# असम के बरपेटा में बहोरी घाट हादसे के बाद शाम 4 बजे से नाव संचालन पर रोक

> बहोरी घाट पर नौका टक्कर में 15 लोगों के घायल होने के बाद बरपेटा जिला प्रशासन ने शाम 4 बजे के बाद सभी निजी और सरकारी नौका सेवाओं पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।

**Type:** article · **Category:** असम · **Published:** 2026-11-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/assam/assam-ke-barpeta-men-bohori-ghat-hadase-ke-bada-shama-4-baje-se-nava-snchalana-para-roka-55075 · **Language:** Hindi
**Tags:** बरपेटा, असम, नौका सेवा, आपदा प्रबंधन, नाव दुर्घटना, जल परिवहन

असम के बरपेटा जिले में जल परिवहन सुरक्षा को लेकर कड़ा कदम उठाया गया है। बहोरी घाट पर हाल ही में दो नावों के बीच हुई भीषण टक्कर में 15 यात्रियों के घायल होने की घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन ने शाम ढलने के बाद नौका आवागमन पूरी तरह बंद करने का फैसला किया है। बहोरी घाट पर हुए इस दर्दनाक हादसे ने नदी मार्गों पर यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था की कमियों को उजागर किया था, जिसके बाद जिले भर में नए दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं।

## शाम 4 बजे की समयसीमा और तत्काल पाबंदी
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष और जिला आयुक्त नबदीप पाठक ने इस संबंध में औपचारिक निर्देश जारी किया है। यह पाबंदी तत्काल प्रभाव से प्रभावी हो गई है और आगामी सूचना तक पूरे जिले में जारी रहेगी। नए नियमों के मुताबिक जलमार्ग पर चलने वाली किसी भी नाव या नौका को दोपहर बाद सफर जारी रखने की अनुमति नहीं होगी। सभी ऑपरेटरों, पट्टेदारों और निजी नाव मालिकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके दैनिक फेरे निर्धारित 4 बजे से पहले ही समाप्त हो जाएं। किसी भी आकस्मिक अथवा आपात स्थिति में सक्षम अधिकारी की पूर्व मंजूरी मिलने पर ही तय समय के उपरांत किसी जलयान को संचालित किया जा सकेगा।

## घने कोहरे और कम दृश्यता के बीच सुरक्षा प्राथमिकता
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि यह कदम विशेष रूप से देर शाम और रात के समय नदी में नौकायन से जुड़े गंभीर खतरों के मद्देनजर उठाया गया है। सर्दियों के मौसम में घना कोहरा छा जाने से दृश्यता काफी घट जाती है, जिससे जलमार्गों पर बड़े हादसे की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। दिशा-निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि दिन में भी कभी तेज बारिश, गरज-चमक के साथ आंधी, तेज हवाएं चलें अथवा दृश्यता न्यूनतम स्तर पर पहुंच जाए, तो मौसम विभाग या संबंधित प्राधिकरण की चेतावनी आते ही नौका संचालन तुरंत रोकना होगा।

## अनिवार्य लाइसेंस और जीवनरक्षक उपकरण
दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए जिले के सभी नाव संचालकों को वैध परमिट और लाइसेंस हासिल करने का निर्देश दिया गया है। बिना वैध कागजात, अनफिट अथवा अधूरी सुरक्षा व्यवस्था वाले किसी भी जलयान को घाट से खुलने की इजाजत नहीं दी जाएगी। प्रत्येक नौका पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए लाइफ जैकेट और अन्य अनिवार्य जीवनरक्षक उपकरणों की पर्याप्त मौजूदगी सुनिश्चित करना कानूनन जरूरी बना दिया गया है।

## निगरानी तंत्र और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
इन नियमों का जमीनी स्तर पर अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए अंतर्देशीय जल परिवहन विभाग के अधिकारियों, मंडल अधिकारियों और क्षेत्रीय प्रभारियों को संबंधित घाटों पर सीधी निगरानी का दायित्व सौंपा गया है। संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्राधिकार में दैनिक जांच करनी होगी और हर रोज बरपेटा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। आदेश का उल्लंघन करने वाले या नियमों के पालन में लापरवाही बरतने वाले किसी भी संचालक के खिलाफ आपदा प्रबंधन कानून, 2005 और अन्य प्रासंगिक वैधानिक धाराओं के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

## इसका आप पर असर
बरपेटा में दैनिक जलमार्ग यात्रियों को अब शाम 4 बजे से पहले अपने गंतव्य तक पहुंचना होगा, जिससे शाम की यात्रा योजनाओं में बड़ा बदलाव आएगा।

