पेमा खांडू ने विज़न 2036 की शुरुआत की, अरुणाचल प्रदेश के 1 लाख युवाओं को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण और 10,000 उद्यमियों की होगी मदद अरुणाचल प्रदेश सरकार ने विज़न 2036 और अरुण एमएसएमई मिशन का ऐलान किया है, जिसका लक्ष्य 1 लाख युवाओं को हुनरमंद बनाना, 10,000 उद्यमियों को समर्थन देना और आईटीआई को आधुनिक स्किल हब में बदलना है। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने राज्य के युवाओं को सशक्त बनाकर आर्थिक परिदृश्य को बदलने के लिए एक व्यापक दीर्घकालिक रणनीति की घोषणा की है। 'अरुणाचल ह्यूमन कैपिटल एंड इकोनॉमिक ट्रांसफॉर्मेशन विज़न 2036' के नाम से पेश किए गए इस खाके को नए अरुण एमएसएमई मिशन के साथ लागू किया जाएगा। इस पहल का मुख्य मकसद पूरे पूर्वोत्तर राज्य में रोजगार, व्यावसायिक प्रशिक्षण और स्थानीय उद्यमशीलता के नए और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी अवसर तैयार करना है। 1 लाख युवाओं को हुनरमंद बनाने और 10,000 विदेशी नौकरियों का लक्ष्य विज़न 2036 के तहत राज्य सरकार ने कई बड़े लक्ष्य तय किए हैं। इस योजना के माध्यम से 1 लाख युवा वर्ग को विशेष कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही, 10,000 नए और उभरते उद्यमियों को बढ़ावा दिया जाएगा तथा 10,000 शिक्षुओं (अप्रेेंटिस) को व्यावहारिक कार्य का अनुभव कराया जाएगा। राज्य की युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसर दिलाने के लिए 10,000 विदेशी प्लेसमेंट की सुविधा भी विकसित की जाएगी। इसके अलावा, औद्योगिक क्षेत्र की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण ढांचा तैयार करने के लिए 100 उद्योगों के साथ साझेदारी की जाएगी। राज्य में मौजूद सभी 10 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) का कायाकल्प करके उन्हें आधुनिक स्किल हब और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने की योजना है। अरुण एमएसएमई मिशन के ज़रिए छोटे उद्योगों को बढ़ावा पेमा खांडू ने X पर साझा किए गए अपने एक वीडियो संदेश में कहा कि युवाओं की आकांक्षाएं अब बदल रही हैं। आज की युवा पीढ़ी केवल नौकरी मांगने के बजाय खुद के उद्यम शुरू करके दूसरों को रोजगार देने के रास्ते पर चलना चाहती है। इसी सोच को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने 'अरुण एमएसएमई मिशन' की शुरुआत की है। इस मिशन के तहत हर साल 500 सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को सहायता राशि और अन्य सुविधाएं दी जाएंगी। इसमें बंद पड़े या संघर्ष कर रहे व्यवसायों को फिर से शुरू करना, उनकी क्षमता में सुधार करना, बाजार तक सीधी पहुंच बनाना और विदेशी निर्यात के मौकों से जोड़ना शामिल है। सरकार का मानना है कि इससे स्थानीय व्यापार मजबूत होगा और राज्य की युवा शक्ति अर्थव्यवस्था की मुख्य चालक बनेगी। आईटीआई का आधुनिकीकरण और भविष्य की जरूरतें अपनी दीर्घकालिक रणनीति को स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उम्र को कभी भी सपनों और महत्वाकांक्षाओं की सीमा नहीं बनना चाहिए। राज्य के विकास के लक्ष्य हमेशा बड़े और दूरगामी होने चाहिए। उन्होंने इस पूरे विज़न को भविष्य के लिए तैयार कार्यबल के निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। सभी 10 आईटीआई को आधुनिक केंद्रों में बदलने से व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रणाली में बड़ा सुधार आएगा। उद्योग जगत के साथ बनने वाली 100 साझेदारियों के माध्यम से यह सुनिश्चित होगा कि युवाओं को सिखाए जाने वाले कोर्स बाजार की नई मांग और उभरते हुए करियर विकल्पों के अनुकूल हों। पेमा खांडू ने जोर देकर कहा, "जो युवा आज कौशल हासिल करेंगे, वही कल अरुणाचल प्रदेश के विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।" 