गोलाघाट में नगालैंड का युवक अवैध हथियारों सहित गिरफ्तार, कोकराझार में मवेशी तस्करों पर भी कार्रवाई असम के गोलाघाट में पुलिस ने चार पिस्तौल और तेरह कारतूस के साथ 21 वर्षीय युवक को दबोचा, वहीं कोकराझार में चौदह मवेशी बरामद कर चार लोग पकड़े गए। असम के गोलाघाट जिले में सुरक्षा बलों ने मंगलवार को चलाए गए एक लक्षित अभियान के दौरान भारी मात्रा में अवैध हथियार और जिंदा कारतूस बरामद करते हुए इक्कीस वर्षीय युवक को हिरासत में लिया है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में पकड़े गए व्यक्ति के पास से विभिन्न बोर की चार आधुनिक पिस्तौलें और मैगजीन मिली हैं। पुलिस अब इस पूरे मामले के पीछे सक्रिय आपूर्ति नेटवर्क और हथियारों की अवैध आवाजाही के नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही है। चुंगाजान थाना क्षेत्र में हुई छापेमारी यह गिरफ्तारी चुंगाजान पुलिस थाने के अधिकार क्षेत्र में आने वाले नावघाट इलाके में अंजाम दी गई। पकड़े गए आरोपी की पहचान नगालैंड के दीमापुर स्थित हाफ नगरजन गांव के निवासी राखल शील के रूप में हुई है। अधिकारियों को इलाके में संदिग्ध गतिविधियों और हथियारों की संभावित आवाजाही की गुप्त सूचना मिली थी। इस इनपुट पर तेजी से प्रतिक्रिया देते हुए पुलिस दल ने घेराबंदी की और आरोपी को मौके पर ही धर दबोचा। बरामद हथियारों और सामान का पूरा ब्योरा तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से हथियारों का एक बड़ा जखीरा बरामद किया गया। इनमें 7.65 एमएम की दो पिस्तौलें, उनकी संबंधित मैगजीन और 7.65 एमएम के पांच जिंदा कारतूस शामिल हैं। इसके अतिरिक्त सुरक्षा बलों ने.22 एमएम की दो अन्य पिस्तौलें, उनकी मैगजीन तथा.22 एमएम के आठ जिंदा राउंड भी अपने कब्जे में लिए हैं। कुल मिलाकर चार पिस्तौलें और तेरह जिंदा कारतूस जब्त किए गए। हथियारों के साथ ही आरोपी के पास से एक टॉर्च और पॉलीथीन बैग्स से भरा एक थैला भी मिला है, जिसे पुलिस ने साक्ष्य के रूप में जब्त कर लिया है। संयुक्त अभियान और विस्तृत जांच गोलाघाट के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध जॉन दास के नेतृत्व में यह पूरी कार्रवाई संचालित की गई। इस छापेमारी में सीडीएसपी बोकाखाट, चुंगाजान थाना पुलिस और असम पुलिस की अन्य इकाइयों के कर्मियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। जांच अधिकारी अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि ये आग्नेयास्त्र कहां से हासिल किए गए थे और इन्हें किस मकसद से एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाया जा रहा था। इसके अलावा पुलिस राखल शील के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड तथा किसी संगठित गिरोह से उसके संभावित संबंधों के बारे में भी जानकारियां जुटा रही है। कोकराझार में मवेशी तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई इधर राज्य के दूसरे हिस्से कोकराझार जिले में भी पुलिस ने सघन गश्त के दौरान मंगलवार को गोसाईंगांव और बोगरीबाड़ी में रातभर अलग-अलग अभियान चलाए। इन कार्यवाहियों में चार लोगों को पकड़ा गया और उनके कब्जे से चौदह मवेशी बरामद किए गए। जिले में गैरकानूनी गतिविधियों पर अंकुश लगाने और निगरानी तंत्र को मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया गया। पुलिस प्रशासन के अनुसार पूरे इलाके में चौबीसों घंटे चौकसी रखी जा रही है ताकि सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों में तस्करी पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। इसका आप पर असर सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों में पुलिस द्वारा अवैध हथियारों तथा मवेशी तस्करी के खिलाफ सख्त अभियान से स्थानीय कानून व्यवस्था और जनसुरक्षा पर सीधा असर पड़ता है। • भारत में: अंतरराज्यीय