# असम में तेल कारोबारियों का बड़ा ऐलान, 12 नवंबर को 24 घंटे बंद रहेंगे पेट्रोल पंप

> असम के पेट्रोलियम डीलरों ने तेल विपणन कंपनियों की मनमानी के खिलाफ 12 नवंबर को 24 घंटे के बंद का ऐलान किया है। अगर मांगें नहीं मानी गईं तो 23 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी भी दी गई है।

**Type:** article · **Category:** असम · **Published:** 2026-11-07 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/assam/assam-men-petroleum-dealers-ka-bara-ailana-12-navnbara-ko-24-ghnte-bnda-rahenge-petrola-pnpa-57572 · **Language:** Hindi
**Tags:** असम, पेट्रोलियम डीलर, हड़ताल, गुवाहाटी, तेल कंपनियां, NEIPDA

असम में पेट्रोलियम डीलरों ने अपनी मांगों को लेकर एक बड़े विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। राज्यभर में तेल की खरीद और बिक्री को 24 घंटे के लिए पूरी तरह से ठप रखने का फैसला किया गया है। यह सांकेतिक हड़ताल 12 नवंबर को सुबह 6 बजे से शुरू होगी और अगले दिन यानी 13 नवंबर को सुबह 6 बजे तक जारी रहेगी। डीलरों का कहना है कि यह कदम तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के कथित मनमाने रवैये और उत्पीड़न के विरोध में उठाया गया है।

## किसने बुलाई है हड़ताल और क्या हैं चेतावनी?

इस विरोध प्रदर्शन का आह्वान नॉर्थ ईस्ट इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (NEIPDA), ग्रेटर गुवाहाटी यूनिट ने किया है। एसोसिएशन ने साफ कर दिया है कि यह आंदोलन का सिर्फ पहला चरण है। यदि तेल कंपनियां निर्धारित समय सीमा के भीतर डीलरों की समस्याओं का समाधान करने में असफल रहती हैं, तो 23 नवंबर से पूरे राज्य में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी, जिसके तहत पेट्रोल और डीजल के कारोबार को अनिश्चितकाल के लिए बंद रखा जाएगा।

## डीलरों के मुख्य आरोप और समस्याएं

एसोसिएशन ने इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) समेत तमाम तेल कंपनियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। डीलरों का कहना है कि ये कंपनियां तानाशाही रवैया अपना रही हैं और तयशुदा प्रक्रियाओं को ताक पर रखकर दंडात्मक कार्रवाई कर रही हैं। मुख्य शिकायतों में बिना किसी ठोस सबूत के केवल अनुमान के आधार पर पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति रोकने की धमकियां देना शामिल है। इसके अलावा, बिना किसी पूर्व नोटिस के टैंक-ट्रक कंसोर्टियम व्यवस्था को रद्द करना और डीलरों पर लुब्रिकेंट जैसे अतिरिक्त उत्पादों को खरीदने का भारी दबाव बनाया जाना भी प्रमुख मुद्दे हैं।

## अन्य परेशानियां और वित्तीय विवाद

प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि तेल कंपनियों के अधिकारियों द्वारा फ्यूल-लोडिंग की सुविधाओं को जबरन बाधित किया गया। डीलरों को भुगतान बकाया होने और भारी वित्तीय नुकसान की आशंका के बावजूद पॉइंट-ऑफ-सेल (POS) मशीनें लगवाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इसके साथ ही, डीलरों के एसएपी खातों से एकतरफा और मनमाने ढंग से पैसे काटे जाने का मामला भी सामने आया है। लीगल मेट्रोलॉजी डिपार्टमेंट की जरूरतों के लिए किए गए भुगतान और स्वीकृत सब्सिडी के रिम्बर्स्मेंट में भी लगातार देरी की जा रही है।

