# गुवाहाटी में ट्रकों के ईंधन टैंकों से 43 करोड़ रुपये की नशीली गोलियां जब्त, दो तस्कर गिरफ्तार

> नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने गुवाहाटी में दो ट्रकों के ईंधन टैंकों में छिपाकर ले जाई जा रही 53.937 किलोग्राम मेथामफेटामाइन गोलियां बरामद कर दो लोगों को हिरासत में लिया है।

**Type:** article · **Category:** असम · **Published:** 2026-10-11 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/assam/guwahati-men-trakon-ke-indhana-tainkon-se-43-karora-rupaye-ki-nashili-goliyan-jabta-do-taskara-giraphtara-46459 · **Language:** Hindi
**Tags:** गुवाहाटी, एनसीबी, मेथामफेटामाइन, ड्रग्स जब्ती, असम, मणिपुर, क्राइम

असम के गुवाहाटी में मादक पदार्थों की एक बहुत बड़ी अंतरराष्ट्रीय तस्करी की साजिश को नाकाम किया गया है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की गुवाहाटी इकाई ने खुफिया सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रकों के ईंधन टैंकों में विशेष गुप्त कैविटी बनाकर छिपाकर लाई जा रही 53.937 किलोग्राम मेथामफेटामाइन और डब्ल्यूवाई गोलियां बरामद की हैं। अवैध बाजार में इस नशीली खेप की अनुमानित कीमत करीब 43 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह मादक पदार्थ म्यांमार से तस्करी कर लाए जाने का संदेह है। इस कार्रवाई के दौरान मौके से दो तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है।

## ईंधन टैंकों में बनाई गई थीं विशेष गुप्त जगहें
खुफिया जानकारी के आधार पर केंद्रीय मादक पदार्थ नियंत्रण एजेंसी के दल ने 6 अक्टूबर को संदिग्ध मार्ग पर निगरानी बढ़ाते हुए दो ट्रकों को रोका। दोनों भारी वाहनों की बेहद गहन और व्यवस्थित तरीके से तलाशी ली गई। जांच अधिकारियों ने पाया कि ट्रकों के सामान्य ईंधन टैंकों में आंतरिक बदलाव किए गए थे और उनके भीतर बेहद शातिराना तरीके से गुप्त खाने बनाए गए थे। इन कैविटीज को केवल इसलिए तैयार किया गया था ताकि सुरक्षा और जांच एजेंसियों की नजरों से बचकर नशीले पदार्थों को गुप्त रूप से एक स्थान से दूसरे स्थान पहुंचाया जा सके। इन टैंकों से पूरी खेप सुरक्षित बाहर निकाल ली गई और वाहनों को अपने कब्जे में ले लिया गया।

## मणिपुर के दो आरोपी हिरासत में, पूरे सिंडिकेट पर जांच तेज
मौके से पकड़े गए दोनों तस्कर मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के रहने वाले हैं। अधिकारियों ने प्रतिबंधित खेप की बरामदगी के तुरंत बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जांच एजेंसी का मानना है कि इस बड़ी बरामदगी से मादक पदार्थों के एक प्रमुख नेटवर्क की कमर टूटी है। अब जांचकर्ता इस पूरे गिरोह के अंतरराष्ट्रीय सप्लायर्स, देश के भीतर खेप प्राप्त करने वाले खरीदारों, नेटवर्क को फंड करने वाले फाइनेंसरों, माल ढोने वाले ट्रांसपोर्टरों, हैंडलर्स और अन्य सहयोगियों की पहचान करने में जुटे हैं। इस पूरी आपूर्ति श्रृंखला का सिरा तलाश कर पूरे रैकेट को जड़ से खत्म करने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है।

## फरार आरोपियों के खिलाफ विशेष पखवाड़ा अभियान
एनडीपीएस मामलों में लंबे समय से कानून से बच रहे आरोपियों को पकड़ने के लिए चलाए गए विशेष अभियान के तहत भी बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस विशेष पखवाड़े के दौरान एजेंसी ने छह प्रमुख वांछित आरोपियों को दबोचा है। पकड़े गए इन आरोपियों में से दो असम के निवासी हैं, जबकि एक-एक आरोपी बिहार, मध्य प्रदेश, मणिपुर और त्रिपुरा का रहने वाला है। एजेंसी ने इन गिरफ्तारियों को कानूनी प्रक्रिया से बचने वालों को न्याय के कटघरे में खड़ा करने की दिशा में एक ठोस कदम बताया है, जिससे यह साफ होता है कि भौगोलिक सीमाओं से परे जाकर लंबित मामलों में आरोपियों का पीछा किया जा रहा है।

## पूर्वोत्तर में विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के साथ साझा मोर्चा
असम और पूर्वोत्तर क्षेत्र में प्रवर्तन अभियान केवल किसी एक जब्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य पूरे तस्करी तंत्र को नेस्तनाबूद करना है। इसमें सीमा पार के स्रोत, ट्रांजिट मार्ग, फाइनेंसर, लॉजिस्टिक्स मुहैया कराने वाले लोग, वितरक और प्रमुख संचालक शामिल हैं। चूंकि यह अवैध कारोबार संगठित और सीमा पार प्रकृति का है, इसलिए एजेंसी राज्य पुलिस, एएनटीएफएस, असम राइफल्स, बीएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी, सीमा शुल्क, डीआरआई, एनआईए और ईडी जैसी संस्थाओं के साथ वास्तविक समय पर खुफिया जानकारी साझा कर रही है ताकि इन तस्कर नेटवर्कों के वित्तीय और लॉजिस्टिक बुनियादी ढांचे पर सीधा प्रहार किया जा सके।

