असम में खेल महारन 3.0 का आगाज, सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने पेश किए लोगो, जर्सी और शुभंकर असम सरकार ने खेल महारन के तीसरे संस्करण के आधिकारिक प्रतीक, शुभंकर और एंथम का अनावरण किया है। इस बार 60 लाख से अधिक खिलाड़ियों ने अपना पंजीकरण कराया है और नए आयु वर्ग भी जोड़े गए हैं। असम के खेल परिदृश्य को नया आयाम देने के मकसद से खेल महारन के तीसरे संस्करण की आधिकारिक तैयारियों को गति दे दी गई है। राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को इस विशाल खेल महाकुंभ के तीसरे संस्करण का आधिकारिक लोगो, शुभंकर, जर्सी और थीम सॉन्ग जारी किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य के दूरदराज के इलाकों से उदीयमान खेल प्रतिभाओं की पहचान करना, उन्हें आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना और उन्हें बड़े स्तर की राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए पूरी तरह तैयार करना है। आयोजन के प्रति जमीनी स्तर पर युवाओं का उत्साह जबरदस्त देखा जा रहा है। सीएम हिमंत बिस्वा सरमा के अनुसार, आगामी संस्करण के लिए अब तक लगभग 60 लाख खिलाड़ी अपना पंजीकरण करा चुके हैं। पंजीकरण के इस विशाल आंकड़े को देखते हुए यह विश्वास जताया गया है कि तीसरा संस्करण अपने पिछले दोनों आयोजनों के रिकॉर्ड को काफी पीछे छोड़ देगा। मुख्यमंत्री ने X पर लिखा कि असम की खेल यात्रा को एक नए स्तर पर ले जाने के लिए मंच तैयार हो चुका है। प्रतिभा की पहचान और उन्नत प्रशिक्षण की व्यवस्था खेल महारन की संरचना केवल खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पहचान में आए होनहार खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय कोचिंग से जोड़ने का माध्यम भी है। राज्य सरकार की इस योजना के तहत प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एथलीटों को विशेष प्रशिक्षण शिविरों में भेजा जाता है। आंकड़ों के मुताबिक, पहले संस्करण के बाद 612 होनहार खिलाड़ियों को विशेष प्रशिक्षण के लिए चुना गया था, जबकि दूसरे संस्करण के समापन के बाद 554 खिलाड़ियों का चयन इस प्रक्रिया के तहत हुआ। चयनित खिलाड़ियों को देश और दुनिया के अनुभवी प्रशिक्षकों की निगरानी में गहन अभ्यास कराया जाता है। इस प्रशिक्षण का सीधा लाभ खिलाड़ियों के तकनीकी कौशल, शारीरिक फिटनेस और प्रतिस्पर्धी स्वभाव में देखने को मिला है। इस जमीनी तैयारी की सफलता का उल्लेख करते हुए असम की अंडर-17 बालिका फुटबॉल टीम की मिसाल दी गई, जिसने 64वें सुब्रतो कप फुटबॉल टूर्नामेंट में ऐतिहासिक खिताबी जीत दर्ज की थी। यह सफलता साबित करती है कि स्थानीय प्रतिभाओं को सही मार्गदर्शन मिलने पर वे राष्ट्रीय स्तर पर परचम लहरा सकती हैं। शिशु क्रीड़ा समारोह और नए आयु वर्ग खेल महारन 3.0 में कुल आठ खेल विधाओं को शामिल किया गया है। बच्चों में बचपन से ही खेलों के प्रति रुचि जगाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुझाव पर इस बार 'शिशु क्रीड़ा समारोह' की शुरुआत की गई है। इसके अंतर्गत 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों की प्रतिभा को तलाशने और उन्हें संवारने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस नई व्यवस्था के तहत एथलेटिक्स, फुटबॉल और वॉलीबॉल में अंडर-12 वर्ग की श्रेणियां जोड़ी गई हैं। तैराकी में अलग-अलग आयु वर्ग बनाए गए हैं, जिसकी शुरुआत पांच से 10 वर्ष तक के बच्चों के वर्ग से की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, यह व्यवस्था छोटी उम्र से ही बच्चों के भीतर खेल कौशल विकसित करने में मददगार साबित होगी। छात्रवृत्ति, आवासीय सुविधाएं और आधुनिक स्टेडियम इस खेल अभियान के दो मुख्य लक्ष्य तय किए गए हैं: राज्यभर से वास्तविक खेल प्रतिभाओं को खोजना और आम जनता में खेलों के प्रति व्यापक भागीदारी बढ़ाना। उभरते हुए खिलाड़ियों को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने चरणों में 5,000 एथलीटों को हर महीने 3,000 रुपये की छात्रवृत्ति देने का निर्णय लिया है। यह वित्तीय सहायता खिलाड़ियों को अपनी खेल सामग्री, खान-पान और नियमित अभ्यास की जरूरतों को पूरा करने में सहारा देगी। इसके अतिरिक्त, गुवाहाटी में स्थित सरुसजाई स्टेडियम और नेहरू स्टेडियम के पुनर्विकास का काम पूरा होने तथा स्पोर्ट्स हॉस्टल का ढांचा तैयार होने के बाद एक और बड़ी सुविधा शुरू होगी। इसके तहत 1,500 चुनिंदा एथलीटों को मुफ्त आवास, भोजन और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। इन खिलाड़ियों का चयन खेल महारन और असम ओलंपिक संघ द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के जरिए किया जाएगा। अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से