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  "type": "article",
  "title": "नेपाल बाढ़ त्रासदी में मृतकों की संख्या 1250 पार, 4875 लोग अब भी लापता",
  "summary": "नेपाल में आई तबाही के नौंवे दिन भी बचाव अभियान जारी है। रसुवा, नुवाकोट और चितवन सहित विभिन्न जिलों से 1,252 शव मिले हैं, जबकि हजारों लोग लापता हैं।",
  "content": "नेपाल में प्राकृतिक आपदा के बाद राहत और बचाव अभियान नौंवे दिन भी युद्ध स्तर पर जारी है। मलबे के नीचे से लगातार शवों के मिलने का सिलसिला बना हुआ है, जिससे मृतकों का आंकड़ा 1250 के आंकड़े को पार कर गया है। नेपाल सेना और पुलिस के साथ मिलकर राहत टीमें आपदा प्रभावित इलाकों में तलाशी अभियान चला रही हैं। इसके अलावा, एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की जलमग्न टनल में फंसे कर्मचारियों और नागरिकों को बाहर निकालने के लिए भारतीय सेना की विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम भी दिन-रात काम कर रही है।\n\nविभिन्न जिलों में बरामद शवों का विस्तृत ब्योरा\nनेपाल के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से दोपहर 12 बजे जारी आधिकारिक बुलेटिन के अनुसार, बाढ़ और विनाशकारी जलप्रलय के बाद कुल 1,252 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। रसुवा जिले के भोटेकोशी क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ से भारी तबाही देखने को मिली है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, चितवन जिले में सबसे अधिक 355 शव बरामद हुए हैं। इसके अतिरिक्त, नवलपरासी पूर्व में 218, नवलपरासी पश्चिम में 208 और नुवाकोट में 177 लोगों के शव मिले हैं। रसुवा जिले में 127, गोरखा में 69, धादिंग में 60 और तनहुं में 38 शवों की पुष्टि हुई है।\n\nहजारों लोग अब भी लापता, बचाव अभियान जारी\nआपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार, प्राकृतिक तबाही के बाद से 4,875 लोग अब भी लापता हैं और उनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। मलबे, कीचड़ और बाढ़ के तेज बहाव के बीच लापता लोगों की तलाश में गोताखोरों और आधुनिक उपकरणों की मदद ली जा रही है। इस बीच, राहत टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 11,993 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है। जलविद्युत परियोजना की सुरंग में फंसे लोगों को निकालने के लिए विशेष अभियान जारी है, जहां भारतीय सेना के जवान कठिन परिस्थितियों में राहत कार्य को अंजाम दे रहे हैं।\n\nइसका आप पर असर\nनेपाल में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों और पड़ोसी भारतीय सीमावर्ती इलाकों पर सीधा असर पड़ रहा है।\n\n• भारत में: सीमावर्ती क्षेत्रों में आवाजाही और व्यापार प्रभावित हो सकता है, साथ ही भारतीय सेना की मदद से फंसे हुए लोगों को निकालने का काम तेजी से चल रहा है। परिजनों के बारे में सूचना पाने के लिए आधिकारिक हेल्पलाइन का उपयोग करें।\n• नेपाल में: रसुवा, नुवाकोट और चितवन जैसे बुरी तरह प्रभावित जिलों में बुनियादी ढांचा नष्ट हो चुका है और राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों के निवासी स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा और स्वास्थ्य निर्देशों का पालन करें।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. नेपाल में आई बाढ़ में अब तक कितने लोगों की मौत हुई है?\nराष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, बाढ़ के बाद अब तक 1,252 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं।\n\n2. आपदा के बाद कितने लोग लापता हैं और कितनों को बचाया गया है?\nअब तक 4,875 लोगों से संपर्क नहीं हो पाया है, जबकि 11,993 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।\n\n3. सबसे ज्यादा शव किस जिले से बरामद हुए हैं?\nचितवन जिले से सबसे ज्यादा 355 शव बरामद हुए हैं, इसके बाद नवलपरासी पूर्व से 218 और नवलपरासी पश्चिम से 208 शव मिले हैं।\n\n4. राहत और बचाव कार्य में कौन सी टीमें जुटी हैं?\nनेपाल सेना और पुलिस के साथ-साथ भारतीय सेना की विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम जलविद्युत परियोजना की सुरंग में फंसे लोगों को निकालने में जुटी है।",
  "url": "https://trendkia.com/asia/nepal-barha-trasadi-men-mritakon-ki-snkhya-1250-para-4875-loga-aba-bhi-lapata-26959",
  "category": "एशिया",
  "publishedAt": "2026-09-03",
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    "नेपाल बाढ़",
    "रसुवा",
    "चितवन",
    "रेस्क्यू ऑपरेशन",
    "आपदा प्रबंधन",
    "भारतीय सेना",
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  "site": "TrendKia"
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