गुवाहाटी में दुर्गा पूजा को लेकर कड़े निर्देश, ध्वनि सीमा और सुरक्षा के लिए नई गाइडलाइन तय गुवाहाटी में दुर्गा पूजा समितियों के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें डेसिबल सीमा, सीसीटीवी कैमरों की अनिवार्यता और विसर्जन के नए नियम शामिल हैं। गुवाहाटी में आगामी दुर्गा पूजा उत्सव को सुचारू, सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने कड़े सुरक्षा तथा नागरिक नियम लागू किए हैं। अंबाड़ी स्थित जिला पुस्तकालय सभागार में शुक्रवार को आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान विभिन्न पूजा समितियों के प्रतिनिधियों को इन निर्देशों से अवगत कराया गया। इस बैठक में जिला प्रशासन तथा पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने पर विस्तार से चर्चा की। आयोजन के लिए वैधानिक अनुमति अनिवार्य प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर में किसी भी स्थान पर दुर्गा पूजा का आयोजन केवल तभी किया जा सकेगा, जब संबंधित समिति ने पुलिस और अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग से पूर्व अनुमति हासिल कर ली हो। बिना आधिकारिक मंजूरी के किसी भी प्रकार के पंडाल निर्माण अथवा सार्वजनिक कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, आयोजकों को सख्त निर्देश दिया गया है कि वे सार्वजनिक मार्गों, सड़कों अथवा यातायात को बाधित किए बिना ही पंडालों का ढांचा तैयार करें, जिससे आम नागरिकों और वाहनों के आवागमन में कोई बाधा उत्पन्न न हो। धार्मिक शोभायात्राओं के आयोजन से पहले भी संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से विधिवत अनुमति लेना अनिवार्य रहेगा। ध्वनि प्रदूषण और गीतों के चयन पर सख्त पाबंदी ध्वनि विस्तारक यंत्रों और लाउडस्पीकरों के संचालन को लेकर कड़े मानक निर्धारित किए गए हैं। सुबह 6 बजे से रात 10 बजे के बीच ध्वनि का स्तर किसी भी स्थिति में 55 डेसिबल से अधिक नहीं होना चाहिए। रात 10 बजे के बाद किसी भी तरह के तेज साउंड सिस्टम को बजाने की पूरी तरह मनाही होगी। इसके अलावा, उत्सव की गरिमा बनाए रखने के लिए अश्लील गानों और आइटम नंबरों के प्रसारण पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। नियमों का उल्लंघन करने वाली समितियों पर त्वरित दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। पंडाल परिसर में त्रिस्तरीय सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक पूजा समिति को अपने आयोजन स्थल पर आवश्यक संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे। पूजा समितियों को अपने यहां तैनात होने वाले सभी स्वयंसेवकों का संपूर्ण विवरण पहले से ही स्थानीय पुलिस को सौंपना होगा। चयनित स्वयंसेवकों को रात भर पंडाल परिसर में रहकर निगरानी रखनी होगी। भीड़ नियंत्रण और आपात स्थिति से निपटने के लिए पंडालों में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग द्वार बनाने होंगे। पुरुष और महिला श्रद्धालुओं के लिए अलग कतारों की व्यवस्था करनी होगी तथा आपातकालीन निकास मार्गों को पूरी तरह सुगम रखना होगा। अग्नि सुरक्षा, बिजली व्यवस्था और नशामुक्त परिसर दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रत्येक पंडाल में एक प्रशिक्षित और अनुभवी इलेक्ट्रीशियन की हर समय उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी। पर्याप्त अग्नि सुरक्षा उपकरण लगाने के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कर्मियों को पहले से प्रशिक्षण लेना आवश्यक होगा। इसके साथ ही, आयोजकों को पंडालों के प्रमुख स्थानों पर स्पष्ट नोटिस प्रदर्शित करने होंगे, जिनमें पूजा परिसर को धूम्रपान निषेध और शराब निषेध क्षेत्र घोषित किया गया हो। प्रतिमा विसर्जन के लिए नए नियम और घाटों में बदलाव प्रतिमा विसर्जन की प्रक्रिया को लेकर भी प्रशासन ने स्पष्ट सीमा तय कर दी है। प्रत्येक पूजा मंडप से विसर्जन के समय प्रतिमा के साथ अधिकतम