# ईरान में खामेनेई की अंतिम यात्रा पर सियासत गरमाई, राष्ट्रपति पेजेशकियन की कसम और पहलवी का करारा जवाब

> ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के जनाजे की रस्में शुरू होते ही राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने झंडा कभी न झुकने की कसम खाई, वहीं निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने इसे सरकारी प्रोपेगेंडा बताकर पलटवार किया।

**Type:** article · **Category:** एशिया · **Published:** 2026-07-05 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/asia/iran-men-khamenei-ki-antima-yatra-para-siyasata-garamai-rashtrapati-pezeshkian-ki-kasama-aura-pahlavi-ka-karara-javaba-4827 · **Language:** Hindi
**Tags:** खामेनेई, ईरान, मसूद पेजेशकियन, रजा पहलवी, जनाजा, तेहरान, इमाम रजा दरगाह

ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के जनाजे की रस्में औपचारिक तौर पर शुरू हो चुकी हैं और इसी के साथ देश की सियासत में भी हलचल तेज़ हो गई है। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने शनिवार को साफ शब्दों में कहा कि उनका देश अपने शहीद नेता के झंडे को कभी झुकने नहीं देगा और उसे हमेशा बुलंद रखेगा। पेजेशकियन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि 28 फरवरी को अमेरिकी-इजरायली हमलों में जान गंवाने वाले खामेनेई के प्रति ईरानी जनता की वफादारी कभी कम नहीं होगी। उनका यह बयान ऐसे वक्त आया है जब तेहरान समेत कई शहरों में जनाजे से जुड़े कार्यक्रमों की तैयारियां जोरों पर हैं।

## पेजेशकियन बोले, झंडा कभी जमीन पर नहीं गिरेगा
अपनी पोस्ट में मसूद पेजेशकियन ने लिखा कि ईरान की महान जनता के दिल इस वक्त गम से भरे हुए हैं, लेकिन उनमें उम्मीद भी उतनी ही जिंदा है। उन्होंने भरोसा जताया कि यही जनता यह साबित करके दिखाएगी कि जिस झंडे को ऊंचा रखने के लिए उनके शहीद नेता ने पूरी जिंदगी संघर्ष किया, वह झंडा कभी जमीन पर नहीं गिरेगा। पेजेशकियन ने आगे कहा कि उनकी कोशिश धरती पर प्रताड़ित लोगों को नेतृत्व और विरासत सौंपने की है, ताकि खामेनेई का संघर्ष व्यर्थ न जाए।

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## निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी का तीखा पलटवार
दूसरी ओर, निर्वासन में रह रहे ईरानी क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने खामेनेई की अंतिम यात्रा को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे ईरानी सरकार का सोचा-समझा प्रोपेगेंडा करार दिया। एक्स पर पोस्ट करते हुए पहलवी ने कहा कि तेहरान में अली खामेनेई के शोक में शामिल होने पहुंचे विदेशी प्रतिनिधियों को यह समझना चाहिए कि ईरान असल में उनके लिए शोक नहीं मना रहा। उनके मुताबिक, ईरान उन 40 हजार से ज्यादा बेटे-बेटियों के लिए दुखी है, जिन्हें 8 और 9 जनवरी को खामेनेई, गालीबाफ और उनकी दमनकारी मशीनरी ने मौत के घाट उतार दिया था। पहलवी का यह बयान सीधे ईरानी सत्ता पर निशाना साधता नजर आया।

## तेहरान से क़ुम और मशहद तक चलेगा जनाजे का सिलसिला
ईरान के सरकारी प्रसारक प्रेस टीवी के मुताबिक, तेहरान के ग्रैंड इमाम खुमैनी मुसल्ला से शुरू हुए जनाजे में लाखों लोग शामिल हो रहे हैं। मुख्य अंतिम यात्रा आज यानी सोमवार को तेहरान में निकाली जा रही है। इसके अगले दिन यानी मंगलवार को ईरान के शहर क़ुम में और गुरुवार को मशहद में भी जनाजे से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन सभी शहरों में रस्में पूरी होने के बाद अयातुल्लाह अली खामेनेई को इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

## इराक के नजफ और कर्बला में भी होंगे शोक कार्यक्रम
आयोजन से जुड़े लोगों के मुताबिक, आने वाले बुधवार को इराक के पवित्र शहर नजफ और कर्बला में भी अयातुल्लाह अली खामेनेई की याद में विदाई और शोक सभाएं आयोजित की जाएंगी। इससे पहले शुक्रवार को दुनिया भर के कई देशों के प्रतिनिधि और नेता तेहरान पहुंचे और उन्होंने अयातुल्लाह अली खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस तरह खामेनेई की अंतिम विदाई सिर्फ ईरान तक सीमित न रहकर कई देशों और शहरों तक फैल गई है।

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## सवाल-जवाब

### 1. अयातुल्लाह अली खामेनेई कौन थे?
वह ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता थे, जिनके जनाजे की रस्में अब शुरू हो चुकी हैं।

### 2. राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने झंडे को लेकर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि उनका देश शहीद नेता के झंडे को कभी झुकने नहीं देगा और उसे हमेशा बुलंद रखेगा।

### 3. खामेनेई की मौत कब और कैसे हुई, जैसा पेजेशकियन ने बताया?
पेजेशकियन के मुताबिक, 28 फरवरी को अमेरिकी-इजरायली हमलों में खामेनेई की जान गई थी।

### 4. रजा पहलवी ने खामेनेई के जनाजे पर क्या कहा?
उन्होंने इसे ईरानी सरकार का प्रोपेगेंडा बताया और कहा कि ईरान असल में उन 40 हजार से ज्यादा लोगों के लिए दुखी है जिन्हें 8 और 9 जनवरी को मार डाला गया था।

### 5. खामेनेई का जनाजा किन-किन शहरों में निकलेगा?
मुख्य जनाजा सोमवार को तेहरान में, मंगलवार को क़ुम में और गुरुवार को मशहद में निकाला जाएगा।

### 6. अयातुल्लाह अली खामेनेई को कहां सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा?
सभी रस्में पूरी होने के बाद उन्हें इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

### 7. क्या ईरान के बाहर भी शोक कार्यक्रम होंगे?
हां, बुधवार को इराक के नजफ और कर्बला में भी विदाई और शोक सभाएं आयोजित होंगी।

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