असम में बहुविवाह करने वाले सरकारी कर्मचारियों पर गिरी गाज, सेवा से होंगे बर्खास्त असम मंत्रिमंडल ने सेवा और अनुशासन नियमों में संशोधन करते हुए बहुविवाह करने वाले सरकारी कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त करने का कड़ा फैसला लिया है। असम मंत्रिमंडल ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों के लिए वैवाहिक आचरण को लेकर एक बेहद सख्त नियम लागू कर दिया है। नए प्रावधानों के तहत यदि राज्य सरकार का कोई भी कर्मचारी एक से अधिक विवाह करता है, तो उसे तत्काल प्रभाव से सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया जाएगा। इस कड़े कदम का उद्देश्य प्रशासन में बहुविवाह की प्रथा पर पूरी तरह से रोक लगाना है। सेवा और अनुशासन नियमों में बड़ा संशोधन इस फैसले को प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार ने असम सर्विस और डिसिप्लिन रूल्स में औपचारिक संशोधन किया है। नियमों में हुए इस बदलाव के बाद बहुविवाह में लिप्त पाए जाने वाले कर्मियों पर सीधी कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि सेवा आचरण उल्लंघन के ऐसे मामलों में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। भविष्य के रोजगार के लिए भी अयोग्यता सरकार के इस निर्णय का असर केवल वर्तमान पद पर ही नहीं पड़ेगा, बल्कि संबंधित कर्मी के पूरे करियर पर इसका गहरा प्रभाव होगा। जो भी कर्मचारी बहुविवाह में शामिल पाए जाएंगे, उन्हें सेवा से बर्खास्त किए जाने के साथ ही भविष्य के किसी भी सरकारी रोजगार के लिए पूरी तरह अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का बयान मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए इस निर्णय की जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने स्पष्ट किया कि प्रशासन ने सेवा नियमों को कड़ा करने के लिए यह आवश्यक कदम उठाया है। उन्होंने कहा, "असम कैबिनेट का फैसला है कि अगर असम सरकार का कोई कर्मचारी बहुविवाहित पाया गया, तो उसे नौकरी से बर्खास्त किया जाएगा।" इसके अतिरिक्त राज्य में बहुविवाह और संबंधित लाभों को लेकर भी कड़े प्रावधान विचाराधीन रहे हैं। इसका आप पर असर असम के सरकारी कर्मचारियों के लिए आचरण नियम अब पहले से कहीं अधिक कठोर हो गए हैं, जिसका सीधा असर उनके सेवा रिकॉर्ड और करियर पर पड़ेगा। • असम में: राज्य सरकार के अधीन कार्यरत सभी कर्मचारियों पर यह नियम सीधे तौर पर बाध्यकारी होगा। यदि कोई भी कर्मी एक से अधिक विवाह का दोषी पाया जाता है, तो उसे बिना किसी रियायत के नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा। • करियर सुरक्षा: सेवा समाप्ति के साथ ही भविष्य के सभी सरकारी रोजगारों के दरवाजे बंद हो जाएंगे। प्रभावित व्यक्ति किसी भी अन्य सरकारी पद या विभागीय पुनर्नियुक्ति के लिए पूरी तरह अपात्र घोषित कर दिया जाएगा। • पारिवारिक और कानूनी असर: सरकारी सेवा की शर्तों में वैवाहिक स्थिति का सटीक और कानूनी अनुपालन अनिवार्य हो गया है। कर्मचारियों को अपने सेवा रिकॉर्ड में वैवाहिक जानकारी को अद्यतन और नियमों के अनुरूप रखना होगा। • भारत में: अन्य राज्यों में भी सरकारी सेवा आचरण नियमों के तहत बहुविवाह पर अंकुश लगाने की प्रशासनिक बहसों को बल मिल सकता है। राज्य कर्मचारियों के आचरण संहिता को लेकर यह निर्णय एक कड़ा दृष्टांत प्रस्तुत करता है। ऐसा क्यों हुआ असम सरकार प्रशासनिक सेवा आचरण में एकरूपता लाने और सरकारी पदों पर बैठे कर्मचारियों के बीच बहुविवाह की प्रथा को पूरी तरह समाप्त करने के लिए नियमों को सख्त कर रही है। • सीधा कारण: असम कैबिनेट ने आधिकारिक तौर पर असम सर्विस और डिसिप्लिन रूल्स में संशोधन करने की मंजूरी दी। इस संशोधन के बाद बहुविवाह में शामिल पाए जाने वाले किसी भी कर्मी की अनिवार्य बर्खास्तगी का कानूनी रास्ता तैयार हुआ। • प्रशासनिक पृष्ठभूमि: राज्य सरकार काफी समय से बहुविवाह प्रथा पर अंकुश लगाने और इस संबंध में कड़े नियम बनाने की दिशा में काम कर रही थी। बजट और पूर्व चर्चाओं में बहुविवाह करने वालों के लिए सरकारी सुविधाओं और भत्तों पर रोक लगाने के प्रस्ताव रखे गए थे। • आगे क्या होगा: संबंधित प्रशासनिक विभाग संशोधित सेवा नियमों की अधिसूचना जारी कर उन्हें पूरी शक्ति से लागू करेंगे। उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच और तत्काल निष्कासन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सवाल-जवाब 1. असम कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों के बहुविवाह पर क्या फैसला लिया है? कैबिनेट ने फैसला किया है कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी एक से अधिक शादी करता है, तो उसे तुरंत सेवा से बर्खास्त कर दिया जाएगा। 2. यह कार्रवाई किस नियम के तहत की जाएगी? राज्य सरकार ने इसके लिए असम सर्विस और डिसिप्लिन रूल्स में आवश्यक कानूनी संशोधन किए हैं। 3. क्या बर्खास्त कर्मचारियों को भविष्य में सरकारी नौकरी मिल सकेगी? नहीं, नियम के तहत सेवा से हटाए गए कर्मचारियों को भविष्य के किसी भी सरकारी रोजगार के लिए पूरी तरह अयोग्य घोषित किया जाएगा। 4. इस बड़े नीतिगत फैसले की घोषणा किसने की? इस निर्णय की औपचारिक जानकारी असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कैबिनेट बैठक के बाद दी। https://trendkia.com/assam/assam-men-bahuvivaha-karane-vale-sarakari-karmachariyon-para-giri-gaja-seva-se-honge-barkhasta-56063 TrendKia — Har trend, sabse pehle.