{
  "type": "article",
  "title": "गुवाहाटी एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन पर मेघालय की टैक्सी चालकों के लिए बनेगी अलग पार्किंग, असम प्रशासन का आश्वासन",
  "summary": "गुवाहाटी के हवाई अड्डे और कामाख्या रेलवे स्टेशन पर मेघालय के टैक्सी चालकों को आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए असम सरकार ने अलग पार्किंग व्यवस्था देने और दलालों के खिलाफ 15 दिनों में कार्रवाई का भरोसा दिया है।",
  "content": "असम और मेघालय के परिवहन अधिकारियों तथा टूरिस्ट टैक्सी यूनियनों की एक संयुक्त बैठक में अंतरराज्यीय यात्री आवाजाही को सुचारू बनाने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इस सहमति के तहत असम प्रशासन ने मेघालय के टूरिस्ट टैक्सी चालकों को गुवाहाटी हवाई अड्डे और कामाख्या रेलवे स्टेशन पर बिना किसी बाधा के सवारी बैठाने के लिए निर्धारित पार्किंग क्षेत्र उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। ऑल खासी मेघालय टूरिस्ट टैक्सी एसोसिएशन (AKMTTA) के प्रतिनिधियों ने दोनों राज्यों के प्रशासनिक अधिकारियों और असम की समकक्ष टैक्सी यूनियनों के साथ बैठकर इन समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।\n\nदलालों पर कार्रवाई और नया हेल्पलाइन नंबर\nबैठक में मुख्य रूप से उन बाधाओं पर चर्चा हुई जो मेघालय के टैक्सी ड्राइवरों को कामाख्या रेलवे स्टेशन और गुवाहाटी एयरपोर्ट से सवारियां उठाते समय झेलनी पड़ती थीं। वहां काम करने वाले बिचौलिए और दलाल ड्राइवरों से भारी कमीशन की मांग करते थे और मना करने पर उत्पीड़न की घटनाएं सामने आती थीं। असम के अधिकारियों ने इन अवैध ऑपरेटरों और दलालों पर अंकुश लगाने के लिए 15 दिनों की समय-सीमा मांगी है। प्रशासन का कहना है कि दो सप्ताह के भीतर ठोस कदम उठाए जाएंगे ताकि मेघालय के ड्राइवर बिना किसी बिचौलिए के सीधे यात्रियों को सेवा दे सकें। इसके अलावा चालकों की सुरक्षा और किसी भी अप्रिय स्थिति की तुरंत सूचना देने के लिए असम सरकार एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर भी शुरू करेगी।\n\nपारस्परिक परिवहन समझौते और वाहन सीमा पर चर्चा\nदोनों राज्यों के बीच यात्री और माल ढुलाई को व्यवस्थित करने के लिए 'रेसिप्रोकल ट्रांसपोर्ट एग्रीमेंट' (RTA) के क्रियान्वयन पर भी सहमति बनी है। बैठक में असम के प्रतिनिधियों ने RTA के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी और दोनों राज्य सरकारें इसे लागू करने के पक्ष में दिखीं। एसोसिएशन ने दोनों राज्यों के बीच प्रतिदिन चलने वाले वाणिज्यिक वाहनों और ट्रकों की संख्या तय करने के लिए एक संयुक्त कार्रवाई समिति (JAC) को फिर से सक्रिय करने का प्रस्ताव रखा है। AKMTTA जल्द ही इस संबंध में एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर सरकारों को सौंपेगा ताकि वाहनों की आवाजाही को संतुलित किया जा सके।\n\nपर्यटन स्थलों पर बाहरी वाहनों के प्रवेश पर असंतोष\nतमाम सकारात्मक आश्वासनों के बावजूद मेघालय के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर बाहरी राज्यों के व्यावसायिक वाहनों के प्रवेश का मुद्दा फिलहाल अनसुलझा है। एसोसिएशन की मांग थी कि स्थानीय चालकों की आजीविका सुरक्षित करने के लिए बाहरी टैक्सी वाहनों को पर्यटन स्थलों तक जाने से रोका जाए। हालांकि इस मांग पर असम प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट गारंटी नहीं मिली। एसोसिएशन के प्रवक्ता बालाजीद जिरवा ने बताया कि वे इस फैसले से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं क्योंकि स्थानीय लोगों के रोजगार को शत-प्रतिशत सुरक्षा देने का ठोस आश्वासन नहीं दिया गया है। असम प्रशासन ने मेघालय के हितधारकों से सोहरा, जयंतिया हिल्स और आईएसबीटी (ISBT) जैसे स्थानों पर बाहरी वाहनों के ठहराव के लिए विशेष पॉइंट चिन्हित करने में सहयोग मांगा है।