मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने असम में ₹1.5 लाख करोड़ के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास योजना का किया ऐलान असम सरकार अगले 5 वर्षों में बुनियादी ढांचे और पूंजीगत खर्च पर 1.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगी। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने स्वतंत्रता दिवस पर 2047 तक 'विकसित असम' के निर्माण का संकल्प जताया। गुवाहाटी में स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने राज्य के सर्वांगीण विकास को गति देने के लिए एक विशाल वित्तीय योजना का औपचारिक ऐलान किया। राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद राज्य की जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अगले 5 वर्षों के भीतर बुनियादी ढांचे और पूंजीगत खर्च पर 1.5 लाख करोड़ रुपये निवेश करने का विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया। वर्ष 2026 से 2031 के बीच क्रियान्वित होने वाला यह महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर बजट वर्ष 2047 तक 'विकसित असम' के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक प्रमुख आधारशिला माना जा रहा है। इस निवेश का मुख्य ध्यान राज्य भर में सड़क नेटवर्क के विस्तार, नए शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना, शहरीकरण की गति तेज करने और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर केंद्रित रहेगा। फंडिंग का ढांचा और केंद्र सरकार का सहयोग 1.5 लाख करोड़ रुपये के इस विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर पैकेज में वित्तीय संसाधनों के आवंटन की स्पष्ट रूपरेखा तैयार की गई है। इसमें से 50,000 करोड़ रुपये का योगदान असम सरकार 2026 से 2031 के बीच अपने आंतरिक संसाधनों और राज्य कोष से सीधे करेगी। वहीं, शेष 1 लाख करोड़ रुपये की बड़ी राशि जुटाने के लिए राज्य सरकार केंद्र सरकार से वित्तीय सहायता और विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के तहत अनुदान प्राप्त करने का प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री के रूप में लगातार दूसरा कार्यकाल संभालने के बाद यह हिमंता बिस्वा सरमा का पहला स्वतंत्रता दिवस संबोधन था। अपने सरकार की प्राथमिकताओं पर जोर देते हुए उन्होंने 15 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि असम में बुनियादी ढांचे के निर्माण और ढांचागत प्रगति के लिए अगले 5 वर्षों में 1.5 लाख करोड़ रुपये खर्च करना राज्य सरकार का एक अटूट संकल्प है। आर्थिक प्रगति: चाय से सेमीकंडक्टर चिप तक का सफर विगत एक दशक में असम की आर्थिक प्रगति की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की अर्थव्यवस्था पिछले 10 वर्षों के दौरान तीन गुना बढ़ चुकी है। इस बदलाव को परिभाषित करते हुए उन्होंने कहा कि असम की यात्रा "चाय से चिप" तक की ऐतिहासिक उपलब्धि रही है। यह टिप्पणी राज्य में स्थापित हो रहे आगामी टाटा सेमीकंडक्टर विनिर्माण संयंत्र के संदर्भ में की गई, जो असम को आधुनिक उच्च तकनीक और औद्योगिक मानचित्र पर स्थापित कर रहा है। भौगोलिक सीमाओं और चुनौतियों का उल्लेख करते हुए सरमा ने कहा कि ओडिशा जैसे राज्यों की तुलना में असम के पास लंबा समुद्री तट या विशाल प्राकृतिक संसाधन उपलब्ध नहीं हैं, और राज्य ने दशकों तक उग्रवाद की समस्या को भी झेला है। इन तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद, आज "असम विकास मॉडल" अपनी एक विशिष्ट पहचान बना रहा है और इसे राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिल रही है। हालिया बाढ़ आपदा और पुनर्वास के लिए प्रतिबद्धता हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने पूर्वी असम के 4 जिलों में बाढ़ से हुए नुकसान पर गहरी चिंता जताई। इस त्रासदी में कई