असम के डिब्रूगढ़ से बांग्लादेश के लिए ऐतिहासिक मालवाहक जहाज रवाना आजादी के बाद पहली बार डिब्रूगढ़ के बोगीबील टर्मिनल से 540 टन मेथनॉल लेकर एक मालवाहक जहाज बांग्लादेश की राजधानी ढाका के लिए निकला है। पूर्वोत्तर भारत में जलमार्ग कनेक्टिविटी को मजबूत करते हुए असम के डिब्रूगढ़ से बांग्लादेश के ढाका के लिए एक ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय मालवाहक यात्रा की शुरुआत सोमवार को बोगीबील रिवर पोर्ट से की गई। आजादी के बाद यह पहला अवसर है जब डिब्रूगढ़ से राष्ट्रीय जलमार्ग 2 यानी ब्रह्मपुत्र नदी के रास्ते किसी विदेशी बंदरगाह के लिए व्यापारिक माल भेजा गया है। बोगीबील टर्मिनल से पोत 'पटकाई' की रवानगी केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बोगीबील टर्मिनल पर 'पटकाई' नामक इस मालवाहक जहाज को हरी झंडी दिखाकर विदा किया। इस विशेष कार्यक्रम में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा वर्चुअल माध्यम से जुड़े। यह पहल पूर्वोत्तर क्षेत्र के लॉजिस्टिक्स और क्षेत्रीय व्यापार में एक नया मोड़ मानी जा रही है। 540 टन मेथनॉल लेकर 783 किमी की यात्रा जलपोत 'पटकाई' असम पेट्रो-केमिकल्स लिमिटेड द्वारा तैयार किए गए 540 टन मेथनॉल से लदे कुल 27 कंटेनर लेकर रवाना हुआ है। यह जहाज ब्रह्मपुत्र नदी पर लगभग 783 किलोमीटर की दूरी तय करेगा और करीब सात दिनों में बांग्लादेश पहुंचने का अनुमान है। यह यात्रा राष्ट्रीय जलमार्ग 2 के माध्यम से भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल रूट से जुड़कर पूरी होगी। ऐतिहासिक नदी व्यापार गलियारे का पुनरुद्धार अगले कुछ दिनों में एक और मालवाहक जहाज भी रवाना होने वाला है, जिससे दोनों पोत मिलकर कुल 1,080 टन मेथनॉल बांग्लादेश तक पहुंचाएंगे। आजादी से पहले ब्रह्मपुत्र नदी ऊपरी असम को दुनिया भर के बाजारों से जोड़ने वाला प्रमुख माध्यम थी और डिब्रूगढ़ उस समय का एक महत्वपूर्ण नदी बंदरगाह था। कई दशकों बाद इस जलमार्ग के फिर शुरू होने से दोनों देशों के बीच व्यापारिक अवसर और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क काफी मजबूत होंगे। इसका आप पर असर असम और बांग्लादेश के बीच सीधे नदी जलमार्ग से माल ढुलाई शुरू होने से पूर्वोत्तर भारत के औद्योगिक निर्यात और व्यापार को सीधा लाभ मिलेगा। • भारत भर में: पूर्वोत्तर क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय नदी जलमार्ग सक्रिय होने से माल ढुलाई लागत और समय में भारी कमी आएगी। इससे देश के अन्य राज्यों के उद्योगों के लिए भी बांग्लादेश और पड़ोसी देशों तक पहुंचना आसान होगा। • असम में: डिब्रूगढ़ के बोगीबील से शुरू हुई यह सेवा स्थानीय पेट्रोकेमिकल और विनिर्माण उद्योगों को नए निर्यात बाजार उपलब्ध कराएगी। राज्य में औद्योगिक गतिविधियों के बढ़ने से नदी बंदरगाहों के आसपास लॉजिस्टिक्स और रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे। ऐसा क्यों हुआ यह पहल पूर्वोत्तर भारत में अंतर्देशीय जलमार्गों को पुनर्जीवित करने और भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल रूट के जरिए द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने के प्रयासों का हिस्सा है। • सीधा कारण: असम पेट्रो-केमिकल्स लिमिटेड द्वारा उत्पादित 540 टन मेथनॉल के पहले बैच को बोगीबील से बांग्लादेश की राजधानी ढाका भेजने के लिए पोत रवाना किया गया। • पृष्ठभूमि: आजादी से पूर्व डिब्रूगढ़ और ब्रह्मपुत्र नदी ऊपरी असम के व्यापारिक नेटवर्क के केंद्र थे, लेकिन लंबे समय तक यह सीधा जलमार्ग संपर्क बंद रहा था। • आगे की योजना: दोनों देशों के बीच कुल 1,080 टन मेथनॉल पहुंचाने के लिए कुछ ही दिनों में एक और मालवाहक जहाज भेजा जाएगा, जिससे यह जल व्यापार मार्ग नियमित हो सकेगा। सवाल-जवाब 1. डिब्रूगढ़ से बांग्लादेश के लिए कौन सा मालवाहक जहाज रवाना हुआ है? बोगीबील टर्मिनल से 'पटकाई' नामक मालवाहक जहाज को बांग्लादेश के ढाका के लिए रवाना किया गया है। 2. इस मालवाहक जहाज में क्या सामग्री भेजी जा रही है? यह जहाज असम पेट्रो-केमिकल्स लिमिटेड द्वारा निर्मित 540 टन मेथनॉल से भरे 27 कंटेनर ले जा रहा है। 3. यह यात्रा कितनी लंबी है और पूरा होने में कितना समय लगेगा? जहाज ब्रह्मपुत्र नदी पर करीब 783 किलोमीटर का सफर तय करेगा और लगभग सात दिनों में बांग्लादेश पहुंचेगा। 4. क्या इस मार्ग पर और भी मालवाहक जहाज भेजे जाएंगे? हां, अगले कुछ दिनों में एक और जहाज रवाना होगा और दोनों मिलकर कुल 1,080 टन मेथनॉल बांग्लादेश पहुंचाएंगे। https://trendkia.com/assam/assam-ke-dibrugarh-se-bangladesh-ke-lie-aitihasika-malavahaka-jahaja-ravana-43256 TrendKia — Har trend, sabse pehle.