# असम में बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन को मिली जमीन, गुवाहाटी के पास खुलेगी नई बॉक्सिंग एकेडमी

> असम कैबिनेट ने बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन को बॉक्सिंग एकेडमी खोलने के लिए चार बीघा जमीन मात्र 1 रुपये के सांकेतिक शुल्क पर देने का फैसला किया है।

**Type:** article · **Category:** असम · **Published:** 2026-10-09 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/assam/assam-men-boksara-lovlina-borgohain-ko-mili-jamina-guwahati-ke-pasa-khulegi-nai-boksinga-ekedami-45324 · **Language:** Hindi
**Tags:** लवलीना बोरगोहेन, असम, हिमंत बिस्व सरमा, बॉक्सिंग एकेडमी, गुवाहाटी, एशियाई खेल 2026, भारतीय खेल

असम की स्टार मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन को अपनी खेल अकादमी स्थापित करने के लिए राज्य प्रशासन से बड़ा सहयोग मिला है। शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक के बाद यह घोषणा की गई कि गुवाहाटी के समीप चार बीघा भूखंड इस अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी को एक नई बॉक्सिंग एकेडमी बनाने के लिए दिया जाएगा।

पलासबाड़ी राजस्व सर्किल के तहत आने वाले हुदुमपुर गांव में स्थित इस भूखंड को केवल 1 रुपये के सांकेतिक मूल्य पर मुक्केबाज को सौंपा जाएगा। लोक सेवा भवन में कैबिनेट के फैसलों की जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने इस कदम की आधिकारिक रूप से पुष्टि की।

## असम के युवाओं को मिलेगी विश्वस्तरीय कोचिंग

प्रशासन का मानना है कि इस पहल से पूर्वोत्तर में खेलों का बुनियादी ढांचा काफी मजबूत होगा। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि यह निर्णय गुवाहाटी के पास लवलीना बॉक्सिंग एकेडमी की स्थापना को आसान बनाएगा। इससे असम के नवोदित मुक्केबाजों को बेहतरीन स्तर का प्रशिक्षण मिल सकेगा, जिससे वे अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार हो सकेंगे।

अधिकारियों के अनुसार, यह प्रस्तावित अकादमी पूरे राज्य के भीतर युवा प्रतिभाओं को शुरुआती दौर में पहचानने और उन्हें भविष्य के मुकाबलों के लिए तराशने में अहम भूमिका निभाएगी।

## हालिया स्वर्णिम सफलता और शानदार रिकॉर्ड

लवलीना बोरगोहेन ने हाल ही में जापान के आइची-नागोया में आयोजित 2026 एशियाई खेलों के दौरान महिलाओं की 75 किलोग्राम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था। उन्होंने 2 अक्टूबर को खेले गए फाइनल मुकाबले में चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराकर यह खिताब अपने नाम किया था।

इस जीत के साथ लवलीना एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक हासिल करने वाली केवल दूसरी भारतीय महिला मुक्केबाज बनीं। उनसे पहले यह ऐतिहासिक कारनामा दिग्गज बॉक्सर एमसी मैरी कॉम ने वर्ष 2014 में कर दिखाया था।

## पदकों का सफर और सम्मान

असम की इस मुक्केबाज ने टोक्यो 2020 ओलंपिक में कांस्य पदक हासिल कर पूरे विश्व में राज्य का नाम रोशन किया था। इसके अलावा उन्होंने चीन के हांगझोउ में संपन्न हुए 2022 एशियाई खेलों की इसी भार वर्ग स्पर्धा में रजत पदक भी जीता था।

हालिया स्वर्णिम जीत के बाद, 6 अक्टूबर को लोक सेवा भवन में आयोजित एक समारोह के दौरान मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने लवलीना को 50 लाख रुपये का चेक भेंट कर सम्मानित किया था। उन्होंने इस जीत को पूरे देश के लिए गर्व का विषय बताया और कहा कि यह उपलब्धि युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने की नई प्रेरणा देगी।

## इसका आप पर असर
असम सरकार का यह निर्णय राज्य में खेलों के विकास और भावी मुक्केबाजों के भविष्य के लिए एक बड़ा अवसर लेकर आया है।

- **भारत में:** देश को उत्तर-पूर्वी क्षेत्र से शीर्ष स्तर के मुक्केबाज तैयार करने के लिए एक आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र मिलेगा। इससे राष्ट्रीय मुक्केबाजी प्रतियोगिताओं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की पदक जीतने की संभावनाओं को मजबूती मिलेगी।
- **असम में:** राज्य के आकांक्षी युवाओं को गुवाहाटी के पास ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की कोचिंग उपलब्ध होगी। स्थानीय खिलाड़ियों को अब बुनियादी सुविधाओं और उच्चस्तरीय गाइडेंस के लिए राज्य से बाहर नहीं भटकना पड़ेगा।
- **महिला खिलाड़ियों के लिए:** दो बार की ओलंपिक और एशियाई पदक विजेता से सीधे मार्गदर्शन मिलने से युवा लड़कियां खेलों में आने के लिए प्रेरित होंगी। इससे जमीनी स्तर पर महिला भागीदारी में स्पष्ट सुधार दिखाई देगा।
- **खेल बुनियादी ढांचे पर:** केवल 1 रुपये की सांकेतिक कीमत पर जमीन मिलने से परियोजना का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ सकेगा। इससे स्थानीय स्तर पर खेल से जुड़े रोजगार और कोचिंग के नए अवसर भी विकसित होंगे।

