असम के नगांव लोकसभा उपचुनाव में नामांकन पत्रों की जांच पूरी, 18 उम्मीदवारों के पर्चे वैध नगांव लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए नामांकन पत्रों की जांच में 25 में से 18 उम्मीदवारों के पर्चे सही पाए गए हैं। आगामी 6 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा। असम की नगांव संसदीय सीट पर होने वाले आगामी उपचुनाव को लेकर चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। चुनाव प्रक्रिया के तहत नामांकन पत्रों की औपचारिक जांच का चरण पूरा कर लिया गया है, जिसमें कुल 25 प्रत्याशियों में से 18 उम्मीदवारों के नामांकन पत्र सही पाए गए हैं। एक आधिकारिक बयान के माध्यम से शुक्रवार को इस जांच प्रक्रिया के संपन्न होने और योग्य पाए गए नामों की पुष्टि की गई है। इस छंटनी के बाद चुनावी मुकाबले का प्राथमिक स्वरूप स्पष्ट हो गया है। प्रमुख राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों को मिली मंजूरी जिन प्रमुख चेहरों के नामांकन पत्र जांच के बाद स्वीकार किए गए हैं, उनमें भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार देवाशीष शर्मा शामिल हैं। इसके अलावा ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल और कांग्रेस की प्रत्याशी शिबामणि बोरा के पर्चे भी वैध पाए गए हैं। प्रमुख राजनीतिक दलों के इन कद्दावर नेताओं की उम्मीदवारी पर मुहर लगने के बाद इस सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प और कड़ा होने की उम्मीद है। मुख्य दलों के अलावा अन्य राजनीतिक संगठनों और निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी चुनावी मैदान में ताल ठोंकी है, जिससे यह मुकाबला बहुकोणीय रूप ले चुका है। नाम वापसी और चुनाव कार्यक्रम का पूरा ब्योरा नामांकन पत्रों की जांच पूरी होने के साथ ही निर्वाचन प्रक्रिया का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा हो गया है। जो प्रत्याशी चुनाव मैदान से हटना चाहते हैं, उनके लिए अपनी उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम समय सीमा शनिवार, 19 सितंबर तय की गई है। नाम वापसी की यह अवधि समाप्त होने के बाद ही चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की अंतिम और आधिकारिक सूची सामने आएगी। तय कार्यक्रम के अनुसार, नगांव लोकसभा क्षेत्र में मतदान 6 अक्टूबर को कराया जाएगा, जबकि मतों की गिनती 9 अक्टूबर को की जाएगी। सीट खाली होने की मुख्य पृष्ठभूमि नगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव कराने की जरूरत एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के चलते पैदा हुई थी। कांग्रेस नेता प्रद्युत बोरदोलोई ने इस साल की शुरुआत में हुए असम विधानसभा चुनाव से पहले नगांव लोकसभा सीट से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद बोरदोलोई भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे और उन्होंने भाजपा के टिकट पर दिसपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। दिसपुर सीट पर जीत हासिल करने के बाद वे असम विधानसभा के सदस्य बन गए, जिसके कारण नगांव संसदीय क्षेत्र रिक्त घोषित हो गया था। अब इसी खाली सीट पर अपना कब्जा जमाने के लिए विभिन्न दल पूरा जोर लगा रहे हैं। इसका आप पर असर नगांव संसदीय क्षेत्र के मतदाताओं और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों पर इस छंटनी और चुनावी कार्यक्रम का सीधा असर पड़ेगा। • असम में: राज्य की राजनीति में यह उपचुनाव विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रभाव और जमीनी पकड़ का परीक्षण करेगा। प्रमुख दलों के बीच मुकाबला होने से क्षेत्रीय राजनीतिक संतुलन और मतदाता रुझान पर स्पष्ट प्रभाव देखने को मिलेगा। • नगांव में: संसदीय क्षेत्र के मतदाताओं को अपने अगले लोकसभा प्रतिनिधि के चुनाव के लिए 6 अक्टूबर को मतदान केंद्र पहुंचना होगा। नाम वापसी की प्रक्रिया 19 सितंबर को खत्म होने के बाद स्थानीय नागरिकों को अपने क्षेत्र के सभी उम्मीदवारों की अंतिम सूची मिल सकेगी। • मतदाताओं की तैयारी: स्थानीय निवासियों को मतदान की तारीख यानी 6 अक्टूबर और मतगणना की तारीख 9 अक्टूबर को ध्यान में रखते हुए नागरिक दायित्व निभाने की योजना बनानी होगी। इससे क्षेत्र के विकास कार्यों और प्रशासनिक प्राथमिकताओं को नया प्रतिनिधि मिलने का रास्ता साफ होगा। • प्रत्याशियों के लिए: मैदान में बने रहे 18 उम्मीदवारों को प्रचार के लिए सीमित समय मिलेगा। 19 सितंबर के बाद प्रचार अभियान जोर पकड़ेगा और सभी प्रत्याशियों को मतदाताओं को साधने के लिए व्यापक संपर्क अभियान चलाना होगा। ऐसा क्यों हुआ नगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव कराने की आवश्यकता तब उत्पन्न हुई जब मौजूदा सांसद ने विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए पद छोड़ दिया। • संसदीय सीट का रिक्त होना: कांग्रेस नेता प्रद्युत बोरदोलोई ने इस वर्ष हुए असम विधानसभा चुनाव से पहले नगांव लोकसभा सांसद पद से इस्तीफा दे दिया था। इस इस्तीफे के बाद नियमानुसार खाली सीट को भरने के लिए उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू की गई। • राजनीतिक दल परिवर्तन और चुनाव जीतना: बोरदोलोई बाद में भाजपा में शामिल हो गए और दिसपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़कर विजयी हुए। असम विधानसभा का सदस्य बनने के कारण उनका संसद सदस्य पद पहले ही खाली हो चुका था। • निर्वाचन प्रक्रिया का चरण: कुल 25 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया था, जिसके बाद चुनाव आयोग के नियमों के तहत शुक्रवार को जांच पूरी की गई और 18 पर्चे वैध पाए गए। सवाल-जवाब 1. नगांव लोकसभा उपचुनाव के लिए कितने उम्मीदवारों के नामांकन वैध पाए गए? कुल 25 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था, जिनमें से जांच के बाद 18 उम्मीदवारों के नामांकन पत्र सही पाए गए। 2. इस उपचुनाव में कौन से प्रमुख उम्मीदवार मैदान में हैं? प्रमुख उम्मीदवारों में भाजपा के देवाशीष शर्मा, एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल और कांग्रेस की शिबामणि बोरा शामिल हैं। 3. उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम तिथि क्या है? प्रत्याशी शनिवार, 19 सितंबर तक अपना नाम वापस ले सकते हैं। 4. नगांव सीट पर मतदान और मतगणना किस तारीख को होगी? मतदान 6 अक्टूबर को कराया जाएगा, जबकि वोटों की गिनती 9 अक्टूबर को होगी। 5. नगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव क्यों कराया जा रहा है? प्रद्युत बोरदोलोई ने असम विधानसभा चुनाव से पहले यह सीट खाली कर दी थी और दिसपुर से जीतकर विधायक बन गए थे, जिसके कारण सीट रिक्त हो गई थी। https://trendkia.com/assam/assam-ke-nagaon-lok-sabha-upachunava-men-namankana-patron-ki-jancha-puri-18-ummidavaron-ke-parche-vaidha-33480 TrendKia — Har trend, sabse pehle.