गुवाहाटी में पाकिस्तानी खुफिया ऑपरेटिव का संदिग्ध जासूस गिरफ्तार, सुरक्षा बलों के गोपनीय दस्तावेज बरामद असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने सुरक्षा बलों की खुफिया जानकारी साझा करने के आरोप में बिहार के एक युवक को गुवाहाटी के किराए के मकान से पकड़ा है। असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने रविवार को गुवाहाटी के सातगांव स्थित गांधीनगर इलाके में एक गोपनीय तलाशी अभियान चलाकर पाकिस्तानी खुफिया तंत्र से जुड़े एक संदिग्ध जासूस को हिरासत में लिया। पकड़ा गया व्यक्ति बिहार के पूर्वी चंपारण का निवासी है, जिसकी पहचान इकत्तीस वर्षीय अभिषेक कुमार सिंह के रूप में हुई है। वह गुवाहाटी में किराए का कमरा लेकर रह रहा था और उस पर पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव (पीआईओ) के लिए काम करने का गंभीर आरोप लगा है। मिलिट्री इंटेलिजेंस के इनपुट से खुला जासूसी का मामला इस पूरे ऑपरेशन की शुरुआत तेजपुर स्थित गजराज मिलिट्री इंटेलिजेंस की ओर से मिले गोपनीय सुरक्षा इनपुट के बाद हुई। खुफिया तंत्र से मिली इस जानकारी के आधार पर असम पुलिस एसटीएफ के महानिरीक्षक पार्थ सारथी महंत और शोणितपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बरुण पुरकायस्थ ने संयुक्त रूप से योजना तैयार की। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों के समन्वय से शुरुआती सूचना को पुख्ता रणनीतिक कार्रवाई में बदला गया। एकत्र किए गए विवरण से यह सामने आया कि अभिषेक कुमार सिंह पाकिस्तानी हैंडलर के सीधे संपर्क में था और उसके निर्देशों पर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। किराए के ठिकाने पर छापेमारी और अहम बरामदगी पुख्ता जानकारी मिलते ही एसटीएफ की टीम ने गुवाहाटी के सातगांव इलाके में स्थित आरोपी के किराए के ठिकाने पर अचानक छापा मारा। इस तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा दस्ते ने अभिषेक कुमार सिंह को अपने नियंत्रण में ले लिया। मकान की गहन जांच के दौरान टीम को कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड और सुरक्षा से संबंधित विभिन्न प्रतिबंधित गोपनीय दस्तावेज हाथ लगे। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन संचार माध्यमों और डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल संवेदनशील सूचनाओं को सीमा पार पहुंचाने के लिए किया जा रहा था। गोपनीय सूचनाओं के आदान-प्रदान की गहन जांच शुरुआती पूछताछ और जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी सुरक्षा बलों की गतिविधियों और उनकी व्यवस्था से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां पाकिस्तानी हैंडलर तक पहुंचा रहा था। असम पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सिंह की संलिप्तता जासूसी की गतिविधियों में पाई गई है, जिसमें वह सुरक्षा बलों से जुड़े बेहद गोपनीय विवरण पाकिस्तानी ऑपरेटिव को भेज रहा था। जांच अधिकारी अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि आरोपी कितने समय से इस संपर्क में था, उसने अब तक किस तरह के महत्वपूर्ण दस्तावेज साझा किए हैं और इस नेटवर्क में देश के भीतर अन्य कौन से मददगार शामिल हो सकते हैं। इसका आप पर असर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इस खुलासे से देश और पूर्वोत्तर क्षेत्र की निगरानी व्यवस्था में