- **भारत में:** नदी तटीय राज्यों में शाम के समय जलमार्गों पर सुरक्षा मानकों और निगरानी नियमों को लेकर प्रशासनिक सतर्कता बढ़ाई जा सकती है। इससे अन्य संवेदनशील जल परिवहन मार्गों पर भी समय सीमा और सुरक्षा जांच का दायरा बढ़ सकता है।
- **बरपेटा में:** दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों और व्यापारियों को दोपहर 4 बजे से पहले ही अपनी नदी यात्रा पूरी करनी होगी। शाम को घाटों से कोई नाव न मिलने के कारण यात्रियों को वैकल्पिक सड़क मार्गों का इस्तेमाल करना पड़ेगा।
- **सुरक्षा जांच:** बिना लाइफ जैकेट और बिना वैध लाइसेंस वाली नावों पर सवार होने से बचें क्योंकि उन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यात्रियों को अब केवल प्रमाणित और पूरी सुरक्षा सामग्री से लैस नौकाओं में ही बैठने की अनुमति होगी।
- **मौसम आधारित रोक:** खराब मौसम, तेज हवाओं या भारी बारिश की स्थिति में दिन के समय भी अचानक नौका सेवाएं रुक सकती हैं। इसलिए यात्रा शुरू करने से पहले स्थानीय मौसम और घाट के संचालन की स्थिति जरूर जांच लें।

## ऐसा क्यों हुआ
बरपेटा के बहोरी घाट पर दो नौकाओं की आमने-सामने हुई टक्कर में 15 लोगों के घायल होने के कारण प्रशासन को तत्काल यह कठोर कदम उठाना पड़ा।

- **प्रत्यक्ष कारण:** बहोरी घाट पर हुआ नाव हादसा इस पाबंदी का सीधा कारण बना, जिसमें पंद्रह यात्री जख्मी हुए थे। इस घटना ने नदी मार्गों पर शाम के समय होने वाले जोखिमों को उजागर किया।
- **मौसमी परिस्थितियां:** सर्दियों की शुरुआत के साथ ही शाम के समय नदी पर घना कोहरा और धुंध छा जाती है। कम दृश्यता के चलते नाविकों को सामने से आ रहे जलयानों को देखने में भारी कठिनाई होती है।
- **सुरक्षा खामियां:** कई नौकाओं में पर्याप्त जीवनरक्षक उपकरण और लाइफ जैकेट न होने की वजह से यात्रियों की जान को लगातार गंभीर खतरा बना हुआ था। इसी लापरवाही को रोकने के लिए लाइसेंस और उपकरणों की अनिवार्य जांच लागू की गई।

## सवाल-जवाब

### 1. बरपेटा में नाव संचालन बंद करने का नया समय क्या निर्धारित किया गया है?
प्रशासन के आदेश के अनुसार प्रतिदिन शाम 4 बजे के बाद सभी निजी और विभागीय नावों का संचालन पूरी तरह बंद रहेगा।

### 2. प्रशासन ने नौकाओं पर यह पाबंदी क्यों लगाई है?
बहोरी घाट पर हुई नाव दुर्घटना में 15 लोगों के घायल होने और शाम के समय कम दृश्यता तथा कोहरे के खतरों को देखते हुए यह रोक लगाई गई है।

### 3. क्या आपातकालीन परिस्थितियों में 4 बजे के बाद नाव चलाई जा सकती है?
हां, विशेष और आकस्मिक मामलों में सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति लेकर ही नाव का संचालन किया जा सकेगा।

### 4. नाव संचालकों के लिए कौन से सुरक्षा नियम अनिवार्य किए गए हैं?
सभी नावों के पास वैध लाइसेंस होना चाहिए और उन पर यात्रियों के लिए पर्याप्त संख्या में लाइफ जैकेट तथा अन्य जीवनरक्षक उपकरण मौजूद होने जरूरी हैं।

### 5. खराब मौसम होने पर नौका संचालन को लेकर क्या दिशा-निर्देश हैं?
भारी बारिश, तूफान, तेज हवाओं या कम दृश्यता की स्थिति में दिन के समय भी नौका संचालन तुरंत निलंबित कर दिया जाएगा।

### 6. नियमों का उल्लंघन करने वाले नाव चालकों पर क्या कार्रवाई होगी?
आदेश का उल्लंघन करने पर आपदा प्रबंधन कानून, 2005 और अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._