# असम में बिजली बिल बढ़ने की तैयारी, पांच महीनों में वसूले जाएंगे 155.59 करोड़ रुपये

> असम विद्युत नियामक आयोग ने राज्य में बिजली वितरण कंपनी को लंबित ईंधन व खरीद अधिभार के 155.59 करोड़ रुपये पांच किस्तों में वसूलने की अनुमति दे दी है।

**Type:** article · **Category:** असम · **Published:** 2026-11-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/assam/assam-men-bijali-bila-barhane-ki-taiyari-pancha-mahinon-men-vasule-jaenge-155-59-karora-rupaye-55118 · **Language:** Hindi
**Tags:** असम बिजली बिल, असम पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी, बिजली दरें, असम विद्युत नियामक आयोग, ईंधन अधिभार, बिजली सब्सिडी

असम के घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को आगामी महीनों में बिजली के लिए अधिक भुगतान करना होगा। राज्य के बिजली नियामक असम विद्युत नियामक आयोग ने बिजली वितरण कंपनी को ईंधन और बिजली खरीद मूल्य समायोजन अधिभार के तहत लंबित लगभग 155.59 करोड़ रुपये की वसूली करने की हरी झंडी दे दी है। यह वसूली प्रक्रिया नवंबर 2026 से शुरू होकर मार्च 2027 तक चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी।

## बाढ़ और अप्रत्याशित बाधाओं के कारण नियमों में छूट
असम पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने बकाया राशि की वसूली के लिए नियमों में ढील देने की मांग की थी। सामान्य नियमों के तहत किसी एक महीने का अधिभार दूसरे अगले महीने में बिल के साथ वसूला जाता है, जिसके अनुसार अप्रैल का समायोजन जून में, मई का जुलाई में और अगस्त का अक्टूबर में होना चाहिए था। वितरण कंपनी ने दलील दी कि राज्य में आई विनाशकारी बाढ़ और अन्य अप्रत्याशित परिस्थितियों की वजह से तय समय पर वसूली प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। आयोग ने इन आधारों को स्वीकार करते हुए मौजूदा वित्तीय वर्ष के शेष महीनों में राशि एकत्र करने की अनुमति प्रदान कर दी।

## पांच महीनों में तय की गई वसूली की रूपरेखा
वितरण कंपनी ने अप्रैल से अगस्त 2026 की पांच महीने की अवधि के दौरान बिजली खरीद और पारेषण लागत में आए उतार-चढ़ाव को इस वित्तीय घाटे का मुख्य कारण बताया है। पूरक बिलों को अलग रखकर करीब 156 करोड़ रुपये की यह बकाया राशि जमा हुई है। स्वीकृत योजना के तहत 3.81 प्रतिशत प्रति माह की प्रस्तावित दर पर राशि की वसूली की जाएगी।

## महीनेवार वसूली का खाका इस प्रकार निर्धारित किया गया है
- नवंबर में 40.07 करोड़ रुपये की वसूली होगी।
- दिसंबर में 30.95 करोड़ रुपये एकत्र किए जाएंगे।
- जनवरी 2027 में 28.97 करोड़ रुपये जोड़े जाएंगे।
- फरवरी 2027 में 29.36 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया है।
- मार्च 2027 में अंतिम किस्त के तौर पर 26.23 करोड़ रुपये वसूले जाएंगे।

## कम खपत वाले परिवारों को राहत देने का प्रावधान
नियामक आयोग ने यह भी ध्यान दिलाया कि सितंबर 2026 के बाद से नियमित मासिक अधिभार भी जुड़ने लगेगा, जिससे कुल वित्तीय भार बढ़ सकता है। आम जनता, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग पर अचानक बड़ा वित्तीय बोझ न पड़े, इसके लिए वितरण कंपनी ने राहत की सीमा तय करने का प्रस्ताव दिया है। इसके अंतर्गत जीवन धारा श्रेणी के उपभोक्ताओं और प्रति माह 120 यूनिट तक बिजली खर्च करने वाले घरेलू-ए परिवारों के लिए इस अधिभार की अधिकतम सीमा 0.05 रुपये प्रति यूनिट तय की गई है। इस सीमा से अधिक बिजली इस्तेमाल करने वाली अन्य सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं पर तय फॉर्मूले के अनुसार पूरा अधिभार लागू होगा।

