रूसी दूतावास ने अफगानिस्तान पर पाकिस्तानी हवाई हमलों पर जताई गंभीर चिंता, बच्चों की मौत की निंदा की अफगानिस्तान में रूसी दूतावास ने 1 अक्टूबर की रात हेलमंद और कुनार में हुए पाकिस्तानी हवाई हमलों की कड़ी आलोचना की है। अफगान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद के अनुसार इन हमलों में नौ लोगों की मौत हुई और ग्यारह घायल हुए। इस्लामाबाद और काबुल के बीच लगातार गहराते सैन्य टकराव पर मॉस्को ने कड़ा रुख अपनाया है। अफगानिस्तान में स्थित रूसी दूतावास ने सीमा पार से अंजाम दी जाने वाली पाकिस्तानी सैन्य कार्रवाइयों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए साफ कहा है कि इस तरह के हमलों का सबसे दर्दनाक असर निर्दोष लोगों, विशेषकर बच्चों पर पड़ रहा है। दूतावास के बयान के अनुसार दोनों पड़ोसी मुल्कों के बीच भड़की इस सैन्य तनातनी का खामियाजा उन नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है जिनका सीमाई विवादों से कोई सीधा लेना-देना नहीं है। हेलमंद और कुनार में रात के हवाई हमले रूसी राजनयिक मिशन ने हालिया सैन्य घटनाक्रम का ब्योरा देते हुए 1 अक्टूबर की रात अफगानिस्तान के हेलमंद और कुनार प्रांतों में अंजाम दिए गए हवाई हमलों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। दूतावास ने आधिकारिक तौर पर रेखांकित किया कि इन हमलों में बच्चों सहित कई निर्दोष नागरिक हताहत और जख्मी हुए हैं। पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान द्वारा लगातार की जा रही आक्रामक सैन्य कार्रवाइयों के चलते दक्षिण और मध्य एशिया में क्षेत्रीय स्थिरता गंभीर खतरे में पड़ गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक आलोचना हो रही है। इस घटनाक्रम पर दूतावास ने X पर लिखा और सैन्य टकराव के असर पर चिंता जाहिर की। रिहायशी ठिकानों पर बमबारी में नौ लोगों की मौत अफगान सरकार की ओर से जारी आधिकारिक विवरण में बताया गया कि गुरुवार को हुए इन विनाशकारी हवाई हमलों में अफगानिस्तान के भीतर कम से कम नौ लोगों ने अपनी जान गंवाई, जबकि ग्यारह अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। अफगान सरकार के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पुष्टि करते हुए जानकारी दी कि हवाई हमलों का निशाना सीधे तौर पर आवासीय बस्तियां बनीं। इस बमबारी में कुनार और हेलमंद प्रांतों में स्थित तीन रिहायशी मकान मलबे के ढेर में तब्दील हो गए। मुख्य प्रवक्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि जान गंवाने वालों में महिलाएं और छोटे बच्चे शामिल हैं। संप्रभुता उल्लंघन और बढ़ता सीमा विवाद इस अनधिकृत सैन्य कार्रवाई की कठोर शब्दों में भर्त्सना करते हुए अफगान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि वे इस कदम को खुली आक्रामकता और सभी स्थापित अंतरराष्ट्रीय सिद्धांतों का उल्लंघन करने वाला गंभीर अपराध मानते हैं। साल की शुरुआत से ही सीमा विवाद को लेकर उभरे तनाव के बाद से पाकिस्तान बिना किसी अनुमति के अफगानिस्तान के संप्रभु भूभाग पर लगातार हवाई हमले कर रहा है। ताजा बमबारी से महज कुछ रोज पहले भी पाकिस्तानी विमानों ने कुनार और पक्तिका प्रांतों में बिना इजाजत हमले किए थे, जिनमें तीन स्थानीय नागरिकों की जान चली गई थी। इसका आप पर असर यह घटनाक्रम दक्षिण और मध्य एशिया में सीमा सुरक्षा तथा क्षेत्रीय स्थिरता से सीधे जुड़े जोखिमों को रेखांकित करता है। • भारत में: पड़ोसी देशों के बीच सीमाई तनाव बढ़ने से पूरे उपमहाद्वीप में कूटनीतिक और क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों