# असम में बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा दिलाने के लिए अखिल गोगोई का अनिश्चितकालीन सत्याग्रह समाप्त होगा

> मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के आश्वासनों के बाद शिवसागर से विधायक अखिल गोगोई ने दिसपुर में चल रहे अपने 14 दिवसीय अनशन को खत्म करने की घोषणा की है।

**Type:** article · **Category:** असम · **Published:** 2026-10-14 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/assam/assam-men-barha-piriton-ko-muavaja-dilane-ke-lie-akhil-gogoi-ka-anishchitakalina-satyagraha-samapta-hoga-47449 · **Language:** Hindi
**Tags:** अखिल गोगोई, हिमंत बिस्वा सरमा, असम बाढ़, शिवसागर, राइजर दल, बाढ़ मुआवजा, दिसपुर

असम के शिवसागर निर्वाचन क्षेत्र से विधायक और राइजर दल के अध्यक्ष अखिल गोगोई दिसपुर स्थित असम विधानसभा परिसर में चल रहे अपने 14 दिनों के अनिश्चितकालीन सत्याग्रह को 15 अक्टूबर को समाप्त करेंगे। बाढ़ पीड़ितों के लिए आर्थिक मदद और नुकसान की जांच को लेकर चल रहे इस आंदोलन को खत्म करने का निर्णय मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा दी गई औपचारिक सहमति के बाद लिया गया है। मुख्यमंत्री ने ऊपरी असम में बाढ़ से प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने सहित कई अहम मांगों को पूरा करने का भरोसा दिलाया है।

## बाढ़ पीड़ितों के अधिकारों के लिए शुरू हुआ था आंदोलन
अखिल गोगोई ने सरकार को राहत कार्यों और मुआवजे के वितरण के लिए एक निश्चित समयसीमा तय की थी। जब वह समयसीमा बिना पूरी मदद पहुंचे बीत गई, तब उन्होंने 2 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे से विधानसभा परिसर में अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू कर दिया था। इस सत्याग्रह के जरिए मुख्य रूप से मांग की गई थी कि आपदा की चपेट में आए प्रत्येक परिवार को फौरी वित्तीय सहायता दी जाए, बाढ़ के कारणों और बड़े पैमाने पर हुए नुकसान की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा पानी से ध्वस्त हो चुकी सड़कों की मरम्मत तुरंत शुरू की जाए।

अपने इस आंदोलन को वापस लेने की वजह स्पष्ट करते हुए शिवसागर विधायक ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उनसे बातचीत कर प्रशासन पर भरोसा रखने और वादों को पूरा करने का अवसर देने का अनुरोध किया था। गोगोई ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, “मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिए हैं, लेकिन मैं पूरी तरह संतुष्ट नहीं हूं। मुझे नहीं लगता कि सभी समस्याएं हल हो जाएंगी।” उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि उनका मकसद केवल पीड़ितों तक सहायता पहुंचाना है और यदि सरकार राहत प्रदान करती है तो सारा श्रेय उसी को मिलेगा।

## शिवसागर में आर्थिक सहायता और राहत का दायरा
इस आंदोलन की सबसे प्राथमिक मांग यह थी कि जिन परिवारों को अब तक किसी प्रकार की राहत राशि नहीं मिली है, उनमें से प्रत्येक प्रभावित परिवार को फौरी राहत के रूप में 15,000 रुपये का भुगतान किया जाए। विधायक के अनुसार, जब उनका सत्याग्रह चल रहा था, उसी दौरान उनके निर्वाचन क्षेत्र के लगभग 4,000 परिवारों के खातों में यह राशि पहुंचाई गई। इसके अलावा, प्रशासन ने हाल ही में शिवसागर में पहचाने गए अतिरिक्त 3,064 परिवारों के लिए भी विशेष राहत स्वीकृत कर दी है।

अखिल गोगोई ने बताया कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने फोन पर वार्ता के दौरान उन्हें जानकारी दी कि हाल ही में चिन्हित किए गए 3,064 परिवारों के लिए 4.60 करोड़ रुपये की नई राशि मंजूर कर दी गई है। इस नए आवंटन के साथ ही शिवसागर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत लाभान्वित होने वाले बाढ़ पीड़ित परिवारों की कुल संख्या लगभग 7,000 तक पहुंच जाएगी। मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों की यह अद्यतन सूची व्हाट्सएप पर साझा करने और धन के सीधे हस्तांतरण का वादा भी किया है। हालांकि, अतिरिक्त 10,000 रुपये के भुगतान की मांग पर गोगोई ने निराशा जताई, क्योंकि सरकार का कहना है कि उस अतिरिक्त भुगतान पर बाद में विचार किया जाएगा।

## केंद्रीय प्रस्ताव, तकनीकी जांच और भविष्य का मुआवजा ढांचा
बाढ़ के कारणों तथा सरकारी स्तर पर हुई कथित लापरवाहियों की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग पर राज्य सरकार सहमत नहीं हुई, बल्कि इसकी जगह एक विशेषज्ञ समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है। यह समिति बाढ़ के कारणों और बुनियादी ढांचे को पहुंचे नुकसान की तकनीकी समीक्षा करेगी।