## इसका आप पर असर
असम में घरेलू और व्यावसायिक बिजली बिलों में नवंबर 2026 से मार्च 2027 तक मासिक अतिरिक्त अधिभार जुड़ेगा।

- **भारत में:** यह निर्णय केवल असम राज्य के नियामक अधिकार क्षेत्र और उपभोक्ताओं तक सीमित है। अन्य राज्यों के बिजली उपभोक्ताओं की दरों पर इसका कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा।
- **असम में:** आम उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में अगले पांच महीनों तक अतिरिक्त शुल्क जुड़कर आएगा। हालांकि 120 यूनिट तक खपत करने वाले छोटे घरेलू उपभोक्ताओं और जीवन धारा योजना के लाभार्थियों के लिए अधिभार को 0.05 रुपये प्रति यूनिट पर सीमित रखा गया है।
- **उद्योगों और व्यवसायों के लिए:** व्यावसायिक और भारी खपत वाले बिजली उपभोक्ताओं को 3.81 प्रतिशत प्रति माह के हिसाब से पूरा अधिभार देना होगा। इससे उनकी मासिक परिचालन लागत में वृद्धि दर्ज होगी।
- **आगामी बिलिंग चक्र पर:** नवंबर से मार्च के बीच इस पुराने बकाया के साथ सितंबर 2026 के बाद का नियमित मासिक अधिभार भी जुड़ेगा। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने मासिक बिलों में अधिभार विवरण की नियमित जांच करें।

## ऐसा क्यों हुआ
यह बढ़ोतरी वितरण कंपनी द्वारा बिजली खरीद और पारेषण के दौरान लगे अतिरिक्त खर्चों की भरपाई करने के लिए की जा रही है।

- **लागत में उतार-चढ़ाव:** अप्रैल से अगस्त 2026 के दौरान बिजली खरीद और पारेषण लागत में अचानक बदलाव आया। इस वजह से कंपनी पर करीब 156 करोड़ रुपये का बकाया एकत्रित हो गया था।
- **प्राकृतिक आपदा और बाढ़:** राज्य में गंभीर बाढ़ और अपरिहार्य परिस्थितियों के चलते निर्धारित समय पर अधिभार की नियमित बिलिंग नहीं की जा सकी। इस देरी के कारण पूरा वित्तीय बोझ एकत्रित होकर बाद के महीनों में स्थानांतरित हो गया।
- **नियामक आयोग की मंजूरी:** वितरण कंपनी ने वित्तीय नुकसान से उबरने के लिए नियमों में छूट मांगी थी। आयोग ने आवेदन को स्वीकार कर मौजूदा वित्त वर्ष में ही चरणबद्ध वसूली की अनुमति प्रदान कर दी।

## सवाल-जवाब

### 1. असम में बिजली की दरें किस महीने से बढ़ रही हैं?
बिजली बिलों में अतिरिक्त अधिभार की वसूली नवंबर 2026 के बिल से शुरू होगी और यह मार्च 2027 तक चलेगी।

### 2. कुल कितनी बकाया राशि की वसूली की जानी है?
असम विद्युत नियामक आयोग ने लगभग 155.59 करोड़ रुपये के संचित अधिभार की वसूली को मंजूरी दी है।

### 3. यह बकाया राशि किस समय अवधि से जुड़ी है?
यह राशि अप्रैल 2026 से अगस्त 2026 के बीच बिजली खरीद और पारेषण में आए अतिरिक्त खर्च से संबंधित है।

### 4. छोटे उपभोक्ताओं के लिए क्या सुरक्षा उपाय किए गए हैं?
जीवन धारा श्रेणी और प्रति माह 120 यूनिट तक बिजली खर्च करने वाले घरेलू-ए परिवारों के लिए अधिभार अधिकतम 0.05 रुपये प्रति यूनिट तय किया गया है।

### 5. किस महीने में सबसे अधिक राशि एकत्र की जाएगी?
प्रस्तावित योजना के अनुसार नवंबर महीने में सबसे ज्यादा 40.07 करोड़ रुपये की वसूली की जाएगी।

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