\n\n28 सितंबर को होगी अगली रणनीतिक बैठक\nअंतरराज्यीय परिवहन से जुड़े अन्य मुद्दों और स्थानीय टैक्सियों को पर्यटकों द्वारा कम पसंद किए जाने के कारणों की पड़ताल के लिए 28 सितंबर को एक अनुवर्ती बैठक तय की गई है। इस बैठक में पर्यटन विभाग, परिवहन विभाग, होटल व्यवसायी, टूर गाइड, होमस्टे संचालक और ट्रैवल एजेंसियों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। इसमें इस बात का विश्लेषण किया जाएगा कि पर्यटक स्थानीय टैक्सियों की जगह बाहरी वाहनों को प्राथमिकता क्यों देते हैं और इस अंतर को कम करने के लिए क्या सुधारात्मक कदम उठाए जाने चाहिए।\n\nइसका आप पर असर\nइस प्रशासनिक फैसले से असम और मेघालय के बीच यात्रा करने वाले पर्यटकों और स्थानीय टैक्सी चालकों की सुरक्षा तथा सुविधा में सीधा सुधार होगा।\n\n• पूर्वोत्तर में: गुवाहाटी आने वाले पर्यटकों को स्टेशन और एयरपोर्ट पर अवैध दलालों के उत्पीड़न से मुक्ति मिलेगी और किराए की सही व्यवस्था लागू होगी।\n• असम और मेघालय में: मेघालय के टैक्सी चालकों की आजीविका सुरक्षित होगी और दोनों राज्यों के बीच कमर्शियल वाहनों की आवाजाही को पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी।\n\nऐसा क्यों हुआ\nगुवाहाटी के प्रमुख रेलवे स्टेशनों और हवाई अड्डे पर मेघालय की टैक्सियों को सवारी बैठाने से रोकने और दलालों द्वारा मनमाना कमीशन वसूलने के कारण दोनों राज्यों के ड्राइवरों में तनाव बना हुआ था।\n\n• मुख्य कारण: गुवाहाटी एयरपोर्ट और कामाख्या स्टेशन पर अनधिकृत बिचौलिए स्थानीय और अंतरराज्यीय चालकों से भारी दलाली वसूल रहे थे।\n• विवाद का विषय: मेघालय की टैक्सी यूनियनें अपनी स्थानीय आजीविका बचाने के लिए बाहरी गाड़ियों को राज्य के पर्यटन स्थलों पर बैन करने की मांग कर रही थीं।\n• प्रशासनिक पहल: दोनों राज्यों के अधिकारियों ने आपसी समन्वय और पारस्परिक परिवहन समझौते (RTA) के तहत पार्किंग और सुरक्षा का समाधान निकाला।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. असम सरकार ने मेघालय टैक्सी चालकों को क्या आश्वासन दिया है?\nअसम सरकार ने गुवाहाटी एयरपोर्ट और कामाख्या रेलवे स्टेशन पर मेघालय की टैक्सियों के लिए अलग पार्किंग स्थल और सवारी बैठाने की सुविधा देने का आश्वासन दिया है।\n\n2. दलालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कितना समय मांगा गया है?\nअसम के प्रशासनिक अधिकारियों ने अवैध दलालों और बिचौलियों पर कार्रवाई करने के लिए 15 दिनों का समय मांगा है।\n\n3. क्या मेघालय के पर्यटन स्थलों पर बाहरी वाहनों पर रोक लगाई गई है?\nनहीं, बाहरी वाहनों को पर्यटन स्थलों में प्रवेश करने से रोकने की मांग पर अभी तक कोई शत-प्रतिशत आश्वासन नहीं मिला है।\n\n4. अगली हितधारक बैठक कब निर्धारित की गई है?\nपरिवहन, पर्यटन, होटल और ट्रैवल एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ अगली अनुवर्ती बैठक 28 सितंबर को होगी।",
  "url": "https://trendkia.com/assam/guwahati-airport-aur-railway-station-par-meghalaya-ki-taxi-chalako-ke-liye-banegi-alag-parking-assam-prashasan-ka-aashwasan-30256",
  "category": "असम",
  "publishedAt": "2026-09-09",
  "tags": [
    "असम",
    "मेघालय",
    "गुवाहाटी",
    "टूरिस्ट टैक्सी",
    "कामाख्या रेलवे स्टेशन",
    "परिवहन विभाग",
    "पर्यटन"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}