डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू के बीच गहन चर्चा, ईरान और खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर हुआ मंथन ईरान के हालिया मिसाइल हमलों और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ती तनावपूर्ण स्थिति के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात की है। इस दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्र की सुरक्षा और अमेरिकी रणनीतिक कदमों पर विस्तृत चर्चा की। हाल ही में ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों के बाद, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ एक महत्वपूर्ण टेलीफोनिक बातचीत की। इस चर्चा का मुख्य केंद्र खाड़ी क्षेत्र में बनी नई सुरक्षा चुनौतियां और वहां सक्रिय अमेरिकी गतिविधियां रहीं। इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दोनों नेताओं ने आपस में समन्वय बनाए रखने पर सहमति जताई है। इस बातचीत में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट रूप से तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन की ओर से इजरायल की संप्रभुता को लेकर दिए गए बयानों पर गहरी चिंता व्यक्त की। बेंजामिन नेतन्याहू ने जोर देकर कहा कि इजरायल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीमाओं पर सुरक्षा घेरा बनाना वर्तमान में एक अनिवार्य आवश्यकता है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर का सैन्य हमला इस बातचीत से ठीक पहले, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने एक बड़ी सैन्य कार्रवाई का दावा किया है। IRGC के अनुसार, गुरुवार को उन्होंने उत्तरी जॉर्डन में स्थित अल-अजराक हवाई अड्डे को अपना निशाना बनाया। इस हमले में कुल 10 बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। IRGC ने इस विशिष्ट ठिकाने को पश्चिम एशिया में अमेरिका का मुख्य कमांड और कंट्रोल सेंटर करार दिया है। आधिकारिक ईरानी मीडिया IRIB के मुताबिक, यह जवाबी कार्रवाई वाशिंगटन की ओर से हाल ही में तेहरान पर किए गए हमलों के प्रतिशोध में की गई है। IRGC ने इसे अपने सैन्य पलटवार का दूसरा चरण बताया है। दावा किया गया कि दोपहर 2:20 बजे इन मिसाइलों ने सटीक प्रहार करते हुए दुश्मन के हवाई अड्डे और कमांड सेंटर को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। क्षेत्रीय तनाव और अगली चेतावनी तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है क्योंकि IRGC ने आगे और भी कठोर कदम उठाने की धमकी दी है। IRIB के जरिए जारी चेतावनी में कहा गया है कि यदि अमेरिकी सेना ने अपनी आक्रामक नीतियों को जारी रखा, तो पूरे क्षेत्र में मौजूद अन्य अमेरिकी अड्डे भी उनकी भारी गोलाबारी की जद में होंगे। ईरान का दावा है कि उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि हमलों का सिलसिला जारी रहने पर वे अपनी जवाबी प्रतिक्रिया का विस्तार करने के लिए बाध्य होंगे। इस सैन्य घटनाक्रम के बीच, जॉर्डन प्रशासन ने पुष्टि की है कि ईरानी मिसाइलों के उनके हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद देश भर में एयर रेड सायरन सक्रिय कर दिए गए थे, जिससे क्षेत्र में भारी अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। सुरक्षा एजेंसियां अब इन हमलों के बाद के परिणामों और संभावित क्षेत्रीय अस्थिरता का आकलन करने में जुटी हैं। इसका आप पर असर भारत में: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव से अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव आ सकता है, जिसका सीधा असर देश में पेट्रोल और डीजल के दामों पर पड़ सकता है। व्यापक स्तर पर: इस क्षेत्र में अस्थिरता के कारण वैश्विक व्यापारिक मार्गों और लॉजिस्टिक्स की सुरक्षा को लेकर निवेशकों के बीच अनिश्चितता बनी रह सकती है। सवाल-जवाब 1. डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू के बीच बातचीत का मुख्य विषय क्या था? दोनों नेताओं ने ईरान के हालिया हमलों और खाड़ी क्षेत्र में चल रही अमेरिकी गतिविधियों पर चर्चा की। 2. ईरान के IRGC ने किस ठिकाने पर हमला करने का दावा किया है? IRGC ने उत्तरी जॉर्डन में स्थित अल-अजराक हवाई अड्डे पर 10 बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला करने का दावा किया है। 3. ईरान ने इस हमले को क्या नाम दिया है? ईरान ने इसे वाशिंगटन द्वारा किए गए हमलों के जवाब में की गई कार्रवाई का दूसरा चरण बताया है। 4. बेंजामिन नेतन्याहू ने तुर्किये के राष्ट्रपति के बारे में क्या कहा? नेतन्याहू ने रेसेप तैयप एर्दोगन द्वारा इजरायल के खिलाफ दिए गए बयानों को गंभीर बताया और सीमाओं पर सुरक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया। https://trendkia.com/asia/donald-trump-aura-benjamin-netanyahu-ke-bicha-gahana-charcha-irana-aura-khari-kshetra-ki-sthiti-para-hua-mnthana-6388 TrendKia — Har trend, sabse pehle.