# उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने विधानसभा में अरुणाचल प्रदेश को बताया सीमाओं का प्रहरी, पूर्वोत्तर के आर्थिक विकास पर दिया जोर

> उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने ईटानगर में विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित करते हुए अरुणाचल प्रदेश को देश की सीमाओं का प्रहरी बताया और पूर्वोत्तर को भारत का आर्थिक इंजन करार दिया।

**Type:** article · **Category:** अरुणाचल प्रदेश · **Published:** 2026-09-09 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/arunachal-pradesh/uparashtrapati-radhakrishnan-ne-vidhanasabha-men-arunachal-pradesh-ko-bataya-simaon-ka-prahari-purvottara-ke-arthika-vikasa-para-d-30209 · **Language:** Hindi
**Tags:** अरुणाचल प्रदेश, सी पी राधाकृष्णन, पूर्वोत्तर विकास, एक्ट ईस्ट पॉलिसी, विधानसभा, DoNER

उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने बुधवार को ईटानगर स्थित अरुणाचल प्रदेश विधानसभा के एक विशेष सत्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने राज्य की रणनीतिक महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि अरुणाचल प्रदेश देश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं का एक गर्वित प्रहरी है। विधानसभा के सदस्यों को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि पूर्वोत्तर क्षेत्र अब देश के आर्थिक विकास का एक प्रमुख इंजन बनकर उभर रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक्ट ईस्ट पॉलिसी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

## सीमा सुरक्षा और पूर्वोत्तर के लिए संस्थागत प्रयास
अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने जोर देकर कहा कि अरुणाचल प्रदेश की प्रगति सीधे तौर पर भारत के समग्र विकास से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि इस राज्य के पास समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ विकास की असीम संभावनाएं मौजूद हैं। केंद्र सरकारों के लगातार ध्यान केंद्रित करने का जिक्र करते हुए उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इस क्षेत्र को संस्थागत प्राथमिकता देने के लिए पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (DoNER) की स्थापना की थी। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक्ट ईस्ट पॉलिसी ने पूर्वोत्तर के रणनीतिक और आर्थिक महत्व को और अधिक मजबूती प्रदान की है।

प्रधानमंत्री द्वारा पूर्वोत्तर के आठ राज्यों को 'अष्टलक्ष्मी' कहे जाने का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह पूरा क्षेत्र देश के भविष्य के विकास के लिए अपार क्षमता रखता है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा क्षेत्र के वित्तीय आवंटन में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है। इसी क्रम में इस वर्ष के केंद्रीय बजट में DoNER मंत्रालय को 6,800 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की गई है।

## पर्यावरण सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण
आर्थिक पहलुओं के अलावा उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने राज्य के पर्यावरणीय महत्व पर विशेष बल दिया। उन्होंने जानकारी दी कि अरुणाचल प्रदेश का लगभग 79 प्रतिशत हिस्सा जंगलों से ढका हुआ है। राज्य की समृद्ध जैव विविधता, घने वन, नदियां और अन्य प्राकृतिक संसाधन न केवल भारत की पर्यावरण सुरक्षा को सुदृढ़ बनाते हैं, बल्कि जलवायु परिवर्तन के खतरों से निपटने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

## कृषि क्षेत्र में प्रगति और ढांचागत विकास की रफ्तार
राज्य के कृषि और बुनियादी ढांचे के विकास का जिक्र करते हुए उपराष्ट्रपति ने बताया कि अरुणाचल प्रदेश अब देश में कीवी फल का सबसे बड़ा उत्पादक बन गया है। किसानों को वैज्ञानिक सहायता देने के उद्देश्य से राज्य में एक लाख से अधिक सॉइल हेल्थ कार्ड वितरित किए जा चुके हैं।

इसके अलावा राज्य के नागरिकों की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और प्रति व्यक्ति आय दोगुनी से अधिक हो गई है। बुनियादी ढांचे के मोर्चे पर भी तेजी से काम हो रहा है, जहां वर्तमान में प्रतिवर्ष लगभग 1,800 किमी की रफ्तार से सड़कों का निर्माण किया जा रहा है।

