# अरुणाचल प्रदेश के यिंगकियोंग में धारा 163 लागू, सियांग बांध परियोजना के विरोध के बीच प्रशासन का सख्त कदम

> अरुणाचल प्रदेश के सियांग जिले में प्रस्तावित पनबिजली परियोजना के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रशासन ने यिंगकियोंग शहर में धारा 163 लागू कर दी है। यह प्रतिबंध आगामी 30 दिनों तक प्रभावी रहेंगे।

**Type:** article · **Category:** अरुणाचल प्रदेश · **Published:** 2026-10-12 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/arunachal-pradesh/section-163-imposed-in-yingkiong-amid-protests-against-siang-dam-project-in-arunachal-pradesh-47004 · **Language:** Hindi
**Tags:** अरुणाचल प्रदेश, यिंगकियोंग, सियांग बांध, पेमा खांडू, धारा 163, कानून व्यवस्था

अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सियांग जिले के प्रशासन ने यिंगकियोंग शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए निषेधाज्ञा लागू कर दी है। यह कदम प्रस्तावित सियांग अपर मल्टीपर्पस प्रोजेक्ट की प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट सर्वे के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों के मद्देनजर उठाया गया है, जिससे क्षेत्र में शांति भंग होने की आशंका जताई जा रही है।

## जिला प्रशासन का सख्त आदेश

जिला मजिस्ट्रेट अशोक ताजो ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया है। यह पाबंदियां तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं और 10 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेंगी। हालात की गंभीरता को देखते हुए यह आदेश एकतरफा रूप से पारित किया गया है, जिसके तहत यिंगकियोंग शहर के कई संवेदनशील और महत्वपूर्ण ठिकानों के आसपास पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

## प्रतिबंधित क्षेत्र और पाबंदियां

प्रशासन द्वारा जिन प्रमुख स्थानों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं, उनमें उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक का कार्यालय परिसर, पुलिस थाना, डीसी और एसपी के आधिकारिक आवास तथा टुटिंग-यिंगकियोंग निर्वाचन क्षेत्र के विधायक आलो लिबांग का आवास शामिल है। आदेश में इस बात की आशंका जताई गई है कि कुछ असामाजिक तत्व भीड़ का फायदा उठाकर सरकारी संपत्तियों, सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा सकते हैं या आगजनी जैसी घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं।

## मार्च और हथियारों पर रोक

जारी किए गए आदेश के अनुसार, सक्षम प्राधिकारी से पूर्व लिखित अनुमति के बिना इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के जुलूस, रैली, मार्च या सभाओं के आयोजन पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा, प्रतिबंधित क्षेत्रों के आसपास दारा, भाले और आग्नेयास्त्र जैसे घातक हथियार लेकर चलने पर भी सख्त पाबंदी है। आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 223 और अन्य प्रासंगिक कानूनों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

## मुख्यमंत्री पेमा खांडू का बयान

इस बीच, अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने प्रस्तावित सियांग अपर मल्टीपर्पस प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे लोगों की हिरासत का बचाव किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कानून व्यवस्था को बाधित करने वालों के खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी। रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सियांग बेल्ट के कई ग्रामीणों को इस परियोजना के बारे में गलत जानकारी दी गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि लोकतंत्र या विरोध प्रदर्शन के नाम पर हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसमें शामिल लोगों को कानून का सामना करना पड़ेगा।

## इसका आप पर असर
अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सियांग जिले में प्रशासन द्वारा धारा 163 लागू किए जाने से स्थानीय नागरिकों के दैनिक जीवन और आवाजाही पर कड़े प्रतिबंध लग गए हैं।

- **अरुणाचल प्रदेश में:** राज्य भर में बड़े विरोध प्रदर्शनों और कानून व्यवस्था की स्थिति पर प्रशासनिक निगरानी कड़ी कर दी गई है। इससे संवेदनशील परियोजनाओं के खिलाफ उठने वाली आवाजों पर प्रशासनिक नियंत्रण बढ़ गया है।

- **यिंगकियोंग में:** स्थानीय नागरिकों और प्रदर्शनकारियों के लिए सरकारी कार्यालयों, पुलिस स्टेशनों और प्रमुख नेताओं के आवासों के पास पांच या अधिक लोगों के जुटने पर प्रतिबंध है। बिना लिखित अनुमति के कोई भी रैली या जुलूस नहीं निकाला जा सकता है।

- **सार्वजनिक सुरक्षा:** शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में दारा, भाले और आग्नेयास्त्र जैसे घातक हथियार लेकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध है। आदेश का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत सीधी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

- **परियोजना की स्थिति:** सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रस्तावित पनबिजली परियोजना के सर्वे का विरोध करने वालों पर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर तनाव का माहौल बना हुआ है और प्रशासन हर गतिविधि पर पैनी नजर रखे हुए है।

## ऐसा क्यों हुआ
यिंगकियोंग शहर में निषेधाज्ञा लागू करने के पीछे प्रशासन का मुख्य उद्देश्य प्रस्तावित पनबिजली परियोजना के विरोध के दौरान संभावित हिंसा और कानून व्यवस्था की स्थिति को बिगड़ना रोकना है।

- **परियोजना सर्वे का विरोध:** स्थानीय लोग प्रस्तावित सियांग अपर मल्टीपर्पस प्रोजेक्ट की प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट सर्वे का कड़ा विरोध कर रहे हैं। इस विरोध के कारण क्षेत्र में बड़े पैमाने पर जनसमूह इकट्ठा होने की आशंका जताई गई थी।

- **हिंसा और तोड़फोड़ की आशंका:** जिला प्रशासन के अनुसार, कुछ असामाजिक तत्व इन प्रदर्शनों और भीड़भाड़ का फायदा उठाकर सरकारी दफ्तरों और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसी संभावित खतरे को टालने के लिए एहतियातन यह कदम उठाया गया है।

- **ग्रामीणों में गलतफहमी:** मुख्यमंत्री पेमा खांडू के अनुसार, सियांग बेल्ट के कई गांवों में इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर भ्रामक जानकारियां फैलाई गई हैं। इस गलत प्रचार के कारण स्थानीय निवासियों में रोष और असमंजस की स्थिति पैदा हुई है।

- **प्रशासनिक चेतावनी:** सरकार ने पहले ही साफ कर दिया है कि लोकतांत्रिक विरोध के नाम पर सार्वजनिक शांति भंग करने वालों या हिंसा फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए तुरंत दंडात्मक प्रावधानों का सहारा लिया है।

## सवाल-जवाब

### 1. यिंगकियोंग में कौन सा आदेश लागू किया गया है?
प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की है।

### 2. यह आदेश कितने दिनों तक प्रभावी रहेगा?
यह प्रतिबंधात्मक आदेश 30 दिनों के लिए लागू किया गया है और 10 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा।

### 3. किन स्थानों के आसपास लोगों के इकट्ठा होने पर रोक है?
डीसी और एसपी कार्यालय, पुलिस स्टेशन, उनके आधिकारिक आवास और विधायक आलो लिबांग के घर के पास पाबंदी है।

### 4. इस विरोध प्रदर्शन की मुख्य वजह क्या है?
यह विरोध प्रदर्शन प्रस्तावित सियांग अपर मल्टीपर्पस प्रोजेक्ट के प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट सर्वे के खिलाफ हो रहा है।

### 5. मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने प्रदर्शनकारियों के बारे में क्या कहा है?
मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों और हिंसा फैलाने वालों से कानून के अनुसार सख्ती से निपटा जाएगा।

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