# असम में कैंसर देखभाल नेटवर्क ने चार साल में दीं लगभग 15 लाख सेवाएं, पांच नए अस्पताल भी जुड़ेंगे

> असम कैंसर केयर फाउंडेशन ने पिछले चार वर्षों में परामर्श, जांच, कीमोथेरेपी और सर्जरी सहित लगभग 15 लाख मरीज सेवाएं पूरी की हैं। राज्य सरकार अब धुबरी, नलबाड़ी, नगांव, शिवसागर और गोलपारा में पांच अतिरिक्त अस्पतालों के साथ इस नेटवर्क का और विस्तार करने जा रही है।

**Type:** article · **Category:** असम · **Published:** 2026-09-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/assam/assam-men-kainsara-dekhabhala-netavarka-ne-chara-sala-men-din-lagabhaga-15-lakha-sevaen-pancha-nae-aspatala-bhi-jurenge-38509 · **Language:** Hindi
**Tags:** असम, कैंसर देखभाल, हिमंत बिस्व सरमा, टाटा ट्रस्ट्स, असम कैंसर केयर फाउंडेशन, स्वास्थ्य सेवाएं, अस्पताल

असम में विशेष ऑन्कोलॉजी सुविधाओं के विस्तार के साथ राज्य के स्वास्थ्य ढांचे ने एक बड़ा पड़ाव पार किया है। असम सरकार और टाटा ट्रस्ट्स की साझा पहल के तहत संचालित असम कैंसर केयर फाउंडेशन ने अपनी शुरुआत के लगभग चार वर्षों के भीतर मरीजों को करीब 15 लाख सेवाएं उपलब्ध कराई हैं। इन चिकित्सा सेवाओं में ओपीडी परामर्श, रोग निदान परीक्षण, कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी और जटिल कैंसर सर्जरी शामिल हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर आधुनिक उपचार की पहुंच काफी सुलभ हुई है।

## समीक्षा बैठक में सामने आए स्वास्थ्य सेवाएं विस्तार के आंकड़े
गुरुवार रात आयोजित असम कैंसर केयर फाउंडेशन की बोर्ड बैठक और वार्षिक आम बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने की। इस सत्र के दौरान राज्य में ऑन्कोलॉजी देखभाल और उससे जुड़ी अन्य स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए चल रही योजनाओं की प्रगति का व्यापक मूल्यांकन किया गया। एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उन्होंने साझा किया कि इतने कम समय में दी गई सेवाओं का यह विशाल पैमाना समीक्षा के दौरान सामने आए सबसे प्रमुख परिणामों में से एक रहा।

> "जो आंकड़ा मुझे सबसे अधिक प्रभावित कर गया वह यह था कि अपनी स्थापना के मात्र चार वर्षों में हमारे अस्पतालों ने लगभग 15 लाख मरीज सेवाएं दी हैं, जिनमें परामर्श और जांच से लेकर कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी और सर्जरी शामिल हैं।"
बैठक में इस बात पर विशेष ध्यान दिया गया कि राज्यव्यापी नेटवर्क तैयार होने से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को इलाज के लिए राज्य से बाहर जाने की मजबूरी से बड़ी राहत मिली है। पहले मरीजों को उच्चस्तरीय कैंसर चिकित्सा के लिए दूरदराज के महानगरों की यात्रा करनी पड़ती थी, लेकिन अब वे अपने ही राज्य में गुणवत्तापूर्ण देखभाल प्राप्त कर पा रहे हैं।

## पांच नए जिलों में अस्पतालों के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश
मौजूदा समय में 12 विशेष केंद्रों के माध्यम से काम कर रहे इस नेटवर्क का दायरा और बढ़ाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। राज्य प्रशासन ने पांच नए जिलों में अस्पतालों की स्थापना की रूपरेखा तैयार की है, जिनमें धुबरी, नलबाड़ी, नगांव, शिवसागर और गोलपारा शामिल हैं। अधिकारियों को इन प्रस्तावित स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण कार्य तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि ग्रामीण और अर्ध-शहरी आबादी को उनके नजदीकी क्षेत्रों में ही संपूर्ण ऑन्कोलॉजी देखभाल मिल सके।

असम कैंसर केयर फाउंडेशन की स्थापना का मुख्य उद्देश्य पूरे राज्य में एक सुदृढ़ कैंसर देखभाल तंत्र स्थापित करना और आम जनता के लिए महंगे कैंसर उपचार को अधिक सुलभ और किफायती बनाना है। आने वाले समय में नए अस्पताल जुड़ने से पूर्वोत्तर क्षेत्र में तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता में और बड़ा इजाफा होगा।

