असम के डोकमोका में लोगों को स्लाइस स्मॉल फाइनेंस बैंक ने सिखाए बचत, डिजिटल पेमेंट और फ्रॉड से बचने के तरीके स्लाइस स्मॉल फाइनेंस बैंक ने 5 सितंबर को असम के डोकमोका में फाइनेंशियल लिटरेसी कैंप लगाया, जिसमें ग्राहकों, स्थानीय लोगों और सरकारी अधिकारियों को बचत, डिजिटल पेमेंट, बीमा और फ्रॉड से बचाव के बारे में जानकारी दी गई। असम के डोकमोका में 5 सितंबर को स्लाइस स्मॉल फाइनेंस बैंक ने एक फाइनेंशियल लिटरेसी कैंप (एफएलसी) आयोजित किया, जिसका मकसद पूर्वोत्तर भारत के समुदायों के बीच वित्तीय जागरूकता बढ़ाना और डिजिटल बैंकिंग व वित्तीय सेवाओं तक उनकी पहुंच मजबूत करना था। कैंप में किसने लिया हिस्सा इस कैंप में बैंक के मौजूदा ग्राहकों के साथ-साथ ऐसे लोग भी शामिल हुए जो अभी बैंक के ग्राहक नहीं हैं। इसके अलावा स्थानीय समुदाय के सदस्यों और सरकारी अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। कैंप को एक ऐसे मंच के तौर पर तैयार किया गया था जहां लोग जिम्मेदार वित्तीय प्रबंधन, औपचारिक बैंकिंग सेवाओं, डिजिटल बैंकिंग और सरकार समर्थित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के बारे में जानकारी हासिल कर सकें। बचत, बजट और निवेश पर हुई चर्चा सेशन के दौरान खास तौर पर बचत, बजट बनाने, जिम्मेदारी से कर्ज लेने, डिजिटल पेमेंट, बीमा, पेंशन प्लानिंग और निवेश के विकल्पों को लेकर लोगों की समझ बढ़ाने पर जोर दिया गया। मकसद था कि लोग अपनी रोजमर्रा की वित्तीय जरूरतों को बेहतर तरीके से समझ सकें और सही फैसले ले सकें। फ्रॉड से बचने के तरीके भी सिखाए गए कैंप में मौजूद लोगों को आम वित्तीय और साइबर फ्रॉड के बारे में भी आगाह किया गया। साथ ही उन्हें अपने बैंकिंग क्रेडेंशियल्स और निजी जानकारी को सुरक्षित रखने के सबसे अच्छे तरीकों की जानकारी दी गई, ताकि वे धोखाधड़ी का शिकार होने से बच सकें। लोन और डिजिटल बैंकिंग सेवाओं की जानकारी दी गई बैंक ने अपनी लोन स्कीमों, डिजिटल बैंकिंग प्रोडक्ट्स और अन्य वित्तीय सेवाओं के बारे में भी लोगों को बताया, जिनका मकसद व्यक्तियों और छोटे कारोबारियों को औपचारिक माध्यमों से उनकी वित्तीय जरूरतें पूरी करने में मदद करना है। ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों पर खास फोकस यह पहल खास तौर पर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में रहने वाले समुदायों के बीच वित्तीय जागरूकता मजबूत करने के लिए तैयार की गई थी। इसीलिए चर्चाओं को सरल, व्यावहारिक और लोगों की रोजमर्रा की वित्तीय जरूरतों से जुड़ा रखा गया। कैंप में इस बात पर भी जोर दिया गया कि लोग अनौपचारिक स्रोतों से कर्ज लेने की बजाय रेगुलेटेड वित्तीय संस्थानों को चुनें और सुरक्षित व जिम्मेदार वित्तीय आदतें अपनाएं। पूर्वोत्तर भारत में वित्तीय समावेशन की दिशा में कदम यह फाइनेंशियल लिटरेसी कैंप स्लाइस स्मॉल फाइनेंस बैंक की उस व्यापक प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जिसके तहत बैंक पूर्वोत्तर भारत में वित्तीय समावेशन को आगे बढ़ाना चाहता है। इसके लिए बैंक औपचारिक बैंकिंग तक पहुंच को कम्युनिटी स्तर पर बेहतर वित्तीय जागरूकता के साथ जोड़ रहा है। इसका आप पर असर यह खबर सीधे तौर पर आपकी वित्तीय सुरक्षा और जागरूकता से जुड़ी है। • भारत में: ऐसे कैंप दिखाते हैं कि बैंक अब ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में डिजिटल पेमेंट, बीमा और पेंशन जैसी सुविधाओं को सीधे लोगों तक पहुंचा रहे हैं। अगर आपके इलाके में भी ऐसा कोई कैंप लगे, तो वहां बैंकिंग क्रेडेंशियल सुरक्षित रखने और फ्रॉड पहचानने के तरीके जरूर सीखें। • असम के डोकमोका में: यहां के ग्राहकों और स्थानीय निवासियों को सीधे लोन, डिजिटल बैंकिंग प्रोडक्ट्स और सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी मिली। कैंप में हिस्सा लेने वाले लोग अब औपचारिक बैंकिंग चैनलों के जरिए अपनी वित्तीय जरूरतें बेहतर तरीके से पूरी कर सकते हैं। • फ्रॉड से बचाव: कैंप में सिखाए गए साइबर फ्रॉड से बचने के तरीके किसी भी बैंक ग्राहक के काम आ सकते हैं। अपने ओटीपी, पिन और बैंकिंग डिटेल किसी से शेयर न करें और सिर्फ रेगुलेटेड संस्थानों से ही लेन-देन करें। • कर्ज लेते समय सावधानी: कैंप में अनौपचारिक स्रोतों से कर्ज लेने के बजाय रेगुलेटेड फाइनेंशियल संस्थानों को चुनने की सलाह दी गई। इससे ऊंची ब्याज दर और गैर-कानूनी वसूली जैसे जोखिमों से बचा जा सकता है। सवाल-जवाब 1. फाइनेंशियल लिटरेसी कैंप कब और कहां आयोजित हुआ? यह कैंप 5 सितंबर को असम के डोकमोका में आयोजित हुआ। 2. इस कैंप का आयोजन किसने किया? इसका आयोजन स्लाइस स्मॉल फाइनेंस बैंक ने किया। 3. कैंप में किन विषयों पर चर्चा हुई? बचत, बजट, जिम्मेदार कर्ज, डिजिटल पेमेंट, बीमा, पेंशन प्लानिंग और निवेश के विकल्पों पर चर्चा हुई। 4. कैंप में कौन-कौन शामिल हुआ? बैंक के ग्राहक, गैर-ग्राहक, स्थानीय समुदाय के लोग और सरकारी अधिकारी कैंप में शामिल हुए। 5. क्या कैंप में फ्रॉड से बचाव पर भी जानकारी दी गई? हां, लोगों को आम वित्तीय और साइबर फ्रॉड से बचने के तरीके और बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखने के उपाय बताए गए। 6. इस पहल का मुख्य मकसद क्या है? पूर्वोत्तर भारत में, खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में, वित्तीय जागरूकता बढ़ाना और औपचारिक बैंकिंग तक पहुंच मजबूत करना है। https://trendkia.com/assam/assam-ke-dokmoka-men-logon-ko-slice-small-finance-bank-ne-sikhae-bachata-dijitala-pementa-aura-phroda-se-bachane-ke-tarike-29014 TrendKia — Har trend, sabse pehle.