राज्य सरकार ने यह भी तर्क दिया था कि विधानसभा परिसर में लगातार चल रहे धरने के कारण केंद्र सरकार को भेजे जाने वाले आधिकारिक मुआवजा प्रस्ताव में देरी हो रही थी। इसके समाधान के रूप में मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया है कि पहले चरण में उन 57,000 परिवारों की सूची केंद्र सरकार को भेजी जाएगी जिनका सर्वेक्षण पहले ही पूरा हो चुका है। इसके तुरंत बाद छूटे हुए अन्य प्रभावित परिवारों के लिए एक दूसरा प्रस्ताव भी केंद्र को भेजा जाएगा।

इस विस्तृत राहत योजना के तहत नुकसान की गंभीरता के आधार पर प्रति परिवार 1.70 लाख रुपये से लेकर 5.60 लाख रुपये तक का मुआवजा प्रदान करने का आश्वासन दिया गया है। बुधवार को 13वें दिन में प्रवेश कर चुका यह अनशन गुरुवार यानी 15 अक्टूबर को 14 दिन पूरे होने पर औपचारिक रूप से समाप्त हो जाएगा।

## इसका आप पर असर
असम में बाढ़ पीड़ितों के लिए वित्तीय सहायता और पुनर्वास के दावों के निपटारे में तेजी आएगी।

- **भारत में:** आपदा प्रबंधन के तहत राज्यों द्वारा केंद्र से राहत पैकेज मांगने की प्रक्रिया में तेजी आएगी। इससे प्रभावित क्षेत्रों में केंद्रीय योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।
- **असम में:** शिवसागर के करीब 7,000 परिवारों को 15,000 रुपये की फौरी मदद मिलेगी। 57,000 से अधिक परिवारों को 1.70 लाख रुपये से लेकर 5.60 लाख रुपये तक के दीर्घकालिक मुआवजे की प्रक्रिया शुरू होगी।
- **सड़क व बुनियादी ढांचा:** बाढ़ से तबाह हुए मार्गों की मरम्मत के लिए सरकारी स्तर पर कार्ययोजना को गति मिलेगी। स्थानीय नागरिकों को आवागमन में हो रही परेशानियों से राहत मिल सकेगी।
- **पारदर्शिता:** लाभ पाने वाले 3,064 अतिरिक्त परिवारों की सूची साझा की जाएगी। इससे प्रभावित लोग सीधे अपने मुआवजे की स्थिति की पुष्टि कर सकेंगे।

## ऐसा क्यों हुआ
अखिल गोगोई ने सरकार द्वारा बाढ़ राहत वितरण की तय समयसीमा बीत जाने के बाद भी परिवारों को सहायता न मिलने पर अनशन शुरू किया था। मुख्यमंत्री द्वारा राहत पैकेज स्वीकृत करने और प्रस्ताव केंद्र को भेजने के आश्वासन के बाद यह गतिरोध समाप्त हुआ।

- **सीधे कारण:** पूर्व में तय की गई समयसीमा के भीतर सभी प्रभावितों को फौरी वित्तीय सहायता और मुआवजा नहीं मिल पाया था। इसी विफलता के विरोध में 2 अक्टूबर को विधानसभा परिसर में सत्याग्रह प्रारंभ किया गया था।
- **सरकारी गतिरोध:** प्रशासन ने यह बात सामने रखी कि निरंतर चल रहे धरने के कारण केंद्र सरकार को औपचारिक प्रस्ताव भेजने की कागजी प्रक्रिया बाधित हो रही थी। दोनों पक्षों के बीच वार्ता से इस प्रशासनिक रुकावट को हल किया गया।
- **जांच पर सहमति:** केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मूल मांग के स्थान पर विशेषज्ञ समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। इससे बाढ़ के संरचनात्मक कारणों की जांच का रास्ता साफ हुआ।

## सवाल-जवाब

### 1. अखिल गोगोई अपना अनिश्चितकालीन सत्याग्रह कब समाप्त करेंगे?
अखिल गोगोई 15 अक्टूबर को अपना 14 दिनों का सत्याग्रह औपचारिक रूप से समाप्त करेंगे।

### 2. यह सत्याग्रह किस स्थान पर और कब शुरू हुआ था?
यह सत्याग्रह 2 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे दिसपुर स्थित असम विधानसभा परिसर में शुरू हुआ था।

### 3. शिवसागर के कितने परिवारों को तात्कालिक राहत का लाभ मिला है?
लगभग 4,000 परिवारों को पहले ही सहायता मिल चुकी है और 3,064 नए परिवारों के लिए 4.60 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जिससे कुल संख्या करीब 7,000 हो गई है।

### 4. पीड़ित परिवारों को तात्कालिक राहत के रूप में कितनी राशि दी जा रही है?
प्रत्येक पात्र प्रभावित परिवार को तत्काल राहत के रूप में 15,000 रुपये प्रदान किए जा रहे हैं।

### 5. केंद्र सरकार को भेजे जाने वाले प्रस्ताव के तहत दीर्घकालिक मुआवजा कितना होगा?
नुकसान की गंभीरता के आधार पर प्रभावित परिवारों को 1.70 लाख रुपये से लेकर 5.60 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा।

### 6. बाढ़ के कारणों की जांच के संबंध में सरकार ने क्या निर्णय लिया है?
सीबीआई जांच की मांग के बदले राज्य सरकार ने बाढ़ के कारणों और नुकसान की पड़ताल के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित करने पर सहमति जताई है।

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