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  "type": "article",
  "title": "एम्स गुवाहाटी ने एक ही दिन में पूरी की दो जटिल ओपन-हार्ट सर्जरी",
  "summary": "एम्स गुवाहाटी ने अपने नए कार्डियक सर्जरी कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए एक सात साल के बच्चे और 47 साल की महिला की सफल ओपन-हार्ट सर्जरी की।",
  "content": "अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) गुवाहाटी ने अपने कार्डियक सर्जरी कार्यक्रम का शानदार आगाज करते हुए एक ही दिन में दो सफल ओपन-हार्ट सर्जरी को अंजाम दिया है। इस मेडिकल प्रक्रिया के तहत असम के रहने वाले दो मरीजों का सफलतापूर्वक इलाज किया गया, जिससे संस्थान के चिकित्सा इतिहास में एक नया मील का पत्थर जुड़ गया है।\n\nएक बच्चे और महिला का हुआ सफल उपचार\n\nसंस्थान द्वारा जारी किए गए आधिकारिक बयान के मुताबिक, इन जटिल सर्जरी का लाभ पाने वालों में एक सात साल का बच्चा और 47 साल की एक महिला शामिल हैं। दोनों ही मरीज जन्मजात हृदय दोष से पीड़ित थे, जिसमें दिल के भीतर छेद होने की गंभीर समस्या शामिल थी। एम्स के चिकित्सा विशेषज्ञों ने इन दोनों ही मामलों में बेहद सावधानी बरतते हुए जटिल प्रक्रियाओं को सफलतापूर्वक पूरा किया, जिससे दोनों मरीजों को नया जीवन मिला है।\n\nसफल ऑपरेशन के पीछे विशेषज्ञ टीम का योगदान\n\nये सभी महत्वपूर्ण ऑपरेशन 8 सितंबर को संपन्न हुए थे। इस पूरी चिकित्सा प्रक्रिया की कमान एम्स के कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर कर्नल डॉ. अशोक पुराणिक के नेतृत्व में संभाली गई थी। प्रोफेसर पुराणिक ने न केवल पूरी कार्डियक सर्जिकल टीम का लगातार उत्साहवर्धन किया, बल्कि वे पूरे ऑपरेशन के दौरान बेहद करीब से जुड़े रहे, जिससे पूरी चिकित्सा टीम का मनोबल और आत्मविश्वास काफी बढ़ गया।\n\nविभिन्न विभागों का बेहतरीन समन्वय\n\nइन सर्जरी को कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी विभाग द्वारा अंजाम दिया गया, जिसकी अगुवाई प्रोफेसर विनीत महाजन ने की। इस पूरी प्रक्रिया को सफल बनाने में एनेस्थीसिया और कार्डियोलॉजी विभागों ने भी अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा कार्डियक परफ्यूजनिस्ट, नर्सों, पैरामेडिकल कर्मियों और तकनीकी स्टाफ ने भी आपसी तालमेल के साथ मिलकर काम किया, जिससे यह जटिल मेडिकल मिशन पूरी तरह कामयाब रहा।\n\nअत्याधुनिक उपकरणों और सीएसआर पहल का महत्व\n\nइन सभी जटिल ऑपरेशनों को एक अत्याधुनिक हार्ट-लंग मशीन की मदद से पूरा किया गया। इस जीवन रक्षक मशीन को आईसीआईसीआई फाउंडेशन की कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) पहल के तहत एम्स गुवाहाटी को दान में दिया गया था। हार्ट-लंग मशीन, जिसे कार्डियोपल्मोनरी बाईपास मशीन के रूप में भी जाना जाता है, ओपन-हार्ट सर्जरी के दौरान अस्थाई तौर पर दिल और फेफड़ों के सभी कार्यों को खुद संभाल लेती है। एम्स ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम के तहत दोनों मरीजों को विशेष स्वास्थ्य पहल के अंतर्गत उपचार प्रदान किया गया है।\n\nपूर्वोत्तर के मरीजों को मिलेगा बड़ा लाभ\n\nएम्स गुवाहाटी ने बताया कि इस नए कार्यक्रम की शुरुआत से संस्थान की उस क्षमता का प्रदर्शन हुआ है जिसके जरिए वह मल्टीडिसिप्लिनरी कार्डियक केयर यानी बहु-विषयक हृदय देखभाल प्रदान कर सकता है। इस सुविधा के शुरू होने से असम, पूरे पूर्वोत्तर भारत और आसपास के अन्य पड़ोसी राज्यों के मरीजों के लिए उन्नत हृदय चिकित्सा तक पहुंच काफी आसान हो जाएगी। अब गंभीर रोगियों को इलाज के लिए देश के दूर-दराज के महानगरों या बड़े मेडिकल केंद्रों तक लंबी यात्रा नहीं करनी पड़ेगी।