नई दिल्ली के भारत मंडपम में भूपेन हजारिका के शताब्दी समापन समारोह की तैयारियों का जायजा ले रहे हिमंत बिस्वा सरमा असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में भारत रत्न डॉ. भूपेन हजारिका के साल भर चलने वाले शताब्दी समारोह के समापन कार्यक्रम की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम पहुंचकर महान संगीतकार और भारत रत्न से सम्मानित डॉ. भूपेन हजारिका के साल भर चलने वाले शताब्दी समारोह के समापन कार्यक्रम की तैयारियों का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। इस भव्य आयोजन का उद्देश्य भारतीय संगीत, सिनेमा और साहित्य में हजारिका के अमूल्य योगदान को एक उपयुक्त श्रद्धांजलि अर्पित करना है, जिसके लिए असम सरकार राष्ट्रीय राजधानी के इस प्रतिष्ठित स्थल पर एक विशाल सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की पूरी तैयारी कर रही है। शताब्दी समारोह के अंतिम चरण की रूपरेखा भारत मंडपम का दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी इस यात्रा और तैयारियों के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस महान कलाकार को, जिन्हें लोग प्यार से 'सुधकांठा' के नाम से भी जानते हैं, एक बेहद यादगार और भव्य श्रद्धांजलि देने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अपने आधिकारिक अकाउंट पर साझा किए गए संदेश में उन्होंने लिखा कि इस भव्य समापन समारोह की सुविधाओं और तैयारियों की समीक्षा करने के लिए उन्होंने आज भारत मंडपम का दौरा किया है और इस महान हस्ती की विरासत के बिल्कुल अनुकूल एक अविस्मरणीय श्रद्धांजलि तैयार की जा रही है। सांस्कृतिक धरोहर और विरासत का स्मरण यह पूरा शताब्दी वर्ष महान संगीतकार के जन्म के सौ साल पूरे होने के उपलक्ष्य में मनाया जा रहा है, जिनका जन्म 8 सितंबर 1926 को असम की धरती पर हुआ था। उनके अद्वितीय संगीत, सिनेमाई कृतियों और साहित्यिक योगदान ने उन्हें पूरे देश में व्यापक पहचान दिलाई, जबकि उनकी रचनाओं में हमेशा मानवता, सामाजिक न्याय, समानता और आपसी सद्भाव जैसे गहरे विषय प्रमुखता से झलके। पूर्वोत्तर की पारंपरिक संस्कृति और वहां के जनजीवन के अनुभवों से प्रेरणा लेकर उन्होंने इस क्षेत्र के लोक संगीत और अनकही कहानियों को एक बहुत बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचाने में एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। सर्वोच्च सम्मान और सरकारी प्रयास संगीत और कला जगत में उनके अतुलनीय योगदान को देखते हुए उन्हें मरणोपरांत देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान यानी भारत रत्न से वर्ष 2019 में नवाजा गया था। इसके अलावा उन्हें अपने जीवनकाल और कलात्मक सफर में पद्म विभूषण और प्रतिष्ठित दादा साहब फाल्के पुरस्कार जैसे अन्य कई सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मानों से भी अलंकृत किया जा चुका है। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने वाले इस अंतिम कार्यक्रम से इस वर्षभर चलने वाले उत्सव का समापन होने की उम्मीद है, जिसमें देश भर के तमाम जाने-माने कलाकार, प्रतिष्ठित सांस्कृतिक शख्सियतें और गणमान्य लोग शामिल होकर इस महान संगीतकार और फिल्म निर्माता के जीवन और उनकी अद्भुत कृतियों को याद करेंगे। असम सरकार ने इस पूरे शताब्दी वर्ष के दौरान हजारिका के उन ऐतिहासिक योगदानों को प्रमुखता से रेखांकित किया है जिन्होंने देश की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया और उनकी रचनाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाया। इसका आप पर असर इस आयोजन का सीधा असर देश और राज्य के सांस्कृतिक परिदृश्य पर पड़ेगा, जहां युवा पीढ़ी को महान हस्ती की विरासत से जुड़ने का मौका मिलेगा। • भारत में: देश भर के संगीत प्रेमियों और सांस्कृतिक संगठनों को महान कलाकार के योगदान को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। • असम में: राज्य के लोगों और कलाकारों के लिए यह एक गौरवशाली क्षण होगा जब राष्ट्रीय राजधानी में उनके सांस्कृतिक नायक को भव्य सम्मान मिलेगा। ऐसा क्यों हुआ यह भव्य आयोजन डॉ. भूपेन हजारिका के जन्म के सौ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष್ಯ में आयोजित किया जा रहा है। सरकार इस वर्षभर के उत्सव को एक भव्य और यादगार समापन देना चाहती है। • शताब्दी वर्ष का समापन: यह कार्यक्रम हजारिका के जन्म के सौ साल पूरे होने पर आयोजित हो रहे साल भर के कार्यक्रमों का अंतिम चरण है। • सांस्कृतिक महत्व: सरकार इस आयोजन के जरिए उनकी विरासत को राष्ट्रीय मंच पर सहेजने का प्रयास कर रही है। सवाल-जवाब 1. भूपेन हजारिका के शताब्दी समारोह का समापन कार्यक्रम कहां आयोजित हो रहा है? समापन समारोह नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है। 2. इस समारोह की तैयारियों का जायजा किसने लिया है? असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने नई दिल्ली पहुंचकर तैयारियों का निरीक्षण किया है। 3. भूपेन हजारिका का जन्म कब हुआ था? उनका जन्म 8 सितंबर 1926 को असम में हुआ था। 4. भूपेन हजारिका को भारत रत्न से कब सम्मानित किया गया था? उन्हें वर्ष 2019 में मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। https://trendkia.com/assam/himanta-biswa-sarma-inspects-preparations-for-bhupen-hazarika-centenary-finale-at-bharat-mandapam-in-new-delhi-39546 TrendKia — Har trend, sabse pehle.