## एसोसिएशन की प्रमुख मांगें

NEIPDA ने मांग की है कि रद्द किए गए परिवहन समझौतों को तुरंत बहाल किया जाए, विवादित कटौतियों को वापस लिया जाए और लंबित भुगतानों का जल्द से जल्द निपटारा किया जाए। एसोसिएशन चाहती है कि तेल कंपनियां अपनी दमनकारी नीतियों पर रोक लगाएं। डीलरों की मांग है कि किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई या ईंधन आपूर्ति प्रभावित करने से पहले उन्हें अपनी बात रखने का निष्पक्ष अवसर मिलना चाहिए, ताकि मनमाने फैसलों से बचा जा सके।

## इसका आप पर असर
असम में इस 24 घंटे के ईंधन बंद का सीधा असर आम जनता, वाहन चालकों और स्थानीय परिवहन पर पड़ेगा।

- **भारत में:** असम में होने वाला यह विरोध प्रदर्शन देश के अन्य हिस्सों में ईंधन वितरकों और तेल कंपनियों के बीच चल रहे नीतिगत तनाव को उजागर करता है। इससे ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला के प्रबंधन और डीलरों के वित्तीय अधिकारों पर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो सकती है।
- **असम में:** राज्यभर के पेट्रोल पंप 12 नवंबर को सुबह 6 बजे से 13 नवंबर को सुबह 6 बजे तक बंद रहेंगे, जिससे वाहन चालकों को ईंधन भरवाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यदि मांगें पूरी नहीं हुईं और 23 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हुई, तो आम नागरिकों और सार्वजनिक परिवहन को लंबे समय तक ईंधन संकट का सामना करना पड़ सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह विरोध प्रदर्शन तेल विपणन कंपनियों और पेट्रोल पंप डीलरों के बीच लंबे समय से चल रहे प्रशासनिक और वित्तीय विवादों का परिणाम है। कंपनियों के कथित कड़े नियमों और एकतरफा फैसलों के कारण डीलरों में असंतोष बढ़ रहा था।

- **दंडात्मक कार्रवाई का विरोध:** डीलरों का आरोप है कि तेल कंपनियां बिना किसी स्थापित प्रक्रिया या उचित जांच के अनुमानित उल्लंघनों के आधार पर ईंधन की आपूर्ति रोकने की धमकी दे रही हैं।
- **वित्तीय और प्रशासनिक असंतोष:** एसएपी खातों से एकतरफा कटौती, टैंक-ट्रक कंसोर्टियम को अचानक रद्द करना और सब्सिडी भुगतान में देरी ने डीलरों के लिए काम करना मुश्किल कर दिया है।
- **अतिरिक्त दबाव:** डीलरों पर वित्तीय नुकसान की चिंताओं के बावजूद अतिरिक्त उत्पाद खरीदने और पीओएस मशीनें लगवाने का लगातार दबाव बनाया जा रहा था, जिससे यह संघर्ष पैदा हुआ।

## सवाल-जवाब

### 1. असम में यह ईंधन बंद कब से कब तक रहेगा?
यह बंद 12 नवंबर को सुबह 6 बजे से शुरू होकर 13 नवंबर को सुबह 6 बजे तक यानी पूरे 24 घंटे तक रहेगा।

### 2. इस हड़ताल का आह्वान किसने किया है?
इस विरोध प्रदर्शन का आह्वान नॉर्थ ईस्ट इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (NEIPDA), ग्रेटर गुवाहाटी यूनिट ने किया है।

### 3. डीलरों की मुख्य शिकायतें क्या हैं?
डीलर तेल कंपनियों द्वारा की जाने वाली एकतरफा कटौतियों, आपूर्ति रोकने की धमकियों और बिना पूर्व सूचना के टैंक-ट्रक व्यवस्था रद्द करने का विरोध कर रहे हैं।

### 4. यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आगे क्या होगा?
एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि तेल कंपनियों ने उनकी मांगें पूरी नहीं कीं, तो 23 नवंबर से पूरे राज्य में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।

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