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  "title": "गुवाहाटी में वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ: पूर्व थलसेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी नमामि भारतम में होंगे मुख्य अतिथि",
  "summary": "असम के गुवाहाटी में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर भव्य नमामि भारतम समारोह आयोजित हो रहा है, जिसमें पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी पहली बार पूर्वोत्तर के किसी सार्वजनिक मंच पर शामिल होंगे।",
  "content": "असम की राजधानी गुवाहाटी राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के ऐतिहासिक 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक व्यापक सांस्कृतिक समागम की मेजबानी करने जा रही है। 25 सितंबर को होने वाले इस भव्य 'नमामि भारतम' उत्सव में पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी, पीवीएसएम, एवीएसएम (सेवानिवृत्त) मुख्य अतिथि की भूमिका निभाएंगे। पूर्वोत्तर क्षेत्र में किसी भी बड़े नागरिक मंच पर जनरल द्विवेदी की यह पहली सार्वजनिक उपस्थिति होगी, जिसे लेकर पूरे इलाके में गहरा उत्साह देखा जा रहा है।\n\nकलाक्षेत्र सभागार में गूंजेगा राष्ट्रीय गीत\nइस ऐतिहासिक कार्यक्रम की रूपरेखा विद्या भारती तथा शिक्षा समिति असम द्वारा संयुक्त रूप से तैयार की गई है। समारोह का आयोजन गुवाहाटी स्थित श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय सभागार में तय किया गया है। आयोजन समिति के अनुसार, इस पूरे उपक्रम का मूल उद्देश्य पूर्वोत्तर के युवाओं में राष्ट्रभक्ति की भावना जाग्रत करने के साथ-साथ सांस्कृतिक सहभागिता और राष्ट्रीय अखंडता को मजबूत करना है। समारोह के दौरान वंदे मातरम का व्यापक सामूहिक गायन भी संपन्न कराया जाएगा।\n\nरिकॉर्ड बुक में दर्ज होने की तैयारी\nकार्यक्रम के व्यापक स्तर और भव्यता को देखते हुए इसे आधिकारिक तौर पर रिकॉर्ड बुक के सत्यापन के लिए भी सूचीबद्ध किया गया है। यह पूरा आयोजन एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स तथा इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के पर्यवेक्षण में शामिल रहेगा। आयोजन सचिव पवन तिवारी ने बताया कि इस पहल का मुख्य ध्येय वंदे मातरम की गहन सांस्कृतिक महत्ता को जन-जन तक पहुंचाना तथा पूर्वोत्तर के कोने-कोने से आए लोगों को एक सूत्र में जोड़ना है।\n\nपूर्वोत्तर में बढ़ा सामाजिक और नागरिक उत्साह\nमीडिया आर्किटेक्ट शैलेंद्र पांडे के अनुसार, जनरल द्विवेदी का पूर्वोत्तर में यह पहला सार्वजनिक आगमन सामाजिक और राजनीतिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस उपस्थिति ने आयोजन को हाल के वर्षों में गुवाहाटी के सबसे उल्लेखनीय सांस्कृतिक पड़ावों में स्थापित कर दिया है। यह विशाल समागम असम की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को रेखांकित करने के साथ-साथ पूर्वोत्तर के विभिन्न समुदायों को एक मंच पर लाने का अवसर प्रदान करेगा।\n\nइसका आप पर असर\nयह भव्य आयोजन पूर्वोत्तर के सामाजिक परिवेश और युवाओं में राष्ट्रीय गीत की सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ाएगा।\n\n• भारत में: देश भर के सांस्कृतिक संगठन राष्ट्रीय गीत की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में होने वाले इस सामूहिक गायन को एक प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में देख रहे हैं। अन्य राज्यों में भी युवाओं को जोड़ने के लिए इस तरह के बड़े पैमाने पर देशभक्ति आयोजनों की रूपरेखा बनाई जा सकती है।\n• गुवाहाटी और असम में: स्थानीय नागरिकों और विद्यार्थियों को श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड प्रयास का प्रत्यक्ष गवाह बनने का अवसर मिलेगा। पूर्व सेना प्रमुख की मौजूदगी से क्षेत्र के रक्षा आकांक्षी युवाओं में भी नया उत्साह देखने को मिलेगा।\n• रिकॉर्ड सत्यापन: सामूहिक गायन को एशिया और भारत के आधिकारिक रिकॉर्ड रजिस्टरों में दर्ज कराने की प्रक्रिया से स्थानीय आयोजनों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बढ़ेगी। प्रतिभागियों और संस्थाओं के लिए यह एक औपचारिक सांस्कृतिक मान्यता का क्षण साबित होगा।\n• नागरिक सहभागिता: पूर्वोत्तर के विभिन्न हिस्सों से आने वाले लोगों के आपसी संपर्क से क्षेत्रीय सद्भाव और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा। आम परिवारों के लिए यह राष्ट्रीय पर्व के समान एक बड़ा सार्वजनिक अवसर बनेगा।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह समारोह राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य पूर्वोत्तर क्षेत्र में राष्ट्रीय चेतना और सामूहिक सांस्कृतिक भागीदारी को नई गति प्रदान करना है।\n\n• ऐतिहासिक वर्षगांठ: बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर को देश भर में विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से चिह्नित किया जा रहा है। आयोजक इस अवसर को युवा पीढ़ी में राष्ट्रीय एकता का संचार करने का माध्यम बनाना चाहते हैं।\n• संस्थागत पहल: विद्या भारती और शिक्षा समिति असम ने पूर्वोत्तर के युवाओं को अपनी समृद्ध विरासत से जोड़ने के लिए इस विशाल सामूहिक गायन की योजना तैयार की। इस प्रयास के जरिए क्षेत्रीय विविधता को राष्ट्रीय पहचान के साथ समन्वित किया जा रहा है।\n• विशिष्ट अतिथि का आगमन: पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी की सेवानिवृत्ति के बाद पूर्वोत्तर में यह पहली सार्वजनिक उपस्थिति है। आयोजकों ने इस मील के पत्थर को अधिक प्रभावशाली और प्रेरक बनाने के लिए उन्हें मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. नमामि भारतम कार्यक्रम किस अवसर पर आयोजित किया जा रहा है?\nयह आयोजन राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में किया जा रहा है।\n\n2. इस समारोह में मुख्य अतिथि कौन होंगे?\nपूर्व थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, पीवीएसएम, एवीएसएम (सेवानिवृत्त) कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे।\n\n3. समारोह कब और किस स्थान पर संपन्न होगा?\nयह कार्यक्रम 25 सितंबर को गुवाहाटी के श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र स्थित अंतरराष्ट्रीय सभागार में आयोजित होगा।\n\n4. कार्यक्रम के प्रमुख आयोजक कौन हैं?\nइस आयोजन की जिम्मेदारी विद्या भारती और शिक्षा समिति असम द्वारा संयुक्त रूप से उठाई जा रही है।\n\n5. क्या इस कार्यक्रम को किसी रिकॉर्ड बुक में शामिल किया जा रहा है?\nहां, इसे एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा आधिकारिक सत्यापन के लिए सूचीबद्ध किया गया है।",
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  "category": "असम",
  "publishedAt": "2026-09-23",
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