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  "type": "article",
  "title": "असम के दीमा हसाओ में उच्च शिक्षा और स्कूलों की स्थिति परखने पहुंचे शिक्षा मंत्री रनोज पेगु",
  "summary": "असम के शिक्षा मंत्री रनोज पेगु ने शनिवार को दीमा हसाओ स्थित मायबोंग कॉलेज, पीएम श्री स्कूल और हॉस्टल का निरीक्षण कर शैक्षणिक सुविधाओं की समीक्षा की।",
  "content": "असम के शिक्षा मंत्री रनोज पेगु ने शनिवार को पहाड़ी जिले दीमा हसाओ का व्यापक दौरा किया, जहां उन्होंने क्षेत्र के शैक्षणिक माहौल, जमीनी बुनियादी ढांचे और भविष्य के विस्तार की संभावनाओं का विस्तृत जायजा लिया। इस आधिकारिक दौरे के दौरान उन्होंने विभिन्न शिक्षण संस्थानों, विशेष रूप से मायबोंग कॉलेज, पीएम श्री स्कूल और छात्र छात्रावासों की वास्तविक स्थिति की गहन समीक्षा की।\n\nमायबोंग कॉलेज में सुविधाओं और विस्तार की समीक्षा\nशिक्षा मंत्री के इस दौरे का एक प्रमुख केंद्र मायबोंग कॉलेज रहा, जो वर्ष 1988 में स्थापित किया गया था। दिमासा राजवंश की ऐतिहासिक प्राचीन राजधानी मायबोंग में स्थित यह संस्थान दशकों से स्थानीय युवाओं को उच्च शिक्षा प्रदान करने में अहम भूमिका निभा रहा है। संस्थान में पहले केवल कला संकाय संचालित होता था, जबकि पिछले वर्ष यहां विज्ञान संकाय भी शुरू किया गया, जिससे स्थानीय छात्र-छात्राओं के लिए पढ़ाई के नए अवसर खुले हैं।\n\n \nइस पहाड़ी जिले में यह कॉलेज लगभग 100 बीघा समतल जमीन पर फैला हुआ है, जिसके चलते यहां शैक्षणिक विस्तार और बड़े स्तर पर ढांचागत निर्माण की भरपूर संभावनाएं मौजूद हैं। कॉलेज परिसर में शिक्षा मंत्री ने प्राचार्य और प्राध्यापकों के साथ औपचारिक बैठक की। इस बातचीत में संस्थान के शैक्षणिक प्रदर्शन, उपलब्ध संसाधनों, दैनिक प्रशासनिक चुनौतियों और भविष्य की विकास योजनाओं पर सिलसिलेवार चर्चा हुई। रनोज पेगु ने इस निरीक्षण के मुख्य बिंदुओं को साझा करते हुए X पर लिखा कि मायबोंग डिग्री कॉलेज की शैक्षणिक गतिविधियों और बुनियादी ढांचे की प्रगति की समीक्षा की गई है।\n\nपीएम श्री स्कूल में समीक्षा बैठक और छात्रावास का निरीक्षण\nकॉलेज के बाद रनोज पेगु ने पीएम श्री मायबोंग हायर सेकेंडरी स्कूल में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पूरे दीमा हसाओ जिले में शिक्षा क्षेत्र के समग्र विकास और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की स्थिति की पड़ताल करना था। बैठक में मौजूदा शैक्षणिक मानकों, विद्यालयों के बुनियादी ढांचे और पहाड़ी क्षेत्र के संस्थानों के सामने आने वाली भौगोलिक व ढांचागत चुनौतियों पर चर्चा की गई, ताकि छात्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच बढ़ाई जा सके।\n\nअपने दौरे के अगले चरण में शिक्षा मंत्री ने 50 बिस्तरों वाले छात्रावास और कालाचांद हाई स्कूल का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यार्थियों को मिल रही आवासीय सुविधाओं, कमरे, स्वच्छता और अध्ययन के माहौल का बारीकी से परीक्षण किया। इस दौरान छात्रों के रहने के स्तर को बेहतर बनाने तथा सीखने की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए जरूरी सुधारों का आकलन किया गया।\n\nइसका आप पर असर\nइस प्रशासनिक दौरे से दीमा हसाओ के स्थानीय विद्यार्थियों को शैक्षणिक और आवासीय स्तर पर प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।\n\n• असम में: राज्य सरकार पहाड़ी और दूरदराज के क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बुनियादी ढांचा मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इससे राज्य भर के पिछड़े क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं का तेजी से विस्तार होगा।\n• दीमा हसाओ में: मायबोंग कॉलेज में पिछले साल शुरू हुए विज्ञान संकाय और 100 बीघा जमीन पर नए निर्माण से स्थानीय छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। इसके अलावा 50 बिस्तरों वाले छात्रावास और स्कूलों में सुधार से दूरदराज के गांवों के बच्चों को बेहतर आवासीय व शिक्षण सुविधाएं मिलेंगी।\n\nऐसा क्यों हुआ\nशिक्षा मंत्री का यह दौरा दीमा हसाओ जिले के सुदूर क्षेत्रों में शिक्षण संस्थानों की वास्तविक स्थिति और सरकारी पहलों के प्रभाव का आकलन करने के लिए आयोजित किया गया था।\n\n• ढांचागत और शैक्षणिक विस्तार की जरूरत: मायबोंग कॉलेज में कला के साथ विज्ञान संकाय जोड़े जाने और 100 बीघा भूमि उपलब्ध होने के कारण नए भवनों व प्रयोगशालाओं के निर्माण की संभावनाओं का निरीक्षण जरूरी था।\n• पहाड़ी क्षेत्र की चुनौतियां: पहाड़ी जिलों के दूरदराज स्कूलों और छात्रावासों में संसाधनों की कमी दूर करने तथा केंद्र व राज्य की योजनाओं की जमीनी प्रगति जांचने के लिए प्रशासनिक स्तर पर समीक्षा आवश्यक थी।\n• आगामी कदम: इस निरीक्षण के बाद चिन्हित कमियों को दूर करने और छात्रावास व स्कूल भवनों के सुदृढ़ीकरण के लिए आवश्यक बजटीय और ढांचागत कदम उठाए जाने की संभावना है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. शिक्षा मंत्री रनोज पेगु ने दीमा हसाओ का दौरा कब किया?\nउन्होंने शनिवार को दीमा हसाओ के मायबोंग क्षेत्र का दौरा कर शैक्षणिक संस्थानों का जायजा लिया।\n\n2. मायबोंग कॉलेज की स्थापना किस वर्ष हुई थी?\nमायबोंग कॉलेज की स्थापना वर्ष 1988 में दिमासा राजवंश की प्राचीन राजधानी मायबोंग में हुई थी।\n\n3. मायबोंग कॉलेज में हाल ही में कौन सा नया संकाय शुरू किया गया है?\nमौजूदा कला संकाय के साथ पिछले वर्ष कॉलेज में नया विज्ञान संकाय शुरू किया गया है।\n\n4. कॉलेज परिसर का कुल क्षेत्रफल कितना है?\nपहाड़ी जिले में स्थित इस कॉलेज का परिसर लगभग 100 बीघा समतल भूमि पर फैला हुआ है।\n\n5. दौरे के दौरान किन अन्य शिक्षण संस्थानों और सुविधाओं का निरीक्षण किया गया?\nशिक्षा मंत्री ने पीएम श्री मायबोंग हायर सेकेंडरी स्कूल में समीक्षा बैठक की और 50 बिस्तरों वाले छात्रावास तथा कालाचांद हाई स्कूल का निरीक्षण किया।",
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