# असम के होजाई में फिर से शुरू हुआ अतिक्रमण हटाओ अभियान, 152 परिवारों को बनाया गया निशाना

> असम के होजाई जिले के जमुना-मौदंगा रिजर्व फॉरेस्ट में प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर बेदखली अभियान फिर से शुरू कर दिया है, जिसके तहत 525 बीघा वन भूमि को मुक्त कराने का लक्ष्य है।

**Type:** article · **Category:** असम · **Published:** 2026-10-17 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/assam/assam-ke-hojai-men-phira-se-shuru-hua-atikramana-hatao-abhiyana-152-parivaron-ko-banaya-gaya-nishana-48595 · **Language:** Hindi
**Tags:** असम, होजाई, अतिक्रमण, बुलडोजर कार्रवाई, वन भूमि

असम के होजाई जिले के डोबोका इलाके में स्थित जमुना-मौदंगा रिजर्व फॉरेस्ट में प्रशासन ने शनिवार को अतिक्रमण के खिलाफ एक बार फिर बड़ा अभियान शुरू किया। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य लगभग 525 बीघा वन भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराना है, जिसे लेकर अधिकारियों ने कमर कस ली है। इस पूरी मुहिम को अमलीजामा पहनाने के लिए प्रशासन की ओर से मौके पर करीब 12 बुलडोजर तैनात किए गए हैं, जो लगातार कार्रवाई में जुटे हुए हैं।

कार्रवाई शुरू होने से ठीक एक दिन पहले यानी शुक्रवार को स्थानीय प्रशासन और वन विभाग के अधिकारियों ने लाउडस्पीकर के माध्यम से क्षेत्र में घोषणाएं की थीं। इन घोषणाओं के जरिए प्रभावित परिवारों को अपने घर स्वेच्छा से खाली करने के निर्देश दिए गए थे। प्रशासन की इस चेतावनी के बाद कई परिवारों ने रातों-रात अपना सामान समेटा और सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करना शुरू कर दिया था।

गौरतलब है कि यह ताजा कार्रवाई इसी साल जनवरी के महीने में चलाए गए एक बड़े अभियान का अगला चरण है। जनवरी में प्रशासन ने इसी रिजर्व फॉरेस्ट में बड़े पैमाने पर बुलडोजर चलाकर 1,098 परिवारों को बेदखल किया था और लगभग 700 हेक्टेयर जमीन को अपने कब्जे में ले लिया था। हालांकि, उस समय कार्रवाई के दायरे में आए 152 परिवारों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था, जिसके चलते उन्हें अस्थायी राहत मिल गई थी।

अदालत में मामला विचाराधीन रहने के कारण इन 152 परिवारों के मकान तब सुरक्षित बच गए थे और वे वहीं जमे हुए थे। अब चूंकि कानूनी प्रक्रिया और परिस्थितियों के तहत स्थिति स्पष्ट हो चुकी है, इसलिए जिला प्रशासन और वन विभाग ने बचे हुए अतिक्रमण को पूरी तरह से हटाने का निर्णय लिया है। शनिवार को तय शेड्यूल के मुताबिक ही अभियान को आगे बढ़ाया गया ताकि रिजर्व फॉरेस्ट की बची हुई जमीन को पूरी तरह से खाली कराया जा सके।

## इसका आप पर असर
प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़े इस घटनाक्रम का स्थानीय निवासियों और वन संरक्षण की दिशा में व्यापक प्रभाव पड़ा है।

- **असम में:** इस तरह के अभियान पूरे राज्य में सरकारी और वन भूमि को अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराने की कड़ी प्रशासनिक नीति का संकेत देते हैं। भविष्य में आरक्षित वनों में बसने वाले अन्य लोगों को भी इस प्रकार की बेदखली का सामना करना पड़ सकता है।

- **होजाई में:** डोबोका इलाके और जमुना-मौदंगा रिजर्व फॉरेस्ट के आसपास रहने वाले 152 परिवारों को अपना आशियाना छोड़कर अन्यत्र जाना पड़ रहा है। प्रभावित परिवारों को अपने रहने और आजीविका के लिए नए सिरे से संघर्ष करना होगा।

## ऐसा क्यों हुआ
यह अतिक्रमण विरोधी अभियान राज्य के जंगलों को बचाने और कानूनी रूप से संरक्षित क्षेत्रों से अवैध कब्जों को हटाने के प्रशासनिक संकल्प के तहत चलाया जा रहा है।

- **अवैध कब्जा:** प्रशासन के अनुसार, लक्षित क्षेत्र एक आरक्षित वन भूमि है जिस पर कई परिवारों द्वारा अनधिकृत रूप से निर्माण कर कब्जा कर लिया गया था।

- **अदालती राहत का अंत:** जनवरी की कार्रवाई के बाद जिन 152 परिवारों को अदालत से अंतरिम राहत मिली थी, उनके मामले के निपटारे के बाद प्रशासन ने शेष भूमि को खाली कराने के लिए यह कदम उठाया है।

## सवाल-जवाब

### 1. यह अतिक्रमण हटाओ अभियान कहां चलाया जा रहा है?
यह अभियान असम के होजाई जिले के डोबोका इलाके में स्थित जमुना-मौदंगा रिजर्व फॉरेस्ट में चलाया जा रहा है।

### 2. इस ताज़ा अभियान में कितने परिवारों को निशाना बनाया गया है?
इस बार के अभियान में कुल 152 परिवारों को लक्षित किया गया है।

### 3. प्रशासन ने कितनी भूमि को खाली कराने का लक्ष्य रखा है?
प्रशासन इस कार्रवाई के जरिए लगभग 525 बीघा वन भूमि को मुक्त कराना चाहता है।

### 4. इस अभियान में कितने बुलडोजर तैनात किए गए हैं?
कार्रवाई को अंजाम देने के लिए लगभग 12 बुलडोजर तैनात किए गए हैं।

### 5. इससे पहले इसी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई कब हुई थी?
इससे पहले इसी साल जनवरी में अभियान चलाया गया था जिसमें 1,098 परिवारों को हटाया गया था।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._