पांच लोगों को ही जाने की अनुमति मिलेगी। अधिकारियों ने यह भी सूचित किया कि इस वर्ष नूनमाटी स्थित चुनसाली घाट पर प्रतिमा विसर्जन की अनुमति नहीं होगी। इसके स्थान पर, नारेंगी-नूनमाटी पूजा समिति की प्रतिमाओं का विसर्जन कचहरी घाट पर किया जाएगा। इसका आप पर असर गुवाहाटी में दुर्गा पूजा आयोजकों, दर्शनार्थियों और स्थानीय निवासियों को इस बार सुरक्षा और ध्वनि से जुड़े कड़े नियमों का पालन करना होगा। • गुवाहाटी में: पंडालों में दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को अलग कतारों और सख्त जांच व्यवस्था का पालन करना होगा। रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर बंद रहने से आवासीय क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को अनावश्यक शोर से राहत मिलेगी। • आयोजकों के लिए: पूजा समितियों को पंडाल लगाने से पहले पुलिस तथा दमकल विभाग से मंजूरी लेना और सीसीटीवी लगाना अनिवार्य होगा। स्वयंसेवकों की सूची पुलिस को देनी होगी तथा विसर्जन के दौरान प्रतिमा के साथ केवल पांच व्यक्तियों को ही जाने की छूट होगी। • यातायात और विसर्जन पर: सड़कों पर अवरोध पैदा करने वाले पंडालों पर रोक लगने से त्योहार के दिनों में जाम की समस्या कम होगी। नूनमाटी के चुनसाली घाट पर विसर्जन बंद होने के कारण संबंधित समितियों को अपने तय कार्यक्रम के अनुसार कचहरी घाट पहुंचना होगा। • सार्वजनिक अनुशासन पर: सभी पंडालों को तंबाकू और शराब मुक्त क्षेत्र घोषित किया गया है, जिसका उल्लंघन करने पर आयोजक और नागरिक दोनों कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं। किसी भी आपत्तिजनक या अश्लील गीत पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। ऐसा क्यों हुआ त्योहारों के दौरान अत्यधिक भीड़, दुर्घटनाओं के खतरे और ध्वनि प्रदूषण की शिकायतों को रोकने के लिए प्रशासन ने यह कदम उठाया है। • सुरक्षा और आपदा नियंत्रण: बड़े आयोजनों में भगदड़, आगजनी और बिजली के शॉर्ट सर्किट से होने वाली दुर्घटनाओं से बचाव के लिए पूर्व प्रशिक्षण और तकनीकी कर्मियों की मौजूदगी अनिवार्य की गई है। • ध्वनि प्रदूषण पर रोक: रिहायशी क्षेत्रों में देर रात तक तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजने और अनुचित गानों के इस्तेमाल को नियंत्रित करने के लिए 55 डेसिबल और रात 10 बजे की समयसीमा लागू की गई है। • विसर्जन प्रबंधन: नदी घाटों पर अत्यधिक भीड़भाड़ और सुरक्षा जोखिमों को कम करने के लिए चुनसाली घाट पर रोक लगाकर विसर्जन को कचहरी घाट पर स्थानांतरित किया गया है। सवाल-जवाब 1. गुवाहाटी में दुर्गा पूजा के लिए लाउडस्पीकर की क्या समयसीमा तय की गई है? सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक अधिकतम 55 डेसिबल तक की आवाज की अनुमति है, जबकि रात 10 बजे के बाद तेज साउंड सिस्टम पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। 2. पूजा पंडाल लगाने के लिए किन विभागों से अनुमति लेना जरूरी है? समितियों को आयोजन से पहले पुलिस विभाग और अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग से औपचारिक अनुमति लेनी होगी। 3. क्या इस वर्ष चुनसाली घाट पर प्रतिमा विसर्जन होगा? नहीं, इस साल नूनमाटी के चुनसाली घाट पर विसर्जन नहीं होगा; इसके स्थान पर कचहरी घाट पर विसर्जन किया जाएगा। 4. प्रतिमा विसर्जन के समय कितने लोगों को जाने की छूट दी गई है? प्रत्येक पूजा मंडप से प्रतिमा के साथ अधिकतम पांच व्यक्तियों को ही जाने की अनुमति रहेगी। 5. सुरक्षा के लिहाज से पंडालों में क्या इंतजाम करने होंगे? प्रत्येक पंडाल में सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे, रातभर स्वयंसेवकों की मौजूदगी अनिवार्य होगी और प्रवेश व निकास के अलग द्वार बनाने होंगे। https://trendkia.com/assam/guwahati-men-durga-puja-ko-lekara-kare-nirdesha-dhvani-sima-aura-suraksha-ke-lie-nai-gaidalaina-taya-42253 TrendKia — Har trend, sabse pehle.