## इसका आप पर असर
असम और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों और उनके परिवारों के लिए यह स्वास्थ्य नेटवर्क उपचार के खर्च और यात्रा की परेशानी को काफी कम कर रहा है।

- **असम में:** कैंसर के मरीजों को सर्जरी, कीमोथेरेपी और जांच के लिए अब राज्य से बाहर बड़े शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। धुबरी, नलबाड़ी, नगांव, शिवसागर और गोलपारा के स्थानीय निवासियों को जल्द ही अपने जिले के पास अत्याधुनिक अस्पताल की सुविधा मिलेगी।
- **भारत में:** पूर्वोत्तर क्षेत्र में मजबूत होते इस नेटवर्क से देश के अन्य बड़े कैंसर अस्पतालों पर मरीजों का दबाव कम होगा। यह अन्य राज्यों के लिए भी सार्वजनिक-निजी साझेदारी में किफायती स्वास्थ्य सेवा मॉडल तैयार करने का एक प्रभावी उदाहरण प्रस्तुत करता है।
- **वित्तीय बचत:** स्थानीय स्तर पर उपचार उपलब्ध होने से मरीजों के परिजनों का यात्रा और बाहर ठहरने का भारी खर्च बचेगा। सरकारी और परोपकारी साझेदारी के चलते जांच और थेरेपी की दरें भी मरीजों के लिए काफी किफायती रहती हैं।
- **समय पर देखभाल:** निकटवर्ती जिले में केंद्र होने से बीमारी का शुरुआती अवस्था में पता लगाना और नियमित फॉलो-अप आसान हो जाता है। इससे समय पर कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी मिलने से जीवन प्रत्याशा और स्वस्थ होने की संभावना बढ़ती है।

## ऐसा क्यों हुआ
पूर्वोत्तर भारत में उन्नत ऑन्कोलॉजी अवसंरचना की कमी और मरीजों द्वारा इलाज के लिए बाहरी राज्यों पर निर्भर रहने के कारण इस नेटवर्क की स्थापना की गई थी।

- **संयुक्त पहल की शुरुआत:** असम सरकार ने राज्य में व्यापक और किफायती कैंसर उपचार तंत्र विकसित करने के लिए टाटा ट्रस्ट्स के साथ साझेदारी कर असम कैंसर केयर फाउंडेशन का गठन किया। इसी पहल का उद्देश्य मरीजों को अपने गृह राज्य में ही विश्वस्तरीय सुविधाएं दिलाना था।
- **सेवाओं की भारी आवश्यकता:** पहले चरण में 12 अस्पतालों का संचालन शुरू होने के बाद चार साल में करीब 15 लाख सेवाओं की मांग दर्ज की गई, जो राज्य में कैंसर जांच और उपचार की विशाल आवश्यकता को दर्शाती है। बोर्ड बैठक में इसी प्रदर्शन की समीक्षा की गई थी।
- **क्षेत्रीय विस्तार की जरूरत:** मौजूदा केंद्रों पर मरीजों के बढ़ते दबाव और ग्रामीण इलाकों तक पहुंच बनाने के लिए सरकार ने पांच नए जिलों में तुरंत निर्माण कार्य तेज करने का फैसला लिया।

## सवाल-जवाब

### 1. असम कैंसर केयर फाउंडेशन ने पिछले चार वर्षों में कितनी सेवाएं प्रदान की हैं?
फाउंडेशन ने अपनी स्थापना के लगभग चार वर्षों के भीतर मरीजों को करीब 15 लाख सेवाएं प्रदान की हैं।

### 2. इस नेटवर्क के तहत मरीजों को किस प्रकार की चिकित्सा सुविधाएं मिल रही हैं?
मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श, नैदानिक परीक्षण, कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी और कैंसर सर्जरी की सुविधाएं मिल रही हैं।

### 3. वर्तमान में असम में कितने विशेष कैंसर केंद्र संचालित हो रहे हैं?
वर्तमान में राज्य भर में 12 विशेष कैंसर देखभाल केंद्रों का नेटवर्क संचालित किया जा रहा है।

### 4. असम कैंसर केयर फाउंडेशन किन दो पक्षों की संयुक्त पहल है?
यह असम सरकार और टाटा ट्रस्ट्स की एक संयुक्त पहल है, जिसका उद्देश्य कैंसर उपचार को सुलभ और किफायती बनाना है।

### 5. किन नए जिलों में पांच अतिरिक्त कैंसर अस्पताल स्थापित किए जाएंगे?
ये नए अस्पताल धुबरी, नलबाड़ी, नगांव, शिवसागर और गोलपारा जिलों में स्थापित किए जाएंगे।

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