# जीरो संगीत उत्सव के बाद एचआईवी जांच की फर्जी सलाह पर स्वास्थ्य विभाग का खंडन

> अरुणाचल प्रदेश के लोअर सुबनसिरी जिले में आयोजित जीरो संगीत उत्सव में शामिल लोगों से एचआईवी जांच कराने की सोशल मीडिया पर फैल रही अपील को स्वास्थ्य अधिकारियों ने पूरी तरह फर्जी और भ्रामक बताया है।

**Type:** article · **Category:** अरुणाचल प्रदेश · **Published:** 2026-09-29 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/arunachal-pradesh/ziro-sngita-utsava-ke-bada-hiv-jancha-ki-pharji-salaha-para-svasthya-vibhaga-ka-khndana-40038 · **Language:** Hindi
**Tags:** जीरो संगीत उत्सव, अरुणाचल प्रदेश, लोअर सुबनसिरी, मिल्लो कुन्या, एचआईवी जांच, स्वास्थ्य विभाग, फर्जी खबर

अरुणाचल प्रदेश के लोअर सुबनसिरी जिले में स्थित जीरो संगीत उत्सव में भाग लेने वाले लोगों को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों को स्थानीय स्वास्थ्य विभाग ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। इंटरनेट पर एक संदेश तेजी से साझा किया जा रहा था, जिसमें संगीत समारोह में पहुंचे प्रतिभागियों को तुरंत अपनी एचआईवी जांच कराने के लिए कहा जा रहा था। इस फर्जी चेतावनी को स्वास्थ्य अधिकारियों ने निराधार, अनाधिकृत और आम जनता को गुमराह करने वाला करार दिया है।

## स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया आधिकारिक स्पष्टीकरण
लोअर सुबनसिरी की जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. मिल्लो कुन्या ने इस संबंध में एक औपचारिक सर्कुलर जारी करते हुए वस्तुस्थिति स्पष्ट की। सर्कुलर में यह साफ किया गया कि प्रशासन या स्वास्थ्य तंत्र की ओर से ऐसा कोई दिशा-निर्देश अथवा परामर्श जारी नहीं किया गया है। सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा था कि उत्सव में राज्य से बाहर के एचआईवी पॉजिटिव व्यक्ति शामिल हुए थे, इसलिए सभी प्रतिभागियों को टेस्ट कराना अनिवार्य है। चिकित्सा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह दावा पूरी तरह से मनगढ़ंत है और इसका स्वास्थ्य एजेंसियों से कोई सरोकार नहीं है।

## एड्स नियंत्रण सोसायटियों के नाम का दुरुपयोग
वायरल हो रहे संदेश में यह भ्रम फैलाया गया था कि यह चेतावनी एड्स नियंत्रण सोसायटी की तरफ से आई है। पोस्ट में लिखा गया था कि जो लोग उत्सव में पहुंचे हैं वे जल्द से जल्द एचआईवी जांच करा लें क्योंकि बाहरी राज्यों से पॉजिटिव लोग आए हैं। डॉ. मिल्लो कुन्या के सर्कुलर के अनुसार, न तो राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी और न ही जिला एड्स नियंत्रण सोसायटी ने ऐसा कोई बयान अथवा निर्देश प्रसारित किया है। विभाग ने पुष्टि की कि सरकारी संस्थानों के नाम का झूठा सहारा लेकर यह झूठी खबर बनाई गई है।

## अफवाहों से बचने और अधिकृत सूचना पर विश्वास की अपील
प्रशासन ने आम जनता और मीडिया से ऐसी अपुष्ट और भ्रामक जानकारियों पर विश्वास न करने और उन्हें आगे फॉरवर्ड करने से बचने का आग्रह किया है। अधिकारियों ने कहा कि बिना जांचे-परखे संदेशों को प्रसारित करने से समाज में अनावश्यक भय और असमंजस पैदा होता है। लोगों को केवल अधिकृत सरकारी माध्यमों से आने वाली सूचनाओं पर ही ध्यान देना चाहिए। उल्लेखनीय है कि जीरो संगीत उत्सव हर वर्ष देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में कलाकारों और संगीत प्रेमियों को आकर्षित करता है, और इसी लोकप्रियता का लाभ उठाकर यह दुष्प्रचार फैलाया गया था।

## इसका आप पर असर
इस फर्जी संदेश के खंडन से उत्सव में शामिल लोगों और पर्यटकों को राहत मिली है तथा स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी मिली है।