2036 तक का यह रोडमैप राज्य को प्रतिभा और अवसरों से समृद्ध बनाकर अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसका आप पर असर यह दीर्घकालिक पहल अरुणाचल प्रदेश में युवाओं और छोटे व्यवसाय मालिकों के लिए नए अवसर पैदा करेगी। • भारत में: यह पहल पूर्वोत्तर राज्यों में कौशल विकास और सूक्ष्म उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए एक मॉडल के रूप में काम करेगी। इससे दूसरे पहाड़ी और सीमावर्ती राज्यों को भी अपने युवाओं के लिए दीर्घकालिक आर्थिक नीतियां बनाने की प्रेरणा मिलेगी। • अरुणाचल प्रदेश में: राज्य के 1 लाख युवाओं को आधुनिक उद्योगों के अनुसार मुफ्त या रियायती प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे उनके लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में रोजगार पाना आसान होगा। • स्थानीय उद्यमियों के लिए: हर साल सहायता प्राप्त करने वाले 500 एमएसएमई को बाजार और निर्यात से जुड़ने में मदद मिलेगी, जिससे राज्य का व्यापारिक तंत्र मजबूत होगा। • छात्रों और आईटीआई प्रशिक्षुओं के लिए: 10 आईटीआई के आधुनिकीकरण और 10,000 अप्रेंटिसशिप पदों से तकनीकी छात्रों को उद्योग के अनुसार व्यावहारिक अनुभव मिलेगा। सवाल-जवाब 1. अरुणाचल प्रदेश का विज़न 2036 क्या है? यह अरुणाचल प्रदेश सरकार की एक दीर्घकालिक योजना है जिसका उद्देश्य 2036 तक 1 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देना, 10,000 उद्यमियों को समर्थन प्रदान करना और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है। 2. अरुण एमएसएमई मिशन के तहत क्या मदद मिलेगी? इस मिशन के तहत हर साल 500 सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को व्यवसाय पुनरुद्धार, क्षमता वृद्धि, बाजार लिंकेज और निर्यात सहायता प्रदान की जाएगी। 3. विज़न 2036 में युवाओं के लिए कौन से मुख्य लक्ष्य रखे गए हैं? मुख्य लक्ष्यों में 1 लाख युवाओं का कौशल विकास, 10,000 अप्रेंटिसशिप अवसर, 10,000 विदेशी नौकरियां और 100 उद्योग साझेदारियां शामिल हैं। 4. राज्य के आईटीआई संस्थानों में क्या बदलाव किया जाएगा? राज्य के सभी 10 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को आधुनिक स्किल हब और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में अपग्रेड किया जाएगा। प्रेरणा और सबक अरुणाचल प्रदेश का विज़न 2036 दिखाता है कि दूरगामी सोच और सही कौशल विकास से बड़ी आर्थिक क्रांति लाई जा सकती है। • नौकरी मांगने वाले नहीं, निर्माता बनें: युवाओं का ध्यान केवल नौकरी खोजने पर नहीं, बल्कि उद्यम लगाकर दूसरों को काम देने पर होना चाहिए। • दीर्घकालिक लक्ष्य तय करें: विकास के रास्ते में समय या उम्र बाधा नहीं बनती, जब तक लक्ष्य 10 साल आगे की सोच के साथ तय किए जाएं। • कौशल सुधार को प्राथमिकता दें: बदलती दुनिया में प्रासंगिक बने रहने के लिए अपने कौशल का लगातार आधुनिकीकरण करना जरूरी है। https://trendkia.com/arunachal-pradesh/pema-khandu-ne-vijana-2036-ki-shuruata-ki-arunachal-pradesh-ke-1-lakha-yuvaon-ko-milega-kaushala-prashikshana-aura-10-000-udyamiyo-24083 TrendKia — Har trend, sabse pehle.