# हिमालयी झीलों के फटने की चेतावनी से नेपाल और चीन में बढ़ा संकट, 400 की मौत और 1400 लापता

> नेपाल और चीन के सीमावर्ती इलाकों में भयानक फ्लैश फ्लड के बाद अब दो बैरियर झीलें बनने से अगले 72 घंटे में फिर से तबाही का खतरा मंडरा रहा है।

**Type:** article · **Category:** एशिया · **Published:** 2026-08-28 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/asia/himalayas-jhilon-ke-phatane-ki-chetavani-se-nepal-aura-china-men-barha-snkata-400-ki-mauta-aura-1400-lapata-23438 · **Language:** Hindi
**Tags:** नेपाल बाढ़, चीन चेतावनी, भोटेकोशी नदी, हिमालय आपदा, रसुवा जिला, बैरियर झील

नेपाल और चीन के सीमावर्ती पर्वतीय क्षेत्रों में भीषण प्राकृतिक आपदा के बाद स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। इस हफ्ते भोटेकोशी नदी और आसपास के जलग्रहण क्षेत्रों में आई अचानक बाढ़ ने कई गांवों और कस्बों में भारी तबाही मचाई है। बचावकर्मी नेपाल के रसुवा जिले से लेकर तिब्बत के इलाकों तक मलबे में जिंदगियां तलाश रहे हैं। बाढ़ और भूस्खलन के कारण अब तक मरने वालों की संख्या बढ़कर लगभग 400 हो चुकी है, जबकि 1,400 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं। गायब होने वालों में 30 से अधिक देशों के नागरिक शामिल हैं, जिनमें 290 भारतीय तीर्थयात्री भी हैं।

## दो नदियों के संगम पर बनी खतरनाक बैरियर झीलें
राहत और बचाव कार्यों के बीच चीन और नेपाल की ओर से अगले 3 दिनों के लिए नया रेड अलर्ट जारी किया गया है। दो नदियों के संगम पर पानी रुकने से सीमा के दोनों तरफ विशाल बैरियर झीलें बन गई हैं। अनुमान के मुताबिक इन प्राकृतिक बांधों में लगभग 5,000 करोड़ लीटर पानी जमा हो चुका है। यदि यह पानी अचानक बाहर निकला तो निचले इलाकों में तबाही की दूसरी लहर आ सकती है। चीन ने चेतावनी जारी करते हुए अगले 72 घंटों को नेपाल और तिब्बत के निचले मैदानी इलाकों के लिए बेहद संवेदनशील बताया है।

## भारत के सीमावर्ती राज्यों में भी सतर्कता
नेपाल से निकलने वाली नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने की आशंका को देखते हुए भारत के पड़ोसी राज्यों को भी सतर्क कर दिया गया है। अगले 48 घंटे उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तर-पूर्वी राज्यों के लिए काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन को तटीय बस्तियों को खाली कराने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। आपदा प्रबंधन टीमें हालात पर लगातार नजर रख रही हैं।

## इसका आप पर असर
नेपाल और चीन की सीमा पर झीलों के फटने की आशंका से भारत के सीमावर्ती राज्यों में जलभराव और सुरक्षा को लेकर जोखिम बढ़ गया है।

- **भारत में:** नेपाल की नदियों में उफान से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में पानी का बहाव बढ़ सकता है। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित होने की सलाह दी गई है।
- **उत्तर प्रदेश और बिहार में:** अगले 48 घंटों के दौरान गंडक, कोसी और संबंधित नदियों के किनारे बसे गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है। जल संसाधन विभाग ने तटबंधों पर निगरानी बढ़ा दी है।
- **तीर्थयात्रियों के परिवारों के लिए:** नेपाल यात्रा पर गए 290 भारतीय तीर्थयात्रियों के परिजनों के लिए हेल्पलाइन और राहत बचाव दल सक्रिय कर दिए गए हैं। यात्रा मार्गों के पूरी तरह बहाल होने तक आगे की नेपाल यात्रा स्थगित करने का सुझाव दिया गया है।
- **पर्यटकों और यात्रियों के लिए:** नेपाल या तिब्बत के सीमावर्ती पहाड़ी मार्गों पर सफर करने वाले लोगों को यात्रा टालने की सलाह दी गई है। भूस्खलन के चलते कई प्रमुख राजमार्ग अभी भी बंद हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. नेपाल और चीन सीमा पर क्या नया खतरा पैदा हुआ है?
भूस्खलन के कारण नदियों के संगम पर दो विशाल बैरियर झीलें बन गई हैं, जिनमें लगभग 5,000 करोड़ लीटर पानी जमा हो चुका है और इनके फटने का डर बना हुआ है।

### 2. हालिया आई बाढ़ में अब तक कितना नुकसान हुआ है?
बाढ़ और आपदा के कारण लगभग 400 लोगों की मौत हो चुकी है और 1,400 से अधिक लोग लापता हैं।

### 3. अगले कितने घंटे इस आपदा के लिहाज से संवेदनशील बताए गए हैं?
मौसम और आपदा एजेंसियों ने अगले 72 घंटों को बेहद संवेदनशील बताया है और नया रेड अलर्ट जारी किया है।

### 4. क्या इस आपदा में भारतीय नागरिक भी प्रभावित हुए हैं?
हाँ, लापता लोगों में 30 से ज्यादा देशों के नागरिकों के साथ-साथ लगभग 290 भारतीय तीर्थयात्री भी शामिल हैं।

### 5. भारत के किन राज्यों में सतर्कता बरती जा रही है?
नेपाल की नदियों के उफान को देखते हुए उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तर-पूर्वी राज्यों में अगले 48 घंटे के लिए अलर्ट रखा गया है।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._