असम के कामरूप में बेस आइसोलेशन तकनीक से लैस पहले मॉडल डीईओसी केंद्र का हुआ उद्घाटन असम के कामरूप जिले में राज्य के पहले मॉडल डिस्ट्रिक्ट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर का उद्घाटन किया गया, जो बेस आइसोलेशन तकनीक से भूकंपीय झटकों को झेलने में सक्षम है। असम के कामरूप जिले में मंगलवार को आपदा प्रबंधन और राहत बुनियादी ढांचे को मजबूती देने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया। यहाँ के एकीकृत डीसी कार्यालय परिसर में राज्य के पहले मॉडल डिस्ट्रिक्ट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (DEOC) की शुरुआत की गई है। इस अत्याधुनिक केंद्र का उद्घाटन असम की अतिरिक्त मुख्य सचिव और एएसडीएमए की सीईओ एल. स्वीटी चांगसांग ने किया। इस दौरान उनके साथ जिला आयुक्त और डीडीएमए के अध्यक्ष देवा कुमार मिश्रा भी मौजूद रहे। भूकंपीय सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक कामकाज की शुरुआत करने वाला यह नया मॉडल डीईओसी केंद्र असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) और कामरूप जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की संयुक्त पहल के रूप में स्थापित किया गया है। इस पूरी परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके निर्माण में बेस आइसोलेशन तकनीक का उपयोग किया गया है। यह एक उच्च स्तरीय भूकंप-रोधी इंजीनियरिंग तकनीक है, जिसका मुख्य उद्देश्य तीव्र गति के भूकंप आने की स्थिति में इमारतों पर पड़ने वाले कंपकंपी के असर को कम करना और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को सुरक्षित रखना है। असम में अपनी तरह का यह पहला केंद्र बन गया है, जहाँ इस खास तकनीक को शामिल किया गया है। इसके जरिए राज्य में आपदा-रोधी निर्माण कार्यों के लिए एक नया मानदंड स्थापित किया गया है। केंद्रीय कमांड और समन्वय केंद्र इस आधुनिक सुविधा केंद्र को कामरूप जिले में आपदा प्रबंधन और आपातकालीन गतिविधियों के लिए एक मुख्य नियंत्रण और समन्वय केंद्र के रूप में परिकल्पित किया गया है। यह केंद्र बाढ़, भूकंप, भूस्खलन, आग लगने की घटनाओं, औद्योगिक हादसों और अन्य आपात स्थितियों के दौरान वास्तविक समय पर समन्वय, संवाद, सूचना प्रबंधन, स्थिति के आकलन और निर्णय लेने की प्रक्रिया को आसान बनाएगा। यह केंद्र चौबीसों घंटे यानी हर समय काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसके माध्यम से लगातार परिचालन सहायता मिलती रहेगी और यह जिला प्रशासन, आपातकालीन सेवाओं, विभिन्न विभागों, राहत एजेंसियों और अन्य संबंधित पक्षों के बीच एक अहम कड़ी के रूप में काम करेगा। अधिकारियों की उपस्थिति और भविष्य की रणनीतियाँ उद्घाटन समारोह के दौरान एल. स्वीटी चांगसांग ने एक ऐसे क्षेत्र में इस केंद्र के महत्व पर विशेष जोर दिया जो भूकंप के लिहाज से काफी संवेदनशील माना जाता है। उन्होंने बताया कि यह सुविधा केंद्र निर्माण की उस नई सोच को आगे बढ़ाता है, जिसे क्षेत्र की भूगर्भीय चुनौतियों का सामना करने के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस समर्पित केंद्र के शुरू होने से अधिकारी अब एक ही छत के नीचे बैठकर आपातकालीन प्रतिक्रिया गतिविधियों का संचालन, समन्वय और प्रबंधन बहुत बेहतर तरीके से कर सकेंगे। इस उद्घाटन कार्यक्रम में कामरूप के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शुभाशीष बरुआ, कामरूप जिला परिषद के सीईओ सिद्धार्थ गोस्वामी, एडीसी सह डीडीएमए अधिकारी विक्रम छेत्री, एएसडीएमए के इंजीनियरिंग सलाहकार राजेश दत्ता, डीडीएमए के जिला परियोजना अधिकारी डॉ. राजीव दत्ता चौधरी सहित जिला प्रशासन के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इसका आप पर असर भारत में: यह पहल देश के अन्य भूकंप-संवेदनशील राज्यों के लिए आपदा बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने का एक नया उदाहरण पेश करती है। काम रूप में: जिले के नागरिकों और प्रशासन को बाढ़, भूकंप तथा अन्य आपात स्थितियों के दौरान तेज और प्रभावी राहत एवं बचाव सहायता मिलेगी। सवाल-जवाब 1. असम के पहले मॉडल डीईओसी का उद्घाटन कहाँ किया गया है? इस केंद्र का उद्घाटन कामरूप जिले के एकीकृत डीसी कार्यालय परिसर में किया गया है। 2. इस नए केंद्र के निर्माण में किस विशेष तकनीक का उपयोग किया गया है? इस केंद्र के निर्माण में बेस आइसोलेशन तकनीक का उपयोग किया गया है, जो इमारतों को भूकंपीय झटकों से सुरक्षित रखती है। 3. इस मॉडल डीईओसी की स्थापना किसने की है? इसकी स्थापना कामरूप जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से की है। 4. इस केंद्र का उद्घाटन किसने किया? इसका उद्घाटन असम की अतिरिक्त मुख्य सचिव और एएसडीएमए की सीईओ एल. स्वीटी चांगसांग ने किया। 5. यह केंद्र किस प्रकार की आपात स्थितियों से निपटने में मदद करेगा? यह केंद्र बाढ़, भूकंप, भूस्खलन, आग लगने की घटनाओं और औद्योगिक हादसों जैसी विभिन्न आपात स्थितियों के दौरान समन्वय स्थापित करेगा। https://trendkia.com/assam/assam-inaugurates-first-model-deoc-equipped-with-base-isolation-technology-in-kamrup-21887 TrendKia — Har trend, sabse pehle.