## ऐसा क्यों हुआ
यह फैसला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लवलीना बोरगोहेन की ऐतिहासिक उपलब्धियों और पूर्वोत्तर में खेल प्रतिभाओं को निखारने के सरकारी वादे के तहत लिया गया है।

- **हालिया ऐतिहासिक जीत:** लवलीना ने 2026 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर 2014 की मैरी कॉम के बाद यह कारनामा करने वाली दूसरी भारतीय महिला बनने का गौरव हासिल किया। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के तुरंत बाद कैबिनेट ने उनकी अकादमी योजना को मंजूरी दे दी।
- **खेल बुनियादी ढांचे का विस्तार:** राज्य प्रशासन लंबे समय से स्थानीय प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों पर प्रशिक्षित करने के लिए पूर्वोत्तर में अकादमियों की स्थापना को बढ़ावा दे रहा है। टोक्यो ओलंपिक और एशियाई खेलों में लवलीना की सफलता ने इस परियोजना को प्राथमिकता में ला दिया।
- **सरकारी प्रोत्साहन नीति:** पदक विजेता खिलाड़ियों को नकद पुरस्कारों के साथ-साथ संस्थागत सहायता देने की परंपरा के तहत यह आवंटन किया गया। इससे पहले 6 अक्टूबर को उन्हें 50 लाख रुपये के पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।

## सवाल-जवाब

### 1. लवलीना बोरगोहेन को असम सरकार ने कितनी जमीन आवंटित की है?
असम सरकार ने मुक्केबाजी अकादमी स्थापित करने के लिए लवलीना को चार बीघा जमीन आवंटित करने की मंजूरी दी है।

### 2. यह जमीन किस स्थान पर स्थित है और इसकी कीमत क्या रखी गई है?
यह जमीन पलासबाड़ी राजस्व सर्किल के तहत हुदुमपुर गांव में स्थित है, जिसे 1 रुपये के सांकेतिक मूल्य पर दिया जाएगा।

### 3. इस प्रस्तावित मुक्केबाजी अकादमी का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस अकादमी का उद्देश्य असम के उभरते मुक्केबाजों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देना और उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है।

### 4. लवलीना ने 2026 एशियाई खेलों में कौन सा पदक जीता था?
उन्होंने 2026 एशियाई खेलों में महिलाओं की 75 किलोग्राम स्पर्धा में चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता था।

### 5. एशियाई खेलों में मुक्केबाजी का स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला कौन थीं?
एमसी मैरी कॉम वर्ष 2014 में एशियाई खेलों में मुक्केबाजी का स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं।

### 6. लवलीना बोरगोहेन ने ओलंपिक में कौन सा पदक जीता था?
लवलीना ने टोक्यो 2020 ओलंपिक खेलों में कांस्य पदक हासिल किया था।

### 7. स्वर्ण पदक जीतने के बाद असम सरकार ने लवलीना को कितनी पुरस्कार राशि दी थी?
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने 6 अक्टूबर को लोक सेवा भवन में उन्हें 50 लाख रुपये का चेक भेंट कर सम्मानित किया था।

## प्रेरणा और सबक
एक छोटे से गांव से निकलकर ओलंपिक पदक और एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली लवलीना की यात्रा से हर युवा बहुत कुछ सीख सकता है।

- **सफलता के बाद समाज को लौटाना:** शिखर पर पहुंचने के बाद भी लवलीना ने अपनी सफलता को व्यक्तिगत लाभ तक सीमित न रखकर अगली पीढ़ी को सिखाने के लिए अकादमी की शुरुआत की। अपने अनुभवों से दूसरों की राह आसान बनाना एक सच्चे चैंपियन की पहचान है।
- **निरंतर सुधार की लगन:** 2020 ओलंपिक में कांस्य और 2022 एशियाई खेलों में रजत जीतने के बाद उन्होंने हार नहीं मानी और 2026 में स्वर्ण पदक जीता। असफलता या अधूरा लक्ष्य आपको और अधिक मेहनत करने की प्रेरणा देना चाहिए।
- **जमीनी स्तर पर बदलाव:** अपने गृह राज्य में प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करके उन्होंने साबित किया कि बड़ा बदलाव अपनी जड़ों से जुड़कर ही लाया जा सकता है। संसाधनों की कमी को दूर करने के लिए खुद पहल करना नेतृत्व की निशानी है।

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