# प्रशासनिक सुधारों पर केटी परनाइक का जोर, अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में डिजिटल शासन पर फोकस

> अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल केटी परनाइक ने लोक भवन में प्रशासनिक सुधार आयोग के अध्यक्ष के साथ बैठक की। उन्होंने राज्य के दूरदराज और सीमावर्ती क्षेत्रों में पारदर्शी, डिजिटल और जन-केंद्रित शासन को बढ़ावा देने का आह्वान किया।

**Type:** article · **Category:** अरुणाचल प्रदेश · **Published:** 2026-08-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/arunachal-pradesh/prashasanika-sudharon-para-kt-parnaik-ka-jora-arunachal-pradesh-ke-simavarti-kshetron-men-dijitala-shasana-para-phokasa-19794 · **Language:** Hindi
**Tags:** अरुणाचल प्रदेश, केटी परनाइक, प्रशासनिक सुधार, प्रमोद जैन, डिजिटल शासन, लोक भवन

अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) केटी परनाइक ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक कुशल, सुलभ और जन-संवेदनशील बनाने के लिए सुधारों की आवश्यकता पर बल दिया है। शुक्रवार को लोक भवन में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि सरकारी तंत्र को नागरिकों की बढ़ती आकांक्षाओं और आधुनिक शासन की बदलती जरूरतों के अनुरूप लगातार खुद को ढालना होगा।

## अंतिम व्यक्ति तक सेवा वितरण और डिजिटल शासन पर ध्यान
राज्यपाल ने अरुणाचल प्रदेश प्रशासनिक सुधार आयोग के अध्यक्ष प्रमोद जैन के साथ बैठक कर वर्तमान पहलों की समीक्षा की और भावी रणनीतियों पर चर्चा की। इस दौरान केटी परनाइक ने ऐसे प्रशासनिक सुधार लागू करने का आह्वान किया जो व्यावहारिक, जन-केंद्रित और भविष्य की जरूरतों के अनुकूल हों। उन्होंने स्पष्ट किया कि अरुणाचल प्रदेश की भौगोलिक स्थिति विशिष्ट चुनौतियां पेश करती है, जिसके लिए एक चुस्त और त्वरित प्रशासनिक तंत्र की आवश्यकता है। दूरदराज और सीमावर्ती ग्रामीण इलाकों में भौगोलिक बाधाओं को दूर करने के लिए उन्होंने तकनीक और डेटा-आधारित शासन को व्यापक रूप से अपनाने का सुझाव दिया।

## तृणमूल संस्थानों की मजबूती और पारदर्शिता
प्रभावी शासन के मूल सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए राज्यपाल ने सहभागी और विकेंद्रीकृत निर्णय प्रक्रिया का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि तृणमूल स्तर (ग्रासरूट) के संस्थानों को मजबूत करना बेहद जरूरी है, ताकि स्थानीय समुदाय विकास योजनाओं के निर्माण और कार्यान्वयन में सक्रिय भूमिका निभा सकें। बैठक के बाद जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, चर्चा का मुख्य ध्यान प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने, जवाबदेही तय करने और लोक कल्याणकारी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू करने पर रहा। परिणाम-आधारित प्रशासनिक दृष्टिकोण अपनाकर राज्य सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि विकास का लाभ हर नागरिक तक पहुंचे।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** सीमावर्ती और दूरदराज के क्षेत्रों तक डिजिटल और पारदर्शी शासन पहुंचाने की दिशा में यह कदम एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक मॉडल प्रस्तुत करता है।
- **अरुणाचल प्रदेश में:** राज्य के दूरदराज और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों तक सरकारी योजनाओं और सेवाओं की पहुंच तेज और आसान हो सकेगी।

## सवाल-जवाब

### 1. लोक भवन में शुक्रवार को किनके बीच बैठक हुई?
शुक्रवार को लोक भवन में अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) केटी परनाइक और प्रशासनिक सुधार आयोग के अध्यक्ष प्रमोद जैन के बीच बैठक हुई।

### 2. राज्यपाल केटी परनाइक ने किस तरह के प्रशासनिक सुधारों की वकालत की?
उन्होंने ऐसे सुधारों पर जोर दिया जो व्यावहारिक, जन-केंद्रित और भविष्य की जरूरतों के अनुकूल हों, ताकि दूरदराज के क्षेत्रों तक सेवाएं पहुंच सकें।

### 3. अरुणाचल प्रदेश के दूरदराज इलाकों की चुनौतियों से निपटने के लिए क्या सुझाव दिए गए?
भौगोलिक बाधाओं को दूर करने और सीमावर्ती व ग्रामीण क्षेत्रों में लोक सेवाओं की पहुंच बेहतर करने के लिए तकनीक और डेटा-आधारित शासन अपनाने का सुझाव दिया गया।

### 4. तृणमूल स्तर के संस्थानों को मजबूत करने का क्या उद्देश्य है?
इससे स्थानीय समुदायों को निर्णय लेने की प्रक्रिया में अधिक भूमिका मिलेगी और वे सरकारी विकास पहलों का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से उठा सकेंगे।

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