- **भारत में:** देश भर से संगीत समारोह में शामिल होने पहुंचे सैलानियों और संगीत प्रेमियों को अनावश्यक घबराहट या अनचाहे मेडिकल टेस्ट कराने की जरूरत नहीं है। पर्यटकों को सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले गैर-सरकारी स्वास्थ्य संदेशों पर बिना सत्यापन के विश्वास नहीं करना चाहिए।
- **अरुणाचल प्रदेश में:** लोअर सुबनसिरी और स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जिले में कोई स्वास्थ्य आपातकाल या विशेष जांच अभियान लागू नहीं है। स्थानीय नागरिकों और आगंतुकों को सलाह दी गई है कि वे भ्रामक पोस्ट आगे साझा करने से बचें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
- **सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के लिए:** किसी भी सार्वजनिक स्वास्थ्य संगठन के नाम से जुड़े संदेशों को दोबारा साझा करने से पहले उनकी सत्यता जांचना आवश्यक है। बिना पुष्टि किए संवेदनशील बीमारियों से जुड़े संदेश फॉरवर्ड करने से कानूनी परेशानी और समाज में गलतफहमियां बढ़ सकती हैं।
- **आयोजकों और आगंतुकों के लिए:** बड़े सांस्कृतिक आयोजनों के बाद फैलने वाले ऐसे झूठे संदेशों की तुरंत सूचना स्थानीय प्रशासन को देना महत्वपूर्ण है। इससे समय रहते आधिकारिक खंडन जारी हो पाता है और पर्यटन उद्योग पर नकारात्मक असर नहीं पड़ता।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटना सोशल मीडिया पर बिना किसी सत्यापन के एक संवेदनशील स्वास्थ्य विषय को लोकप्रिय सांस्कृतिक कार्यक्रम से जोड़कर सनसनी फैलाने के कारण उत्पन्न हुई।

- **सीधा कारण:** इंटरनेट पर एक अनधिकृत संदेश प्रसारित किया गया जिसमें झूठा दावा किया गया कि बाहरी राज्यों से आए लोगों के कारण उत्सव प्रतिभागियों को एचआईवी जांच करानी चाहिए। इस संदेश में राज्य और जिला एड्स नियंत्रण सोसायटी का नाम फर्जी तरीके से जोड़ा गया था।
- **घटना की परिस्थितियां:** जीरो संगीत उत्सव में देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में लोग और कलाकार पहुंचते हैं। इतने बड़े जनसमूह की मौजूदगी का फायदा उठाकर अफवाह फैलाने वालों ने डर का माहौल बनाने के लिए यह फर्जी पोस्ट तैयार की।
- **स्वास्थ्य विभाग का हस्तक्षेप:** सोशल मीडिया पर संदेश के तेजी से फैलने और लोगों में भ्रम बढ़ने के बाद लोअर सुबनसिरी की जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. मिल्लो कुन्या ने औपचारिक सर्कुलर जारी कर इसका खंडन किया। विभाग ने स्पष्ट किया कि न तो कोई ऐसा परामर्श दिया गया है और न ही इसकी कोई आवश्यकता है।

## सवाल-जवाब

### 1. क्या जीरो संगीत उत्सव के प्रतिभागियों के लिए कोई एचआईवी जांच एडवाइजरी जारी की गई है?
नहीं, स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसी कोई जांच एडवाइजरी जारी नहीं की गई है और वायरल दावा पूरी तरह फर्जी है।

### 2. यह आधिकारिक स्पष्टीकरण किस अधिकारी द्वारा जारी किया गया है?
यह सर्कुलर लोअर सुबनसिरी की जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. मिल्लो कुन्या द्वारा जारी किया गया है।

### 3. सोशल मीडिया पर क्या गलत दावा किया जा रहा था?
दावा किया जा रहा था कि उत्सव में बाहरी राज्यों से एचआईवी पॉजिटिव लोग आए थे, इसलिए सभी प्रतिभागियों को एड्स नियंत्रण सोसायटी के निर्देश पर टेस्ट कराना चाहिए।

### 4. क्या राज्य या जिला एड्स नियंत्रण सोसायटी ने कोई सूचना दी थी?
नहीं, स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टि की है कि न तो राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी और न ही जिला एड्स नियंत्रण सोसायटी ने ऐसा कोई निर्देश दिया है।

### 5. अधिकारियों ने जनता और मीडिया से क्या अपील की है?
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसी अपुष्ट खबरों को साझा न करें और केवल अधिकृत सरकारी माध्यमों पर ही भरोसा रखें।

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