नेपाल में फिर मंडराया तबाही का खतरा, छोचेन नदी के पास हिमखंड टूटने की आशंका से चीन ने दी चेतावनी नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बीच छोचेन नदी के पास हिमखंडों के टूटने का नया खतरा पैदा हो गया है। चीनी दूतावास ने इस संबंध में नेपाल सरकार को आगाह किया है, जबकि देश में मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 1003 तक पहुंच गया है। नेपाल में 26 अगस्त को आई भयंकर बाढ़ की तबाही के बाद अब एक और बड़े संकट ने चिंता बढ़ा दी है। नेपाल की छोचेन नदी के पास बने इम्पैक्ट क्रेटर के इर्द-गिर्द मौजूद बर्फ की चट्टानों के टूटने का जोखिम अभी भी बना हुआ है, जिससे आने वाले समय में बड़ी आपदा आ सकती है। इस महत्वपूर्ण जानकारी को नेपाल में स्थित चीनी दूतावास की ओर से नेपाली अधिकारियों के साथ साझा किया गया है ताकि समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकें। चीन के जल संसाधन मंत्रालय ने जारी की चेतावनी चीनी सरकारी मीडिया सीसीटीवी न्यूज ने मंगलवार को चीन के जलस्रोत मंत्रालय के हवाले से यह ताजा रिपोर्ट प्रकाशित की है। सीसीटीवी के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के ग्यिरोंग काउंटी में आई मलबे वाली बाढ़ से जुड़े तमाम संभावित जोखिमों की लगातार निगरानी और आकलन करने के लिए चीन का जल संसाधन मंत्रालय लगातार परामर्श जारी रखे हुए है। हाल ही में सैटेलाइट से प्राप्त रिमोट-सेंसिंग तस्वीरों के तुलनात्मक विश्लेषण से यह बात सामने आई है कि ग्यिरोंग त्सांगपो नदी बेसिन में पहले से चिह्नित 14 हिमतालों के जलस्तर वाले क्षेत्रों में कोई खास बदलाव नहीं आया है और वे फिलहाल पूरी तरह स्थिर हैं। ड्रोन सर्वे और मौजूदा स्थिति का जायजा मंगलवार की सुबह नेपाली समयानुसार 5:45 बजे ड्रोन कैमरों से ली गई तस्वीरों के अनुसार, छोचेन नदी के इम्पैक्ट क्रेटर में भरा हुआ अधिकांश पानी अब बहकर निकल चुका है, जिसके चलते निचले तटीय इलाकों में नदी का प्रवाह सामान्य हो गया है। हालांकि, रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि क्रेटर के आसपास अभी भी बड़े हिमखंडों और हिमनदों के टूटने का खतरा टला नहीं है। इन बड़े हिमखंडों के अचानक ढहने से भविष्य में गंभीर और विकट स्थिति पैदा होने की आशंका बनी हुई है। चीन के जलस्रोत मंत्रालय की इस चेतावनी रिपोर्ट को चीनी दूतावास ने नेपाल सरकार के मौसम विभाग और बाढ़ पूर्वानुमान महाशाखा को उपलब्ध करा दिया है। बाढ़ से मृतकों की संख्या में इजाफा और पहचान को लेकर असमंजस दूसरी ओर, नेपाल में हालिया विनाशकारी बाढ़ के कारण जान गंवाने वाले लोगों की कुल संख्या बढ़कर 1003 हो गई है। प्रशासनिक और राहत एजेंसियों द्वारा खोज और बचाव अभियान अभी भी युद्धस्तर पर जारी है, जिसके चलते मृतकों का यह आंकड़ा और अधिक बढ़ सकता है। आपदा के इस दौर में बाढ़ पीड़ितों की पहचान करने में भी परिजनों को भारी संघर्षों का सामना करना पड़ रहा है। पोखरा के एक सरकारी अस्पताल में रखे गए शव नंबर 1003 की शिनाख्त को लेकर 3 अलग-अलग परिवार असमंजस में फंसे हुए हैं। इन तीनों परिवारों का यह दावा है कि यह शव उनके उस परिजन का है जो इस भीषण बाढ़ के आने के बाद से लापता चल रहा है। इसका आप पर असर नेपाल में प्राकृतिक आपदा और बाढ़ के इस दौर का असर स्थानीय नागरिकों और राहत कार्यों पर सीधे तौर पर पड़ रहा है। • भारत में: सीमावर्ती क्षेत्रों और मौसम प्रणालियों पर इस उथल-पुथल का असर पड़ सकता है, हालांकि सीधी क्षति नेपाल तक सीमित है। • नेपाल में: स्थानीय निवासियों और निचले तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को संभावित हिमखंड टूटने और बाढ़ के खतरों के कारण लगातार सतर्क रहना होगा। • राहत और पहचान: मृतकों की संख्या 1003 होने और एक ही शव पर कई दावेदारों के सामने आने से प्रशासनिक प्रक्रियाओं और डीएनए मिलान की आवश्यकता बढ़ गई है। • यातायात और सुरक्षा: दुर्गम पहाड़ी इलाकों में आवाजाही करने वालों को प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों का कड़ाई से पालन करना होगा। सवाल-जवाब 1. नेपाल में बाढ़ की विनाशकारी घटना कब हुई थी? नेपाल में विनाशकारी बाढ़ 26 अगस्त को आई थी। 2. वर्तमान में किस नदी के पास हिमखंड टूटने का खतरा है? नेपाल की छोचेन नदी के पास बने इम्पैक्ट क्रेटर के आसपास हिमखंड टूटने का खतरा बना हुआ है। 3. यह चेतावनी किस देश द्वारा साझा की गई है? यह जानकारी नेपाल में स्थित चीनी दूतावास द्वारा नेपाल सरकार के साथ साझा की गई है। 4. नेपाल बाढ़ में अब तक कुल कितने लोगों की मौत की पुष्टि हुई है? बाढ़ के कारण मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 1003 हो गई है। 5. शव नंबर 1003 को लेकर क्या विवाद है? पोखरा के एक अस्पताल में रखे शव नंबर 1003 पर तीन अलग-अलग परिवारों ने अपने लापता परिजन होने का दावा किया है। https://trendkia.com/asia/nepal-mein-fir-mandrayaya-tabahi-ka-khatra-chochen-nadi-ke-paas-himkhand-tutne-ki-aashanka-25900 TrendKia — Har trend, sabse pehle.