\n\nइसका आप पर असर\nएम्स गुवाहाटी में ओपन-हार्ट सर्जरी की शुरुआत से पूर्वोत्तर के मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही उच्च स्तरीय हृदय चिकित्सा मिलने का रास्ता साफ हो गया है।\n\n• भारत में: देश के सरकारी संस्थानों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार से आम नागरिकों पर इलाज का वित्तीय बोझ कम होता है। ऐसे मेडिकल कार्यक्रमों से दूर-दराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होता है।\n\n• असम में: असम और आसपास के पूर्वोत्तर राज्यों के मरीजों को अब जटिल हृदय रोगों के इलाज के लिए बड़े महानगरों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इससे मरीजों और उनके परिजनों का यात्रा खर्च और समय दोनों बचेगा।\n\nऐसा क्यों हुआ\nएम्स गुवाहाटी में कार्डियक सर्जरी कार्यक्रम की शुरुआत कॉर्पोरेट सहयोग और उन्नत चिकित्सा बुनियादी ढांचे के जरिए संभव हो पाई है।\n\n• सीएसआर सहयोग: आईसीआईसीआई फाउंडेशन की कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी पहल के तहत संस्थान को एक अत्याधुनिक हार्ट-लंग मशीन दान में मिली थी। इसी उन्नत उपकरण की उपलब्धता ने ओपन-हार्ट सर्जरी करना संभव बनाया।\n\n• संस्थागत नेतृत्व: कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर कर्नल डॉ. अशोक पुराणिक के मार्गदर्शन और विभिन्न विभागों के सक्रिय सहयोग से इस कार्यक्रम को मूर्त रूप मिला।\n\n• विशेषज्ञ विभागों का समन्वय: कार्डियोथोरेसिक सर्जरी, एनेस्थीसिया और कार्डियोलॉजी विभागों के कुशल डॉक्टरों और तकनीकी स्टाफ ने मिलकर इस जटिल प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. एम्स गुवाहाटी में हाल ही में कौन सा नया कार्यक्रम शुरू हुआ है?\nएम्स गुवाहाटी ने अपने नए कार्डियक सर्जरी कार्यक्रम की शुरुआत की है।\n\n2. एक ही दिन में कितनी ओपन-हार्ट सर्जरी की गईं?\nएम्स गुवाहाटी के डॉक्टरों ने एक ही दिन में दो सफल ओपन-हार्ट सर्जरी पूरी कीं।\n\n3. किन मरीजों की सर्जरी सफलतापूर्वक की गई?\nयह सर्जरी एक सात साल के बच्चे और 47 साल की महिला पर की गई, जो दिल में छेद की जन्मजात समस्या से पीड़ित थे।\n\n4. यह सर्जरी किस तारीख को संपन्न हुई थीं?\nये दोनों सफल सर्जरी 8 सितंबर को संपन्न की गईं थीं।\n\n5. इस सर्जरी में किस मुख्य उपकरण का इस्तेमाल किया गया?\nसर्जरी के दौरान एक अत्याधुनिक हार्ट-लंग या कार्डियोपल्मोनरी बाईपास मशीन का उपयोग किया गया।\n\n6. हार्ट-लंग मशीन एम्स गुवाहाटी को कैसे प्राप्त हुई थी?\nयह मशीन आईसीआईसीआई फाउंडेशन की सीएसआर पहल के तहत दान में दी गई थी।\n\n7. इन ऑपरेशनों का नेतृत्व किसने किया था?\nसर्जरी का नेतृत्व कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी विभाग के प्रोफेसर विनीत महाजन ने किया, जबकि संपूर्ण कार्यक्रम की देखरेख कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर डॉ. अशोक पुराणिक ने की।",
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  "category": "असम",
  "publishedAt": "2026-09-10",
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    "असम स्वास्थ्य",
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    "पूर्वोत्तर समाचार"
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