शिक्षा, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए असम को हर क्षेत्र में सशक्त बनाने का आह्वान किया। इसका आप पर असर असम सरकार की इस खेल पहल से राज्य के लाखों युवाओं, स्कूली बच्चों और परिवारों को जमीनी स्तर पर आधुनिक प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता का सीधा लाभ मिलेगा। • भारत में: राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न खेल महासंघों को असम के सुदूर इलाकों से तराशी गई नई प्रतिभाएं मिलेंगी, जिससे विभिन्न राष्ट्रीय टीमों का प्रतिभा पूल मजबूत होगा। इससे राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और खेल लीगों में पूर्वोत्तर के युवा खिलाड़ियों की उपस्थिति और प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। • असम में: राज्य के 5,000 उभरते एथलीटों को हर महीने 3,000 रुपये की वित्तीय छात्रवृत्ति दी जाएगी, जिससे गरीब परिवारों के खिलाड़ियों को खेल किट और डाइट का खर्च उठाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा 1,500 चुने गए खिलाड़ियों को गुवाहाटी के बड़े स्टेडियमों में मुफ्त रहने, खाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोचों से सीखने की सुविधा प्राप्त होगी। • स्कूली बच्चों के लिए: 12 साल से कम उम्र के बच्चों और 5 से 10 साल के नन्हे तैराकों के लिए अलग से प्रतियोगिताएं होंगी, जिससे वे छोटी उम्र से ही खेलों से जुड़ सकेंगे। माता-पिता अपने बच्चों को प्रारंभिक आयु से ही एथलेटिक्स, फुटबॉल और वॉलीबॉल जैसे खेलों में नियमित रूप से उतार सकेंगे। • खेल बुनियादी ढांचे का विकास: गुवाहाटी के नेहरू और सरुसजाई स्टेडियमों के नवीनीकरण से राज्य के स्थानीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों वाली सुविधाएं अपने ही राज्य में मिलेंगी। इससे स्थानीय एथलीटों को अभ्यास के लिए राज्य से बाहर जाने की मजबूरी काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। ऐसा क्यों हुआ असम सरकार ने राज्य के जमीनी स्तर के खिलाड़ियों को मुख्यधारा के खेलों से जोड़ने और राष्ट्रीय स्तर पर असम की उपस्थिति को मजबूत करने के लिए खेल महारन 3.0 का विस्तार किया है। • जमीनी प्रतिभाओं को मंच देने की आवश्यकता: पूर्वोत्तर और विशेषकर असम के ग्रामीण इलाकों में प्रतिभा की कमी नहीं है, लेकिन आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं और उचित मंच के अभाव में खिलाड़ी आगे नहीं बढ़ पाते थे। खेल महारन को इसी अंतर को पाटने के लिए एक व्यापक खोज अभियान के रूप में शुरू किया गया था। • पिछले संस्करणों की सफलता: खेल महारन के पहले संस्करण से 612 और दूसरे संस्करण से 554 खिलाड़ियों को चुनकर विशेष कोचिंग दी गई, जिसके सकारात्मक नतीजे सामने आए। इस पहल से निकली असम की अंडर-17 बालिका फुटबॉल टीम ने 64वें सुब्रतो कप का प्रतिष्ठित खिताब जीतकर इस मॉडल की प्रभावशीलता साबित की। • प्रधानमंत्री का सुझाव: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों में खेल प्रतिभा की पहचान और पोषण करने का विशेष सुझाव दिया था। इसी निर्देश को अमल में लाने के लिए खेल महारन 3.0 में 'शिशु क्रीड़ा समारोह' और विशेष आयु वर्ग जोड़े गए हैं। सवाल-जवाब 1. खेल महारन 3.0 के तहत अब तक कितने खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया है? इस प्रतियोगिता के तीसरे संस्करण के लिए अब तक लगभग 60 लाख खिलाड़ियों ने अपना पंजीकरण कराया है। 2. खेल महारन 3.0 में कुल कितने खेल शामिल किए गए हैं? इस तीसरे संस्करण में कुल आठ खेल विधाओं में प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। 3. शिशु क्रीड़ा समारोह क्या है और यह किसके लिए शुरू किया गया है? यह 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में खेल प्रतिभा खोजने का अभियान है, जिसे प्रधानमंत्री के सुझाव पर शुरू किया गया है। 4. राज्य सरकार खिलाड़ियों को कितनी छात्रवृत्ति प्रदान करेगी? राज्य सरकार 5,000 उभरते एथलीटों को चरणों में 3,000 रुपये प्रति माह की छात्रवृत्ति देगी। 5. गुवाहाटी के स्टेडियम तैयार होने के बाद कितने खिलाड़ियों को आवासीय सुविधा मिलेगी? स्टेडियम और हॉस्टल का काम पूरा होने के बाद 1,500 चयनित खिलाड़ियों को मुफ्त आवास, भोजन और प्रशिक्षण मिलेगा। 6. पिछले दो संस्करणों में कितने खिलाड़ियों को विशेष प्रशिक्षण के लिए चुना गया था? पहले संस्करण के बाद 612 और दूसरे संस्करण के बाद 554 खिलाड़ियों को विशेष कोचिंग के लिए चुना गया था। https://trendkia.com/assam/assam-men-khel-maharan-3-0-ka-agaja-cm-himanta-biswa-sarma-ne-pesha-kie-logo-jarsi-aura-shubhnkara-53734 TrendKia — Har trend, sabse pehle.