नागरिकों की जान गई और स्थानीय आजीविका को भारी क्षति पहुंची। मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने राज्यवासियों को आश्वासन दिया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों, प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और क्षतिग्रस्त सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के पुनरुद्धार के लिए धन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। सामाजिक सुधार और प्रशासनिक पुनर्गठन सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने की दिशा में कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री ने बाल विवाह के खिलाफ 1 नवंबर से 30 दिनों का एक विशेष व्यापक अभियान शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक राज्य से बाल विवाह और बहुविवाह जैसी सामाजिक बुराइयों को पूरी तरह खत्म नहीं कर दिया जाता, तब तक सरकार की यह कार्रवाई जारी रहेगी। युवा विकास के संबंध में बात करते हुए उन्होंने 'जेन जेड' और 'जेन अल्फा' जैसी शब्दावलियों को यूरोपीय अवधारणाएं बताकर खारिज किया। इसके स्थान पर युवाओं के कौशल विकास और समग्र कल्याण के लिए एक समर्पित 'युवा विकास और अधिकारिता विभाग' स्थापित करने की घोषणा की गई। इसके अतिरिक्त, आम जनता के लिए शासन को अधिक सुलभ बनाने के लिए 8 नए को-डिस्ट्रिक्ट्स के गठन और लंबित सरकारी फाइलों को तेजी से निपटाने के लिए मिशन मोड में काम करने की बात कही गई। अहोम साम्राज्य के संस्थापक की 800वीं वर्षगांठ राज्य के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि असम सरकार अहोम साम्राज्य के संस्थापक स्वर्गदेव चाओलुंग सुकाफा के क्षेत्र में आगमन के 800 वर्ष पूरे होने का भव्य समारोह आयोजित करेगी। अहोम राजवंश ने लगभग 600 वर्षों तक इस क्षेत्र पर शासन किया था और असम के सामाजिक तथा सांस्कृतिक एकीकरण में निर्णायक भूमिका निभाई थी। इसका आप पर असर असम में इंफ्रास्ट्रक्चर योजना का प्रभाव: • भारत में: पूर्वोत्तर भारत में सेमीकंडक्टर और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क मजबूत होने से देश की विनिर्माण क्षमता और पूर्वोत्तर का आर्थिक एकीकरण बढ़ेगा। • असम में: सड़कों, स्कूलों और शहरी विकास में बड़े निवेश से स्थानीय रोजगार पैदा होंगे और बाढ़ प्रभावित इलाकों में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर बनेगा। सवाल-जवाब 1. असम सरकार अगले 5 वर्षों में बुनियादी ढांचे पर कितना निवेश करेगी? असम सरकार अगले 5 वर्षों (2026-2031) में इंफ्रास्ट्रक्चर और पूंजीगत खर्च पर 1.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगी। 2. इस 1.5 लाख करोड़ रुपये के फंड की व्यवस्था कैसे की जाएगी? इसमें से 50,000 करोड़ रुपये राज्य सरकार अपने आंतरिक संसाधनों से जुटाएगी, जबकि 1 लाख करोड़ रुपये केंद्र सरकार से प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा। 3. इस पूंजीगत निवेश से किन प्रमुख क्षेत्रों को लाभ मिलेगा? यह राशि मुख्य रूप से सड़कों के निर्माण, नए स्कूलों, शहरीकरण, ग्रामीण विकास और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर खर्च की जाएगी। 4. बाल विवाह रोकने के लिए सरकार ने क्या घोषणा की है? असम सरकार 1 नवंबर से बाल विवाह के खिलाफ 30 दिनों का विशेष अभियान चलाएगी, जिसका उद्देश्य बाल विवाह और बहुविवाह को पूरी तरह खत्म करना है। 5. स्वर्गदेव चाओलुंग सुकाफा से जुड़ा कौन सा ऐतिहासिक समारोह आयोजित होगा? असम सरकार अहोम साम्राज्य के संस्थापक स्वर्गदेव चाओलुंग सुकाफा के आगमन के 800 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाएगी। https://trendkia.com/assam/chief-minister-himanta-biswa-sarma-ne-assam-men-1-5-lakha-karora-ke-inphrastrakchara-vikasa-yojana-ka-kiya-ailana-16993 TrendKia — Har trend, sabse pehle.