## इसका आप पर असर
पूर्वोत्तर के रास्ते देश भर में नशीली दवाओं की आपूर्ति की एक बहुत बड़ी खेप रोके जाने से सुरक्षा जांच और सीमाओं पर चौकसी और कड़ी हो सकती है।

- **भारत में:** देश भर के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों और अंतरराज्यीय सीमाओं पर भारी वाहनों की सघन जांच अभियान तेज हो सकते हैं। परिवहन कंपनियों और ट्रक ऑपरेटरों को अपने ड्राइवरों और वाहनों की आवाजाही को लेकर अतिरिक्त सतर्कता और सत्यापन नियमों का पालन करना होगा।
- **गुवाहाटी और असम में:** राज्य में प्रवेश करने वाले व्यापारिक मार्गों और अंतरराज्यीय चेकपोस्टों पर वाहनों की गहन स्कैनिंग और भौतिक निरीक्षण में वृद्धि होगी। स्थानीय पुलिस और केंद्रीय बलों की बढ़ती तैनाती से सामान्य माल ढुलाई में जांच संबंधी थोड़ी देरी देखने को मिल सकती है।
- **सीमा सुरक्षा पर:** पूर्वोत्तर से जुड़े संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों में गश्त और खुफिया निगरानी को अधिक मजबूत किया जाएगा। अवैध तस्करी नेटवर्क पर नकेल कसने के लिए विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान और तेज होगा।
- **कानूनी कार्रवाई:** एनडीपीएस मामलों में वांछित चल रहे अन्य फरार अपराधियों पर कानून का शिकंजा और कसेगा। लंबे समय से लंबित मामलों में राज्यों के बीच त्वरित धरपकड़ अभियानों में तेजी आएगी।

## ऐसा क्यों हुआ
यह बड़ी बरामदगी पूर्वोत्तर राज्यों के जरिए म्यांमार से भारत में नशीले पदार्थों की तस्करी की संगठित कोशिश और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सटीक खुफिया निगरानी के चलते सामने आई है।

- **सीधे तौर पर:** केंद्रीय एजेंसी को गुप्त सूचना मिली थी कि दो ट्रकों के जरिए भारी मात्रा में नशीली गोलियां ले जाई जा रही हैं। इसी सूचना के आधार पर 6 अक्टूबर को वाहनों को रोककर की गई गहन जांच में ईंधन टैंकों में छिपाई गई दवाएं बरामद हुईं।
- **तस्करी का तरीका:** सुरक्षा बलों और चौकियों की जांच से बचने के लिए ट्रकों के डीजल टैंकों में तकनीकी बदलाव कर गुप्त जगहें बनाई गई थीं। इस तरह के गोपनीय ढांचे तैयार करके लंबी दूरी तक भारी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्री पहुंचाने की योजना बनाई गई थी।
- **सीमा पार का नेटवर्क:** जब्त की गई गोलियों के तार म्यांमार से जुड़े होने का संदेह है, जहां से भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में ऐसे प्रतिबंधित पदार्थ भेजे जाते हैं। इस नेटवर्क में कई राज्यों के ऑपरेटर, स्थानीय हैंडलर और अंतरराष्ट्रीय सप्लायर आपस में जुड़े होते हैं।
- **व्यापक अभियान:** फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए चलाए जा रहे विशेष पखवाड़े और अंतर-एजेंसी तालमेल ने ऐसे गिरोहों पर दबाव बढ़ा दिया है। लगातार चल रही जांच के कारण इस सिंडिकेट के कई अहम सदस्यों की पहचान संभव हो सकी है।

## सवाल-जवाब

### 1. गुवाहाटी में कितनी मात्रा में नशीला पदार्थ जब्त किया गया?
जांच अधिकारियों ने ट्रकों से 53.937 किलोग्राम मेथामफेटामाइन और डब्ल्यूवाई गोलियां बरामद की हैं।

### 2. जब्त की गई इस नशीली खेप की बाजार में कीमत कितनी है?
अवैध बाजार में इस नशीली सामग्री का अनुमानित मूल्य लगभग 43 करोड़ रुपये आंका गया है।

### 3. ट्रकों में नशीला पदार्थ किस तरह छिपाया गया था?
तस्करों ने सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए दोनों ट्रकों के ईंधन टैंकों में विशेष रूप से गुप्त कैविटी तैयार की थीं।

### 4. इस मामले में किन लोगों को गिरफ्तार किया गया है?
मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के रहने वाले दो तस्करों को इस जब्ती के सिलसिले में मौके से गिरफ्तार किया गया है।

### 5. नशीली गोलियों के कहां से लाए जाने का संदेह है?
अधिकारियों को संदेह है कि बरामद की गई यह नशीली खेप म्यांमार से तस्करी करके लाई गई थी।

### 6. फरार आरोपियों के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान में कितने लोग पकड़े गए?
एनडीपीएस मामलों में वांछित छह प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जो असम, बिहार, मध्य प्रदेश, मणिपुर और त्रिपुरा के हैं।

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