असम के मानस नेशनल पार्क में खोजी गई फूलों की नई प्रजाति ऑस्बेकिया असमेंसिस असम के मानस नेशनल पार्क में फूलों की एक नई प्रजाति ऑस्बेकिया असमेंसिस की खोज की गई है। इस पौधे की पहचान शोधकर्ताओं ने बोटैनिकल जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के जरिए की। असम के मानस नेशनल पार्क में वनस्पति विज्ञान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण खोज सामने आई है, जहां फूलों की एक नई प्रजाति की पहचान की गई है। इस नई प्रजाति के मिलने से राज्य के समृद्ध जैव विविधता और प्राकृतिक आवासों के पारिस्थितिक महत्व पर एक बार फिर मुहर लगी है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने साझा की जानकारी असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को इस नई खोज की घोषणा की। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस सुंदर फूल की तस्वीर साझा करते हुए बताया कि राज्य में लगातार नए पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं की प्रजातियों का मिलना इस बात का प्रमाण है कि सरकार प्रकृति संरक्षण को लेकर कितनी गंभीर और प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार समाज के विस्तार के रूप में हमेशा से प्रकृति संरक्षण को प्राथमिकता देती रही है और इस तरह की खोजें उस दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों का परिणाम हैं। शोधकर्ताओं द्वारा किया गया अध्ययन इस नई प्रजाति की खोज शोधकर्ताओं बर्नali दास और नमिता नाथ द्वारा की गई है। उनके द्वारा किए गए अध्ययन को 22 अक्टूबर को बोटैनिकल जर्नल फाइटोटैक्सा में प्रकाशित किया गया था। इस पौधे की पहचान के लिए साल 2021 से 2025 के बीच मैदानी इलाकों और जंगलों में गहन फील्ड सर्वे किए गए थे, जिसके दौरान मानस के घास के मैदानों में इस पौधे की बिखरी हुई आबादी दर्ज की गई थी। पौधे की शारीरिक विशेषताएं और बनावट ऑस्बेकिया असमेंसिस मेलैस्टोमेटासी परिवार से ताल्लुक रखने वाला एक बारहमासी झाड़ीदार पौधा है। यह पौधा लगभग दो से 2.5 मीटर की ऊंचाई तक बढ़ता है। इस पर लगभग तीन से 3.5 सेंटीमीटर आकार के गुलाबी रंग के फूल खिलते हैं, और इसके प्रत्येक क्लस्टर में लगभग 30 से 35 फूल होते हैं। इस पौधे में फूल आने और फल लगने का चक्र सितंबर से फरवरी तक चलता है। तुलनात्मक अध्ययन और पहला नमूना शोधकर्ताओं ने इस पौधे की शारीरिक विशेषताओं का अध्ययन करके और संबंधित प्रजातियों तथा हर्बेरियम के नमूनों के साथ उनकी तुलना करके इसकी अलग पहचान स्थापित की। हालांकि यह ऑस्बेकिया नायरू से समानता रखता है, लेकिन इसके तने की संरचना, फूलों की व्यवस्था, बालों वाले कैलिक्स मार्जिन और बीज के आकार में अंतर ने यह साबित कर दिया कि यह एक पूरी तरह से अलग प्रजाति है। इस पौधे का पहला संदर्भ नमूना आठ अक्टूबर 2022 को मानस में एकत्र किया गया था, जबकि दूसरा नमूना अक्टूबर 2025 में दर्ज किया गया था। पारिस्थितिक महत्व और भविष्य की संभावनाएं यह खोज मानस नेशनल पार्क के पारिस्थितिक महत्व को रेखांकित करती है और असम के जंगलों तथा घास के मैदानों में और अधिक वनस्पति अनुसंधान की संभावनाओं को खोलती है। इन क्षेत्रों में अभी और भी ऐसी पादप प्रजातियां हो सकती हैं जिन्हें दस्तावेज में शामिल किया जाना बाकी है। इस पार्क की दर्ज वनस्पतियों में ऑस्बेकिया असमेंसिस के जुड़ने से उन प्राकृतिक आवासों की रक्षा करने की आवश्यकता पर और अधिक बल मिलता है जो असम के विभिन्न प्रकार के पौधों और जीवों के जीवन को सहारा देते हैं। इसका आप पर असर यह खोज असम के प्राकृतिक आवासों और जैव विविधता के संरक्षण के प्रति सरकारी और प्रशासनिक प्रयासों को मजबूत करती है। • भारत में: यह खोज देश के समृद्ध वनस्पति इतिहास और वैज्ञानिक शोध के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान है। इससे देश भर के जंगलों और राष्ट्रीय उद्यानों में दुर्लभ प्रजातियों के संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। • असम में: मानस नेशनल पार्क के स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र और वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों को इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। इससे स्थानीय स्तर पर पर्यटन और प्रकृति अध्ययन से जुड़े शोध कार्यों को भी नई गति मिल सकती है। ऐसा क्यों हुआ यह नई प्रजाति वर्षों के वैज्ञानिक सर्वेक्षण और बोटैनिकल अध्ययन के परिणामस्वरूप सामने आई है। शोधकर्ताओं ने पौधों की शारीरिक बनावट और उनकी तुलनात्मक विशेषताओं का गहराई से अध्ययन किया। • फील्ड सर्वे: शोधकर्ताओं द्वारा साल 2021 से 2025 के बीच मानस नेशनल पार्क के घास के मैदानों में लगातार किए गए क्षेत्रीय सर्वेक्षणों से इस पौधे के नमूने एकत्र किए गए। • विस्तृत अध्ययन: बर्नाली दास और नमिता नाथ ने पौधे की शारीरिक विशेषताओं, तने की संरचना और फूलों की बनावट का संबंधित प्रजातियों से सूक्ष्मता से मिलान किया। • वैज्ञानिक प्रकाशन: इन सभी प्रमाणों और नमूनों के आधार पर तैयार किए गए शोध अध्ययन को बोटैनिकल जर्नल फाइटोटैक्सा में 22 अक्टूबर को प्रकाशित किया गया, जिससे इसे आधिकारिक मान्यता मिली। सवाल-जवाब 1. ऑस्बेकिया असमेंसिस क्या है? यह असम के मानस नेशनल पार्क में खोजी गई फूलों वाले पौधों की एक नई प्रजाति है, जो मेलैस्टोमेटासी परिवार से संबंधित है। 2. इस प्रजाति की खोज किसने की? इस प्रजाति की पहचान शोधकर्ताओं बर्नाली दास और नमिता नाथ ने की है। 3. यह खोज कहाँ प्रकाशित हुई? यह अध्ययन 22 अक्टूबर को बोटैनिकल जर्नल फाइटोटैक्सा में प्रकाशित किया गया था। 4. इस पौधे की शारीरिक विशेषताएं क्या हैं? यह पौधा दो से 2.5 मीटर ऊंचा बारहमासी झाड़ीदार है जिस पर तीन से 3.5 सेंटीमीटर के गुलाबी फूल खिलते हैं। 5. इस पौधे का पहला नमूना कब एकत्र किया गया था? इस पौधे का पहला संदर्भ नमूना आठ अक्टूबर 2022 को मानस में एकत्र किया गया था। https://trendkia.com/assam/assam-ke-manas-national-park-men-khoji-gai-phulon-ki-nai-prajati-osbeckia-assamensis-51896 TrendKia — Har trend, sabse pehle.