पर असर पड़ सकता है। सुरक्षा विश्लेषक और नीति निर्माता सीमावर्ती इलाकों में अस्थिरता के नतीजों पर करीबी नजर बनाए रखेंगे। • सीमावर्ती और क्षेत्रीय क्षेत्रों में: काबुल और इस्लामाबाद के बीच सैन्य टकराव के कारण सीमावर्ती रिहायशी इलाकों में रहने वाले आम नागरिकों की सुरक्षा को सीधा खतरा बना हुआ है। हवाई हमलों से बुनियादी ढांचे और आवासीय मकानों के नुकसान के चलते स्थानीय लोगों को जान-माल का भारी जोखिम उठाना पड़ रहा है। • अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए: रूस जैसे वैश्विक देशों की खुली आलोचना के बाद दोनों देशों पर तनाव कम करने का कूटनीतिक दबाव बढ़ सकता है। मानवाधिकार और राहत एजेंसियां प्रभावित इलाकों में नागरिक सुरक्षा के सवाल को प्रमुखता से उठाएंगी। • क्षेत्रीय व्यापार और यात्रा: सीमा पर भड़की तनातनी के चलते द्विपक्षीय सीमा चौकियों और व्यापारिक रास्तों पर आवाजाही बाधित होने की आशंका बढ़ जाती है। इसका सीधा असर दोनों तरफ के सामान्य सीमावर्ती कारोबार और लॉजिस्टिक्स पर पड़ सकता है। ऐसा क्यों हुआ यह सैन्य टकराव पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच लंबे समय से जारी सीमा विवाद और दोनों देशों के बीच बढ़ते अविश्वास का परिणाम है। बिना अनुमति के किए गए इन हमलों ने दोनों पड़ोसियों के कूटनीतिक रिश्तों को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है। • सीमा विवाद और पूर्व तनाव: साल की शुरुआत में सीमा विवादों को लेकर दोनों पक्षों के बीच कड़वाहट तेजी से बढ़ी थी। इस तनाव के चलते पाकिस्तानी सेना ने बिना अनुमति के अफगानिस्तान की संप्रभु सीमा में पहले भी कई बार हवाई हमले किए। • हालिया सिलसिलेवार हमले: 1 अक्टूबर की रात कुनार और हेलमंद में हुई बमबारी से कुछ दिन पहले भी पाकिस्तानी वायुसेना ने कुनार और पक्तिका प्रांतों में बम गिराए थे। उस पूर्व हमले में तीन आम नागरिकों की मौत हुई थी, जिससे सीमाई तनाव चरम पर पहुंच गया था। • रिहायशी बस्तियों का निशाना बनना: सैन्य कार्रवाइयों के दौरान रिहायशी घरों पर बमबारी होने से महिलाओं और बच्चों की मौत हुई। इसके चलते अफगान प्रशासन ने इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए आक्रामक रुख अपनाया। सवाल-जवाब 1. रूसी दूतावास ने किस घटना को लेकर चिंता व्यक्त की है? दूतावास ने अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच चल रहे सैन्य टकराव और 1 अक्टूबर की रात हेलमंद तथा कुनार में हुए हवाई हमलों पर चिंता जताई है। 2. पाकिस्तानी हवाई हमलों में कितने लोग हताहत हुए? अफगान सरकार के अनुसार इन हवाई हमलों में नौ लोगों की मौत हुई और ग्यारह अन्य लोग घायल हुए हैं। 3. हवाई हमलों से किस तरह के नुकसान की पुष्टि हुई है? अफगान प्रवक्ता के मुताबिक हमलों में रिहायशी बस्तियों को निशाना बनाया गया, जिससे कुनार और हेलमंद प्रांतों में तीन मकान पूरी तरह तबाह हो गए। 4. अफगान सरकार के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने हमलों पर क्या कहा? जबीहुल्लाह मुजाहिद ने इसे आक्रामकता और सभी स्वीकृत सिद्धांतों का उल्लंघन करने वाला अपराध बताया। 5. क्या इन हमलों से पहले भी ऐसे हमले हुए थे? हां, इससे कुछ दिन पहले पाकिस्तानी हमलों में अफगानिस्तान के कुनार और पक्तिका प्रांतों में तीन नागरिकों की जान गई थी। https://trendkia.com/asia/russian-embassy-ne-afghanistan-para-pakistani-havai-hamalon-para-jatai-gnbhira-chinta-bachchon-ki-mauta-ki-ninda-ki-42678 TrendKia — Har trend, sabse pehle.