## इसका आप पर असर
अरुणाचल प्रदेश में बुनियादी ढांचे का विकास और पूर्वोत्तर क्षेत्र पर केंद्र का ध्यान देश भर के नागरिकों और स्थानीय निवासियों दोनों के लिए कई प्रत्यक्ष लाभ लाता है।

- **भारत भर में:** पूर्वोत्तर की सीमा सुरक्षा मजबूत होने से राष्ट्रीय सुरक्षा सुदृढ़ होती है। इसके अतिरिक्त राज्य का 79 प्रतिशत वन क्षेत्र भारत की पर्यावरण सुरक्षा और जलवायु स्थिरता में योगदान देता है।
- **अरुणाचल प्रदेश में:** प्रतिवर्ष लगभग 1,800 किमी सड़क निर्माण से यात्रा का समय घटेगा और व्यापारिक संपर्क आसान होगा। बुनियादी ढांचा बेहतर होने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
- **किसानों के लिए:** एक लाख से अधिक सॉइल हेल्थ कार्ड मिलने से किसान अपनी मिट्टी की गुणवत्ता समझ सकेंगे और उर्वरक का सही उपयोग कर पाएंगे। कीवी उत्पादन में अग्रणी होने से बागवानी और कृषि आधारित आय में और वृद्धि होगी।
- **आर्थिक समृद्धि:** प्रति व्यक्ति आय दोगुनी से अधिक होने से स्थानीय निवासियों के जीवन स्तर में सुधार आ रहा है। DoNER मंत्रालय को मिले 6,800 करोड़ रुपये से अधिक के बजट से क्षेत्र में नए विकास प्रोजेक्ट समय पर पूरे होंगे।

## ऐसा क्यों हुआ
उपराष्ट्रपति का यह संबोधन अरुणाचल प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र के अवसर पर हुआ, जिसमें राज्य की सीमा सुरक्षा और आर्थिक भूमिका पर चर्चा की गई।

- **रणनीतिक स्थिति:** अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित होने के कारण अरुणाचल प्रदेश की सुरक्षा और विकास भारत की राष्ट्रीय अखंडता के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
- **संस्थागत इतिहास:** पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (DoNER) का गठन इस क्षेत्र को प्रशासनिक प्राथमिकता देने का पहला बड़ा कदम था।
- **एक्ट ईस्ट नीति:** वर्तमान सरकार की एक्ट ईस्ट पॉलिसी ने पूर्वोत्तर को दक्षिण-पूर्व एशिया से जोड़ने और इसे आर्थिक विकास का केंद्र बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है।
- **आर्थिक और ढांचागत प्रगति:** हाल के वर्षों में 1,800 किमी वार्षिक सड़क निर्माण और कृषि प्रोत्साहन के कारण राज्य की प्रति व्यक्ति आय में दोगुनी से अधिक बढ़ोतरी हुई है।

## सवाल-जवाब

### 1. उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने अरुणाचल प्रदेश को क्या कहा?
उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने अरुणाचल प्रदेश को भारत की सीमाओं का गर्वित प्रहरी और राष्ट्रीय एकता का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

### 2. अरुणाचल प्रदेश का कितना क्षेत्र वनों से आच्छादित है?
अरुणाचल प्रदेश का लगभग 79 प्रतिशत क्षेत्र जंगलों से ढका हुआ है, जो देश की पर्यावरण सुरक्षा में अहम भूमिका निभाता है।

### 3. अरुणाचल प्रदेश में सड़क निर्माण की वर्तमान गति क्या है?
राज्य में वर्तमान में प्रतिवर्ष लगभग 1,800 किलोमीटर की रफ्तार से नई सड़कों का निर्माण किया जा रहा है।

### 4. इस वर्ष DoNER मंत्रालय को बजट में कितनी राशि आवंटित की गई?
इस वर्ष के केंद्रीय बजट में पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (DoNER) को 6,800 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की गई है।

### 5. कृषि क्षेत्र में अरुणाचल प्रदेश ने किस फल के उत्पादन में शीर्ष स्थान हासिल किया है?
अरुणाचल प्रदेश भारत में कीवी फल का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य बन गया है।

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