# पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्ति पर सईद खतीबजादेह की दो टूक, हर मोर्चे पर जंग रुकना जरूरी

> ईरान के उपविदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि जब तक सभी मोर्चों पर संघर्ष पूरी तरह नहीं थमता, तब तक मध्य-पूर्व में शांति संभव नहीं है।

**Type:** article · **Category:** एशिया · **Published:** 2026-10-17 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/asia/saeed-khatibzadeh-warns-us-that-mideast-war-wont-stop-without-total-ceasefire-48818 · **Language:** Hindi
**Tags:** सईद खतीबजादेह, ईरान अमेरिका संबंध, मध्य-पूर्व संघर्ष, लेबनान युद्ध, इस्लामाबाद समझौता

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के उपविदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने क्षेत्रीय शांति को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि किसी भी एक हिस्से में हिंसा जारी रहती है, तो पूरे क्षेत्र में युद्ध थमता हुआ नजर नहीं आएगा। उनका कहना है कि क्षेत्र में स्थायी शांति केवल तभी बहाल हो सकती है जब सभी मोर्चों पर एक साथ हथियार डाले जाएं और सैन्य कार्रवाई पूरी तरह बंद हो।

 

## लेबनान संघर्ष पर ईरान का रुख

ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के माध्यम से सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, लेबनान के 'अल मयादीन' टीवी नेटवर्क से बातचीत में सईद खतीबजादेह ने दोहराया कि उनका देश लेबनान के खिलाफ जारी इजरायली सैन्य अभियानों को समाप्त कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि यह मुद्दा इस साल जून के मध्य में अमेरिका और ईरान के बीच हुए इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग का एक प्रमुख हिस्सा था।

 

## बेरूत का दौरा और वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात

क्षेत्रीय कूटनीति को आगे बढ़ाने के लिए ईरानी उपविदेश मंत्री बीते बुधवार को लेबनान की राजधानी बेरूत पहुंचे थे। अपनी इस यात्रा के दौरान उन्होंने लेबनान के कई शीर्ष नेताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं। सईद खतीबजादेह ने पुष्टि की कि उन्होंने संसद के अध्यक्ष नबीह बेरी, लेबनानी प्रधानमंत्री नवाफ सलाम और विदेश मंत्रालय के विभिन्न प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की है। उन्होंने अपनी इन मुलाकातों को बेहद सकारात्मक बताया और कहा कि उन्होंने विरोधी पक्षों के बीच की दूरियों को पाटने का प्रयास किया है।

 

##  levant क्षेत्र में हिंसा रोकने की मांग

सईद खतीबजादेह ने जोर देकर कहा कि इजरायल को लेबनान के साथ-साथ Levant क्षेत्र में भी अपने हमले तुरंत बंद करने चाहिए, क्योंकि इन दोनों क्षेत्रों की घटनाएं एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि ईरान की मूल मांग सभी मोर्चों पर युद्ध को समाप्त करना है। यदि किसी एक कोने में भी गोलाबारी जारी रहती है, तो उसका सीधा अर्थ यह निकाला जाएगा कि संपूर्ण क्षेत्र अभी भी युद्ध की आग में जल रहा है।

 

## इस्लामाबाद MoU के उल्लंघन का आरोप

ईरानी उपविदेश मंत्री ने अमेरिका और इजरायल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों देशों ने ईरान और लेबनान पर हमले करके इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन का खुला उल्लंघन किया है। इससे पहले, ईरान की नाकेबंदी के बीच ओमान की खाड़ी में एक कार्गो शिप पर अमेरिकी फाइटर जेट द्वारा हमला किए जाने की घटना भी सामने आ चुकी है।

## इसका आप पर असर
क्षेत्रीय तनाव और कूटनीतिक बयानों का असर वैश्विक राजनीति और सुरक्षा पर पड़ रहा है।

- **भारत में:** पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष का असर सीधे तौर पर कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ सकता है, जिससे घरेलू बाजार में महंगाई बढ़ सकती है।

- **अंतरराष्ट्रीय स्तर पर:** ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते गतिरोध के कारण खाड़ी देशों में यात्रा करने वाले यात्रियों और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं गहरी हो गई हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
पश्चिम एशिया में मौजूदा संघर्ष और कूटनीतिक गतिरोध के पीछे कई ऐतिहासिक और भू-राजनीतिक कारण जिम्मेदार हैं।

- **इस्लामाबाद समझौता:** इस साल जून के मध्य में अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए थे, जिसमें लेबनान और क्षेत्रीय संघर्ष को रोकना मुख्य मुद्दा था।

- **सैन्य कार्रवाई:** दोनों पक्षों द्वारा इस समझौते की शर्तों के उल्लंघन के आरोप लगाए जा रहे हैं, विशेषकर लेबनान और Levant क्षेत्र में इजरायली सैन्य अभियानों के जारी रहने के कारण तनाव बढ़ा है।

- **क्षेत्रीय जुड़ाव:** ईरान का मानना है कि पश्चिम एशिया के विभिन्न हिस्सों में चल रहे संघर्ष आपस में जुड़े हुए हैं, इसलिए किसी एक हिस्से में शांति तब तक नहीं आ सकती जब तक हर जगह जंग बंद न हो।

## सवाल-जवाब

### 1. सईद खतीबजादेह कौन हैं?
सईद खतीबजादेह ईरान के उपविदेश मंत्री हैं।

### 2. उन्होंने मध्य-पूर्व युद्ध को लेकर क्या चेतावनी दी है?
उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक सभी मोर्चों पर युद्ध पूरी तरह नहीं रुकता, तब तक पूरे क्षेत्र में जंग जारी रहेगी।

### 3. इस्लामाबाद MoU पर कब हस्ताक्षर हुए थे?
इस समझौता ज्ञापन पर इस साल जून के मध्य में अमेरिका और ईरान द्वारा हस्ताक्षर किए गए थे।

### 4. सईद खतीबजादेह बेरूत क्यों गए थे?
वह लेबनान के स्थानीय नेताओं के साथ मुलाकात करने और क्षेत्रीय शांति पर चर्चा करने के लिए बेरूत पहुंचे थे।

### 5. किन नेताओं के साथ उनकी बैठकें हुईं?
उनकी मुलाकात संसद के अध्यक्ष नबीह बेरी, लेबनानी प्रधानमंत्री नवाफ सलाम और विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधियों के साथ हुई।

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