सीमाओं पर अवैध हथियारों की तस्करी पर रोक लगने से संगठित आपराधिक सिंडिकेट और उग्रवादी गतिविधियों पर लगाम लगाने में मदद मिलती है। इससे राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र मजबूत होता है और अशांति फैलाने वाले तत्वों के नेटवर्क कमजोर होते हैं। • असम में: गोलाघाट और कोकराझार में सुरक्षाबलों की 24 घंटे की सतर्कता से स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों में सुरक्षा की भावना बढ़ती है। नाकाबंदी और सख्त गश्त के चलते संवेदनशील सीमावर्ती मार्गों से होने वाले अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण बना रहता है। • यात्रियों और स्थानीय निवासियों के लिए: दीमापुर-गोलाघाट सीमावर्ती मार्गों और संवेदनशील राजमार्गों पर जांच चौकियों की निगरानी और अधिक सख्त हो सकती है। सामान्य यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा के दौरान वैध पहचान पत्र साथ रखें और जांच प्रक्रिया में पुलिस का सहयोग करें। • तस्करी विरोधी निगरानी: मवेशियों की अवैध ढुलाई और आग्नेयास्त्रों की बरामदगी से यह स्पष्ट है कि संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना देने से बड़ी वारदातों को टाला जा सकता है। नागरिक अपने नजदीकी थाने या हेल्पलाइन पर किसी भी अज्ञात गतिविधि की गुप्त जानकारी देकर सहयोग कर सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ यह कार्रवाई असम पुलिस को सीमावर्ती क्षेत्रों से अवैध हथियारों की खेप ले जाए जाने के संबंध में मिली ठोस खुफिया सूचना के बाद शुरू की गई। • सीधा कारण: गोलाघाट के नावघाट क्षेत्र में नगालैंड से आग्नेयास्त्रों की एक खेप लाए जाने की गोपनीय सूचना पुलिस को मिली थी, जिस पर तत्काल घेराबंदी कर आरोपी को दबोचा गया। • क्षेत्रीय संवेदनशीलता: गोलाघाट और दीमापुर के बीच की भौगोलिक समीपता के कारण तस्कर अक्सर अंदरूनी रास्तों का उपयोग करके हथियारों और अवैध वस्तुओं को एक राज्य से दूसरे राज्य में पहुंचाने की कोशिश करते हैं। • समानांतर अभियान: कोकराझार जिले में भी पशु तस्करी और संगठित अपराधों को रोकने के लिए नियमित निगरानी और रात्रिकालीन गश्त बढ़ाई गई थी, जिसके चलते गोसाईंगांव और बोगरीबाड़ी में मवेशी जब्त किए गए। • अग्रिम जांच का रुख: पुलिस अब यह जांच रही है कि बरामद पिस्तौलों का स्रोत क्या था, इन्हें किसे सौंपा जाना था और क्या पकड़े गए व्यक्ति का संबंध किसी बड़े गिरोह से है। सवाल-जवाब 1. गोलाघाट में गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान क्या है? गिरफ्तार आरोपी का नाम राखल शील है, जो 21 वर्ष का है और नगालैंड के दीमापुर स्थित हाफ नगरजन गांव का निवासी है। 2. पुलिस ने आरोपी के पास से कौन-से हथियार और गोला-बारूद बरामद किए? पुलिस ने 7.65 एमएम की दो पिस्तौलें (मैगजीन और 5 कारतूस सहित) और .22 एमएम की दो पिस्तौलें (मैगजीन और 8 कारतूस सहित) यानी कुल 4 पिस्तौलें और 13 कारतूस बरामद किए। 3. यह ऑपरेशन किस पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में चलाया गया? यह अभियान गोलाघाट के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अपराध) जॉन दास के नेतृत्व में चुंगाजान थाना और सीडीएसपी बोकाखाट की टीमों के सहयोग से पूरा हुआ। 4. हथियारों के अलावा आरोपी के पास से और क्या सामान मिला? आरोपी के पास से एक टॉर्च और एक थैला मिला जिसमें पॉलीथीन बैग्स रखे हुए थे। 5. कोकराझार जिले में पुलिस ने क्या कार्रवाई की? कोकराझार पुलिस ने गोसाईंगांव और बोगरीबाड़ी में रातभर चले अभियानों के दौरान चार लोगों को गिरफ्तार कर 14 मवेशी बरामद किए। https://trendkia.com/assam/golaghat-men-nagaland-ka-yuvaka-avaidha-hathiyaron-sahita-giraphtara-kokrajhar-men-maveshi-taskaron-para-bhi-karravai-40446 TrendKia — Har trend, sabse pehle.