सतर्कता बढ़ाई गई है। • भारत में: सीमा पार खुफिया अभियानों को देखते हुए रक्षा प्रतिष्ठानों और संवेदनशील इलाकों में आंतरिक निगरानी नियमों को सख्त किया जा रहा है। आम नागरिकों को किसी भी अनजान डिजिटल संपर्क या संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना देने की सलाह दी जाती है। • गुवाहाटी और असम में: राज्य में किराएदारों के सत्यापन और पहचान पत्रों की जांच को पुलिस प्रशासन द्वारा और अधिक कड़ा किया जाएगा। मकान मालिकों को अपने यहां रहने वाले बाहरी किराएदारों का विवरण स्थानीय थाने में अनिवार्य रूप से साझा करना होगा। • सुरक्षा बलों के लिए: सैन्य प्रतिष्ठानों के आसपास अनधिकृत गतिविधियों और गोपनीय सूचनाओं की सुरक्षा के लिए डिजिटल प्रोटोकॉल का पुनर्मूल्यांकन किया जा रहा है। सभी इकाइयों को अनधिकृत व्यक्तियों द्वारा की जाने वाली टोह पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। • जांच और निगरानी पर: बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्ड के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि कहीं इस नेटवर्क के तार अन्य राज्यों तक तो नहीं फैले हैं। इसके आधार पर आने वाले दिनों में संबंधित ठिकानों पर और भी गिरफ्तारियां संभव हैं। ऐसा क्यों हुआ यह गिरफ्तारी सैन्य खुफिया तंत्र से मिले सटीक इनपुट और दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के त्वरित रणनीतिक समन्वय के कारण संभव हुई। • सैन्य खुफिया तंत्र की सतर्कता: तेजपुर स्थित गजराज मिलिट्री इंटेलिजेंस ने सुरक्षा बलों से जुड़े संवेदनशील डेटा लीक की असामान्य हलचल को ट्रैक किया था। इस प्राथमिक जानकारी ने पूरे नेटवर्क का पता लगाने की आधारशिला रखी। • रणनीतिक पुलिस समन्वय: एसटीएफ महानिरीक्षक पार्थ सारथी महंत और शोणितपुर एसएसपी बरुण पुरकायस्थ ने खुफिया जानकारी को सत्यापित कर सटीक ऑपरेशनल इनपुट में बदला। इसी तालमेल की वजह से आरोपी को बिना मौका दिए पकड़ा जा सका। • पाकिस्तानी ऑपरेटिव के निर्देश: प्राथमिक जांच के अनुसार आरोपी विदेशी हैंडलर के संपर्क में था और कथित तौर पर उसके निर्देशों पर सुरक्षा बलों से जुड़े गोपनीय दस्तावेज जुटाकर भेज रहा था। मामले में आगे की कड़ियों को जोड़ने के लिए डिजिटल फॉरेंसिक जांच जारी है। सवाल-जवाब 1. गुवाहाटी में किसे और कहां से गिरफ्तार किया गया? असम पुलिस एसटीएफ ने बिहार के पूर्वी चंपारण निवासी इकत्तीस वर्षीय अभिषेक कुमार सिंह को गुवाहाटी के सातगांव स्थित गांधीनगर में उसके किराए के मकान से पकड़ा। 2. आरोपी पर क्या आरोप लगे हैं? उस पर पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव (पीआईओ) का मुखबिर बनकर भारतीय सुरक्षा बलों से जुड़ी गोपनीय जानकारी और दस्तावेज भेजने का आरोप है। 3. छापेमारी के दौरान पुलिस को क्या बरामद हुआ? एसटीएफ ने तलाशी के दौरान कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड और सुरक्षा से संबंधित विभिन्न प्रतिबंधित गोपनीय दस्तावेज बरामद किए। 4. इस कार्रवाई का इनपुट किस एजेंसी ने दिया था? यह कार्रवाई तेजपुर स्थित गजराज मिलिट्री इंटेलिजेंस द्वारा साझा किए गए इनपुट के आधार पर की गई। https://trendkia.com/assam/guwahati-men-pakistani-intelligence-operative-ka-sndigdha-jasusa-giraphtara-suraksha-balon-ke-gopaniya-dastaveja-baramada-42881 TrendKia — Har trend, sabse pehle.