनिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं। सवाल-जवाब 1. अरुणाचल प्रदेश सरकार ने क्या कदम उठाया है? सरकार ने नेपाल बाढ़ के बाद लापता हुए राज्य के निवासियों की जानकारी जुटाने के लिए सभी डिप्टी कमिश्नरों को निर्देश दिए हैं। 2. यह कार्रवाई किसके निर्देश पर की जा रही है? यह कार्रवाई राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के तत्काल अनुरोध पर शुरू की गई है। 3. नेपाल आपदा में कितने लोगों के हताहत होने की खबर है? आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक इस आपदा में 469 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 1,500 लोग लापता हैं। 4. लापता लोगों में कौन-कौन शामिल हैं? लापता लोगों में नेपाल गए विदेशी पर्यटक, ट्रेकर्स और तिब्बत में माउंट कैलाश यात्रा पर निकले हिंदू श्रद्धालु शामिल हैं। 5. बाढ़ आने का मुख्य कारण क्या था? नेपाल-तिब्बत सीमा पर हिमालयी क्षेत्र में बर्फ, चट्टानों और मलबे के बड़े पैमाने पर खिसकने से यह फ्लैश फ्लड आया। https://trendkia.com/arunachal-pradesh/nepal-ki-vinashakari-barha-ke-bada-lapata-nagarikon-ki-talasha-men-juta-arunachal-pradesh-23614 TrendKia — Har trend, sabse pehle.