असम के वन्यजीव अभयारण्यों में पर्यटकों की बहार, काजीरंगा से लेकर मानस तक में रिकॉर्ड संख्या में पहुंचे लोग असम के प्रमुख वन्यजीव स्थलों पर पर्यटकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। पर्यावरण मंत्री जयंत मल्लाबरुआ ने विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर बताया कि काजीरंगा, मानस और पोबितोरा में सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ी है। असम के प्रमुख वन्यजीव स्थलों पर पर्यटकों के आने का सिलसिला लगातार बढ़ रहा है। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर राज्य के पर्यावरण और वन मंत्री जयंत मल्लाबरुआ ने इस बात पर प्रकाश डाला कि काजीरंगा नेशनल पार्क, मानस नेशनल पार्क और पोबितोरा वन्यजीव अभयारण्य में 2025-26 के दौरान सैलानियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार प्राकृतिक विरासतों की रक्षा करते हुए पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार नए कदम उठा रही है, जिससे स्थानीय लोगों को भी रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। काजीरंगा नेशनल पार्क में बढ़ा पर्यटकों का आंकड़ा मंत्री द्वारा साझा किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, काजीरंगा नेशनल पार्क में 2025-26 के सत्र में कुल 4,58,000 सैलानी पहुंचे, जबकि इसके पिछले साल यह संख्या 4,22,000 थी। इस प्रसिद्ध पार्क में अब केवल पारंपरिक वन्यजीव सफारी तक ही पर्यटन सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसका दायरा लगातार व्यापक हो रहा है। सैलानियों के लिए प्रकृति और साइकिल ट्रेल्स, इको-स्टे, पारंपरिक भोजन परोसने वाले रेस्तरां और बोट सफारी जैसी सुविधाएं भी विकसित की गई हैं, जिससे लोग यहां के विस्तृत परिवेश का गहराई से आनंद ले पा रहे हैं। मानस और पोबितोरा का बढ़ता आकर्षण मानस नेशनल पार्क में भी पर्यटकों की आमद में लगातार सुधार देखा गया है। यहां आगंतुकों की संख्या वर्ष 2021-22 में 52,962 थी, जो बढ़कर 2025-26 में 63,723 तक पहुंच गई। मानस नेशनल पार्क के इस आंकड़े में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में हुई उल्लेखनीय बढ़ोतरी भी शामिल है। इसके अलावा, अपनी समृद्ध जैव विविधता और एक सींग वाले गैंडों की आबादी के लिए दुनियाभर में मशहूर पोबितोरा वन्यजीव अभयारण्य में भी 2025-26 के दौरान कुल 35,371 सैलानी पहुंचे, जो इस क्षेत्र की बढ़ती लोकप्रियता को साफ तौर पर दर्शाता है। संरक्षण और आजीविका का अनूठा संतुलन सरकार का मुख्य उद्देश्य 'संरक्षण-प्रथम पर्यटन' को बढ़ावा देना है, जिसके तहत पार्क की सीमाओं से बाहर निकलकर स्थानीय युवाओं को गाइड, सामुदायिक होमस्टे और जीप सफारी ऑपरेटर के रूप में रोजगार दिया जा रहा है। वन मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार का लक्ष्य बिल्कुल स्पष्ट है कि पर्यटन से संरक्षण को मजबूती मिलनी चाहिए और संरक्षण से स्थानीय लोगों के लिए आजीविका के साधन पैदा होने चाहिए। इन सभी पहलों से असम के जंगलों के पास रहने वाले समुदायों का आर्थिक विकास भी सुनिश्चित हो रहा है। इसका आप पर असर असम में वन्यजीव पर्यटन के बढ़ने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है। • असम में: जंगलों के आसपास रहने वाले स्थानीय युवाओं को टूर गाइड, होमस्टे संचालक और सफारी ऑपरेटर के रूप में सीधे रोजगार का लाभ मिल रहा है। • पर्यटकों के लिए: सैलानियों को पारंपरिक सफारी के अलावा साइकिल ट्रेल्स और बोट सफारी जैसे नए और विविधतापूर्ण अनुभव प्राप्त हो रहे हैं। • स्थानीय अर्थव्यवस्था: इको-स्टे और एथनिक रेस्तरां के विकास से ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन आधारित व्यापार को मजबूती मिल रही है। • संरक्षण प्रयास: पर्यटकों की बढ़ती संख्या से वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और सरकारी महकमों को राजस्व प्राप्त हो रहा है। ऐसा क्यों हुआ सरकार और स्थानीय प्रशासन की ओर से पर्यटन के दायरे को पारंपरिक सफारियों से आगे बढ़ाकर ग्रामीण और प्रकृति-आधारित अनुभवों तक विस्तारित करने पर विशेष जोर दिया गया है। • नीतिगत बदलाव: प्रशासन ने 'संरक्षण-प्रथम पर्यटन' मॉडल को अपनाया है जिससे वनों के आसपास रहने वाले समुदायों को आर्थिक रूप से जोड़ा जा सके। • बुनियादी ढांचे का विकास: पार्कों के आसपास इको-स्टे, बोट सफारी और ट्रेल्स जैसी नई सुविधाओं के विकसित होने से पर्यटकों की रुचि में इजाफा हुआ है। • सामुदायिक भागीदारी: स्थानीय युवाओं को गाइड और ऑपरेटर के रूप में शामिल करने से आजीविका के साधन सुनिश्चित हुए हैं जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिला है। सवाल-जवाब 1. 2025-26 में काजीरंगा नेशनल पार्क में कितने पर्यटक आए? 2025-26 के दौरान काजीरंगा नेशनल पार्क में कुल 4,58,000 पर्यटकों ने भ्रमण किया। 2. मानस नेशनल पार्क में पर्यटकों की संख्या में क्या बदलाव आया? मानस नेशनल पार्क में आगंतुकों की संख्या 2021-22 के 52,962 से बढ़कर 2025-26 में 63,723 हो गई। 3. पोबितोरा वन्यजीव अभयारण्य में 2025-26 में कितने सैलानी पहुंचे? पोबितोरा वन्यजीव अभयारण्य में 2025-26 के दौरान कुल 35,371 पर्यटकों ने दौरा किया। 4. असम में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किन नए अनुभवों को जोड़ा गया है? काजीरंगा और अन्य पार्कों में प्रकृति ट्रेल्स, साइकिल ट्रेल्स, इको-स्टे, एथनिक रेस्तरां और बोट सफारी जैसी सुविधाएं जोड़ी गई हैं। 5. इस पर्यटन विस्तार का मुख्य उद्देश्य क्या है? इसका मुख्य उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण को मजबूत करना और स्थानीय समुदायों के लिए आजीविका के नए अवसर पैदा करना है। https://trendkia.com/assam/conservation-meets-tourism-as-assam-wildlife-destinations-see-rise-in-visitors-39447 TrendKia — Har trend, sabse pehle.